How to Increase Credit Card Limit: आज के समय में क्रेडिट कार्ड सिर्फ एक प्लास्टिक कार्ड नहीं, बल्कि आपकी फाइनेंशियल फ्रीडम की चाबी है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके दोस्त की क्रेडिट लिमिट लाखों में है और आपकी हजारों में ही क्यों सिमट गई? आखिर बैंक किस तराजू में तौलकर क्रेडिट कार्ड की लिमिट तय करते हैं? ऐसे में अगर आप भी अपनी क्रेडिट लिमिट बढ़वाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके बड़े काम की है. आइए समझते हैं क्रेडिट लिमिट का पूरा गणित.
कैसे तय होती है क्रेडिट लिमिट?
बैंक आपको उधार देने से पहले आपकी पूरी कुंडली खंगालते हैं. लिमिट तय करने के पीछे ये 3 बड़े फैक्टर्स होते हैं, जिसमें शामिल हैं-
- सबसे पहले बैंक देखता है कि आप महीने में कितना कमाते हैं. जितनी ज्यादा सैलरी या बिजनेस इनकम, उतना ही कम बैंक को रिस्क लगता है और उतनी ही ज्यादा मिलती है लिमिट.
- क्रेडिट स्कोर आपका रिपोर्ट कार्ड है. अगर आपने पुराने लोन या बिल समय पर भरे हैं, तो आपका स्कोर 750+ होगा. हाई स्कोर मतलब ग्रीन सिग्नल और ज्यादा लिमिट.
- अगर आपकी आधी सैलरी पुराने लोन की EMI भरने में ही जा रही है, तो बैंक आपको नई लिमिट देने में कतराएगा.
लिमिट बढ़ानी है? आजमाएं ये 4 सुपर तरीके
अगर आपकी मौजूदा लिमिट कम है और आप इसे बढ़ाना चाहते हैं, तो ये तरीके आपके काम आएंगे-
- सैलरी स्लिप अपडेट करें
क्या आपकी सैलरी पहले से बढ़ गई है? अगर हां, तो बैंक को अपनी नई सैलरी स्लिप या IT रिटर्न भेजें. जब बैंक को दिखेगा कि आपकी इनकम बढ़ गई है, तो वे खुद ही आपकी लिमिट बढ़ाने का ऑफर दे देंगे.
- समय पर चुकाएं बिल
यह सबसे पुराना और असरदार तरीका है. अगर आप लगातार 6 से 12 महीनों तक अपने बिल ड्यू डेट से पहले भरते हैं, तो बैंक आपको एक भरोसेमंद कस्टमर मानने लगता है.
- क्रेडिट यूटिलाइजेशन का रखें ख्याल
मान लीजिए आपकी लिमिट 1 लाख रुपये है, तो हर महीने पूरा 1 लाख खर्च न करें. अपनी लिमिट का सिर्फ 30-40% ही इस्तेमाल करें. इससे बैंक को लगता है कि आप क्रेडिट के भूखे नहीं हैं और आपका मैनेजमेंट शानदार है.
- बैंक से खुद करें बात
आप बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके या ऐप के जरिए लिमिट बढ़ाने की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं. अगर आपका रिकॉर्ड साफ है, तो बैंक इसे फौरन मान लेता है.
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