दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी में संपत्ति कर के पुराने बकाये मुकदमों और टैक्स विवादों को सुलझाने के लिए एक बेहद आकर्षक योजना पेश की है. निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने 'संपत्ति कर निपटान योजना (सुनियो 2) वन प्लस सेवन की आधिकारिक शुरुआत की घोषणा कर दी है.
यह योजना मंगलवार से प्रभावी रूप से लागू हो चुकी है. इसके सात ही अब करदाताओं को अपने पुराने टैक्स बकाये को बिना किसी ब्याज या पेनल्टी के निपटाने का एक सुनहरा मौका मिला है.
क्या है वन प्लस सेवन फॉर्मूला
योजना को आसान भाषा में समझाने के लिए एमसीडी ने इसे वन प्लस सेवन नाम दिया है. इसमें वन का मतलब वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल संपत्ति कर है. वहीं, सेवन का मतलब पिछले 7 वित्तीय वर्षों का मूल संपत्ति कर है. इस योजना के तहत अगर कोई करदाता चालू वर्ष यानी 2026-27 के साथ-साथ पिछले 7 वर्षों का मूल टैक्स जमा कर देता हैं, तो उसे वर्ष 2019-20 से पहले के सभी बकाये पर लगने वाले भारी भरकम ब्याज और जुर्माने से पूरी राहत दे दी जाएगी.
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31 दिसंबर 2026 तक मिलेगा योजना का लाभ
निगम अधिकारियों के मुताबिक इस योजना की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 तय की गई है. यानी इस योजना के तहत ब्याज और जुर्माना माफी का लाभ केवल उन्हीं करदाताओं को मिलेगा, जो 31 दिसंबर तक अपना मूल कर जमा कर देंगे. इस दौरान एमसीडी ज्यादा से ज्यादा करदाताओं तक पहुंचने के लिए बकायेदारों को एसएमएस और मैसेज भेज कर इस राहतत की जानकारी देगी. इसके अलावा, एमसीडी के अधिकारी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों, आरडब्ल्यूए , मार्केट एसोसिएशन्स और व्यापारिक संगठनों के साथ मिलकर जगह-जगह जागरूकता और टैक्स कलेक्शन शिविर आयोजित करेंगे.
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