Jewar Airport Property: 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो चुका है, तो यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास सालों से चला आ रहा इंतजार हकीकत में बदल गया है. एयरपोर्ट चालू हो गया है, उससे जुड़ी सड़कें बन चुकी हैं और आसपास उद्योग भी आना शुरू हो गए हैं. रियल एस्टेट के लिहाज से यह एक अहम मोड़ है. जिन लोगों ने जेवर एयरपोर्ट के पास पहले जमीन खरीदी थी या निर्माणाधीन फ्लैट बुक किए थे. अब उसके दाम बहुत अधिक बढ़ चुके हैं. ऐसे में अब निवेशकों और लोगों के मन सवाल है कि क्या नोएडा एयरपोर्ट के पास प्रॉपर्टी पर सारा मुनाफा उद्घाटन से पहले ही हो गया या फिर जो लोग अब, ज्यादा दाम पर यहां निवेश करेंगे, उन्हें आगे चलकर क्या अच्छा रिटर्न मिल पाएगा?
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प्रॉपर्टी के लिए यह इलाके बन रहे हॉटस्पॉट
InvestoXpert Advisors के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर विशाल रहेजा का मानना है कि अब इस पूरे इलाके की तरक्की सिर्फ अटकलों पर नहीं, बल्कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है. एयरपोर्ट के पास मकानों और जमीनों के दाम काफी बढ़ने के बावजूद मांग कम नहीं हुई है. YEIDA सेक्टर, सेक्टर 150, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और डेल्टा-जेटा जैसे इलाके अब नए हॉटस्पॉट बन रहे हैं. इसकी वजह बेहतर एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, आने वाले लॉजिस्टिक हब और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स हैं.
InvestoXpert Advisors की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले सालों में यहां हर साल 12 से 18 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं, कुछ खास इलाकों में कम समय में 20 से 25 प्रतिशत तक की ग्रोथ देखने को मिल सकती है. विशाल रहेजा के मुताबिक, जिन इलाकों में एविएशन से जुड़ा उद्योग, लॉजिस्टिक पार्क, डेटा सेंटर और फिल्म सिटी जैसे प्रोजेक्ट होंगे, वहां मांग और दाम दोनों बने रहेंगे.
सिर्फ नोएडा नहीं, बुलंदशहर तक प्रॉपर्टी पर असरजेवर एयरपोर्ट का असर अब सिर्फ नोएडा तक सीमित नहीं रहेगा. इसका प्रभाव अलीगढ़, बुलंदशहर और खुर्जा जैसे शहरों तक देखने को मिलेगा. सिंगापुर जैसी शहरी योजना, एकीकृत कमर्शियल हब और बेहतर एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी के कारण यह पूरा इलाका अब सिर्फ प्रॉपर्टी मार्केट नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक क्षेत्र बनता जा रहा है.
PropertyPistol के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष नारायण अग्रवाल का कहना है कि बेहतर एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से आस-पास के छोटे बाजार भी खुल रहे हैं और रहने की सुविधाएं व रोजगार के मौके बढ़ने से हर तरह के घरों की मांग बनी हुई है. भले ही अब पहले जैसी भारी कमाई न हो, लेकिन यह इलाके अब भी लंबे समय के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश माने जा रहे हैं, क्योंकि यहां कमर्शियल गतिविधियां बढ़ रही हैं, नौकरियों के मौके बन रहे हैं और जीवन स्तर सुधर रहा है.
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