What is the real colour of gold : हमारे देश में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि भरोसे, परंपरा और निवेश का प्रतीक माना जाता है. आमतौर पर हम सोने को पीले रंग से जोड़ते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि सोना कई रंगों और अलग-अलग शुद्धता का मिलता है. इसलिए ज्वेलरी खरीदते समय सिर्फ चमक या डिजाइन देखना काफी नहीं होता, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि सोना कितने कैरेट का है और उसकी क्वालिटी कैसी है. सही जानकारी ही आपको समझदार खरीदार बनाती है.

फोन चोरी हो जाए तो सबसे पहले करें ये 5 काम, ब्लॉक हो जाएगा सारा डेटा, नहीं होगी कोई परेशानी
सोना कितनी तरह का होता है? (Types of Gold)
दुनिया भर में सोना अलग-अलग रंगों और मिश्रणों में मिलता है. रंग इस बात पर निर्भर करता है कि उसमें कौन-कौन सी धातुएं मिलाई गई हैं.
येलो गोल्ड (Yellow Gold) – सबसे पारंपरिक और भारत में सबसे ज्यादा पॉपुलर है.
व्हाइट गोल्ड (White Gold) – इसमें निकेल या पैलेडियम मिलाया जाता है
रोज गोल्ड (Rose Gold) – इसमें तांबा मिलाने से गुलाबी रंग आता है
ग्रीन गोल्ड (Green Gold) – चांदी की मिलावट से हल्का हरा रंग आता है
ब्लैक गोल्ड (Black Gold) – खास प्रोसेस या कोटिंग से तैयार
इनके अलावा भी कई डिजाइनर वैरायटी मौजूद हैं.

क्या होता है गोल्ड कैरेट? (What is Gold Carat?)
कैरेट सोने की शुद्धता मापने का पैमाना है. शुद्ध सोने को 24 हिस्सों में बांटा जाता है.
24 कैरेट – 99.9% शुद्ध सोना, अक्सर सिक्कों या बार में मिलता है लेकिन गहनों के लिए बहुत नरम होता है.
22 कैरेट – लगभग 91.6% सोना, पारंपरिक ज्वेलरी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है.
18 कैरेट – 75% सोना, बाकी धातुएं, मजबूत और डिजाइनर ज्वेलरी में आमतौर पर इस्तेमाल होता है.
14 कैरेट – करीब 58% सोना, बजट ज्वेलरी में इस्तेमाल होता है.
10 कैरेट – 41.7% सोना, सबसे कम शुद्धता वाला विकल्प है.
यानी कैरेट जितना कम होगा, सोने की मात्रा उतनी कम और दूसरी धातुएं ज्यादा होंगी.

Photo Credit: (Photo: Freepix)
असली सोने की पहचान कैसे करें? (How to Check Gold Purity?)
सोना खरीदते समय केवल रंग देखकर भरोसा करना सही नहीं है. असली सोने की पहचान के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
1. बीआईएस हॉलमार्क (BIS Hallmark): भारत में असली सोने के गहनों पर BIS का हॉलमार्क बना होता है. यह सरकार की तरफ से दिया गया भरोसे का निशान है, जो बताता है कि सोना जांचा-परखा और शुद्ध है.
2. कैरेट मार्किंग (Carat Mark): ज्वेलरी पर 22K, 18K जैसे नंबर लिखे होते हैं, जो उसकी शुद्धता यानी प्योरिटी बताते हैं.
3. HUID नंबर (6 अंकों का कोड): हर हॉलमार्क ज्वेलरी पर एक यूनिक कोड होता है, जिससे उसकी जांच की जा सकती है.
इसलिए सोना खरीदते समय सिर्फ डिजाइन नहीं, बल्कि उसकी शुद्धता और हॉलमार्क जरूर जांचें. सही जानकारी आपको नकली या कम शुद्ध सोने से बचा सकती है और आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रखती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं