अगर आप EPFO के सदस्य हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है. नियम के मुताबिक, अगर आपकी पहली नौकरी के समय आपकी सैलरी 15,000 रुपये से ज्यादा थी, तो आप EPS (Employees' Pension Scheme) के लिए पात्र नहीं होते. अगर इसके बावजूद आपके वेतन से EPS की कटौती हो रही है, तो इसका समाधान है. इसके लिए आप सबसे पहले अपने नियोक्ता से संपर्क करें. अगर वहां से समस्या हल नहीं होती है, तो आप EPFiGMC पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
EPS क्या है?
Employees' Pension Scheme (EPS) एक रिटायरमेंट योजना है, जो EPF के पात्र सदस्यों को पेंशन का लाभ देती है, लेकिन बहुत से कर्मचारियों को यह नहीं पता होता कि उनकी पहली नौकरी के समय की सैलरी ही तय करती है कि वे EPS के लिए योग्य हैं या नहीं.
EPFO के नियम
EPFO के नियम के मुताबिक, जिन कर्मचारियों की पहली नौकरी के समय सैलरी बेसिक + DA 15,000 रुपये से ज्यादा थी, वे आम तौर पर EPS (Employees' Pension Scheme) के सदस्य नहीं बन सकते. ऐसे कर्मचारी EPF में पैसा जमा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें EPS के तहत पेंशन का लाभ नहीं मिलता. यह नियम खासतौर पर प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि यह उनके रिटायरमेंट प्लान को प्रभावित करता है. ऐसे में कर्मचारियों को समय-समय पर अपना EPF और EPS का स्टेटस चेक करते रहना चाहिए, अगर कोई परेशानी हो, तो अपने नियोक्ता या EPFO ऑफिस से संपर्क करना चाहिए.
Important for Employees
— EPFO (@officialepfo) May 30, 2026
If your wages were more than 15,000 at the time of joining your first job, you are not eligible for EPS membership.#EPFO #EPFOWithYou #HumHainNa pic.twitter.com/bzBFmT30Pm
PF से जुड़ा जरूरी नियम
EPFO के अनुसार, अगर किसी कर्मचारी की सैलरी 15,000 रुपये से ज्यादा है, तो उसके लिए PF में शामिल होना जरूरी नहीं है यानी नई नौकरी शुरू करने वाले कर्मचारी चाहें तो PF में शामिल न होने का विकल्प चुन सकते हैं, लेकिन अगर कोई कर्मचारी पहले से EPF का सदस्य है, तो नई नौकरी में भी उसका PF अकाउंट जारी रहेगा, भले ही उसकी सैलरी 15,000 रुपये से ज्यादा हो जाए.