राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. दिल्ली सरकार ने 12,000 करोड़ रुपये की लागत वाले 'एलिवेटेड रिंग रोड कॉरिडोर' प्रोजेक्ट के पहले चरण को मंजूरी दे दी है. इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत यमुना नदी पर दो नए पुल बनाए जाएंगे, जिससे उत्तर, पूर्व, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी पहले से कहीं बेहतर हो जाएगी और लोगों को जाम से राहत मिलेगी. एलिवेटेड रिंग रोड कॉरिडोर की कुल लंबाई 55 किलोमीटर होगी.
यमुना नदी पर दो नए पुल बनाए जाएंगे
दिल्ली सरकार शहर में सुचारू यातायात सुनिश्चित करने और उत्तरी तथा दक्षिणी हिस्सों के बीच आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए राजधानी में यमुना नदी पर दो और पुल बनाएगी. लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि 'एलिवेटेड रिंग रोड' की पहली परियोजना को हाल ही में मंजूरी दी गई है. वर्तमान में यमुना नदी पर लगभग 25 सड़क और रेलवे पुल हैं. ये राजधानी को पूर्वी दिल्ली तथा एनसीआर के शहरों जैसे नोएडा और गाजियाबाद से जोड़ते हैं. सिंह ने कहा, 'पहले चरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी मिल गई है, जिसमें आजादपुर से आश्रम क्षेत्र तक का हिस्सा शामिल होगा. यमुना नदी पर दो पुल अलग-अलग स्थानों पर बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों के लिए ‘सिग्नल-फ्री' सड़कें उपलब्ध होंगी'. अधिकारियों के अनुसार, रैंप, लूप और अन्य संपर्क सड़कों को जोड़ने के बाद पूरे कॉरिडोर की लंबाई लगभग 80 किलोमीटर तक पहुंच सकती है.
पहला पुल- पुराने लोहे के पुल यानी लोहा पुल के पास एक नया पुल बनाया जाएगा, जो पुराने ढांचे को रिप्लेस करेगा. इससे कश्मीरी गेट और आईटीओ पुल पर वाहनों का भारी दबाव कम होगा.
दूसरा पुल- यह पुल चंदगीराम अखाड़ा यानी मेटकाफ हाउस के पास बनाया जाएगा, जो उत्तर-पूर्व दिल्ली, आईटीओ और मयूर विहार के बीच आवागमन को सुगम बनाएगा.
आजादपुर से आश्रम तक सिग्नल-फ्री सफर
पहले चरण में आजादपुर से लेकर आश्रम चौक तक रिंग रोड के ऊपर एक नया एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 55 किमी का बनाया जाएगा. इस कॉरिडोर के बन जाने के बाद मुख्य चौराहों पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी और गाड़ियां लगभग 45 KMPH की रफ्तार से दौड़ सकेगी. इसके पहले चरण में मेटकाफ हाउस से आश्रम तक काम होगा, जिसमें तीन प्रमुख हिस्से- आजादपुर से मेटकाफ हाउस (7 किमी), मजनू का टीला से सलीमगढ़ किला (5 किमी) और सलीमगढ़ किला से डीएनडी (आश्रम) शामिल हैं.
यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी होगी. चंदगीराम अखाड़ा के पास नया लिंक रोड दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को भी जोड़ेगा. इससे उत्तर, पूर्व, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिल्ली के बीच की कनेक्टिविटी सुधरेगी और आश्रम, धौला कुआं और कश्मीरी गेट जैसे जाम वाले इलाकों से बड़ी राहत मिलेगी.
यह भी पढ़ें:- LPG सिलेंडर लेने की नहीं पड़ेगी जरूरत, घर बैठे लगाएं बायोगैस प्लांट, 1 जुलाई से खुलेगा पोर्टल, जानिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं