ट्रेन में सफर करने वालों क सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्ता युक्त खानपान को उपल्ध कराने के लिए IRCTC ने देशभर में बिना मंजूरी वाले खाने-पीने के सामान रे खिलाफ अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत IRCTC की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) रेलवे के कमर्शियल विभाग के साथ मिलकर ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर औचक जांच कर रही है. कार्रवाई के दौरान अब तक 8,349 से अधिक बिना मंजूरी वाले पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की बोतलें जब्त की जा चुकी हैं, जबकि कई जगहों पर आइसक्रीम, छाछ, फ्लेवर्ड मिल्क और अन्य खाद्य पदार्थ भी पकड़े गए हैं.
IRCTC के मुताबिक, जांच के दौरान बिना मंजूरी वाले पैकेज्ड पानी, खाद्य और पेय पदार्थों के अलावा कैटरिंग स्टॉलों के लाइसेंस, स्वच्छता व्यवस्था और फूड सेफ्टी नियमों के पालन की भी जांच की जा रही है. इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराना है.
लखनऊ में 117 ट्रेनों की जांच, 5,241 बोतलें जब्त
उत्तर रेलवे के लखनऊ क्षेत्र में 28 जुलाई से 8 अघस्त के बीच चलाए गए विशेष अभियान के दौरान IRCTC और रेलवे अधिकारियों ने 117 ट्रेनों की जांच की. इस दौरान 5,241 बिना मंजूरी वाले पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की बोतलें जब्त की गईं.
चंडीगढ़ मंडल में 3,108 बोतलें पकड़ी गईं
चंडीगढ़ क्षेत्र में अंबाला, लुधियाना, अमृतसर, कटरा और जम्मू सहित कई स्टेशनों और ट्रेनों में जांच अभियान चलाया गया. यहां 51 ट्रेनों की जांच के दौरान 3,108 बिना मंजूरी वाले पानी की बोतलें जब्त की गईं. अंबाला में हुई दो औचक जांचों के दौरान 13 कार्टन बिना मंजूरी वाले उत्पाद भी बरामद हुए, जिनमें आइसक्रीम और फ्लेवर्ड मिल्क शामिल थे. सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर भी इसी तरह की कार्रवाई में आइसक्रीम, पेय पदार्थ और पैकेज्ड पानी जब्त किया गया.
साबरमती, हावड़ा और पूर्वोत्तर में भी कार्रवाई
गुजरात के साबरमती बीजी रेलवे स्टेशन पर 9 अगस्त को की गई जांच में ट्रेन संख्या 19223 और 19031 में बिना मंजूरी वाले पैकेज्ड पानी और छाछ लोड किए जाने का मामला सामने आया. IRCTC अधिकारियों ने तुरंत दोनों प्रोडक्ट्स को जब्त कर लिए.
वहीं, हावड़ा में रेलवे के कमर्शियल डिपार्टमेंट के साथ संयुक्त कार्रवाई के दौरान बिना मंजूरी वाले खाद्य और पेय पदार्थ बरामद किए गए, जिन्हें बाद में नष्ट कर दिया गया. इसके अलावा गुवाहाटी, कामाख्या, अगरतला, कटिहार, न्यू जलपाईगुड़ी और डिब्रूगढ़ में 8 से 14 अगस्त के बीच बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया गया. यहां ट्रेनों और कैटरिंग यूनिट्स में खाद्य सामग्री, ओवरचार्जिंग, कर्मचारियों के दस्तावेज, साफ-सफाई, कीट नियंत्रण और फूड सेफ्टी मानकों की जांच की गई.
कैटरिंग संचालकों को सख्त चेतावनी
IRCTC ने सभी लाइसेंसधारी कैटरिंग संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे ट्रेनों में किसी भी प्रकार के बिना मंजूरी वाले खाने या पेय पदार्थ को न तो स्टॉक करें और न ही बेचें. उन्हें चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लाइसेंस शर्तों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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