Delhi Svamitva Yojana: दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों और लाल डोरा इलाकों में वर्षों से संपत्तियों का कोई व्यवस्थित और प्रामाणिक डिजिटल रिकॉर्ड न होने की वजह से यहां रहने वाले लोगों को मालिकाना हक साबित करने, बैंक लोन लेने और प्रशासनिक कामों में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. लेकिन अब दिल्ली सरकार तकनीक आधारित सुशासन के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान करने जा रही है.
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना (SVAMITVA Scheme) की प्रगति का जायजा लिया गया. इसके तहत अब दिल्ली के लाल डोरा क्षेत्रों की हर संपत्ति का अपना डिजिटल रिकॉर्ड होगा और निवासियों को क्यूआर (QR) कोड वाला स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड दिया जाएगा. माना जा रहा है कि इस डिजिटल कदम से लाल डोरा निवासियों को अपनी संपत्ति पर कानूनी और पारदर्शी अधिकार मिलेगा, जिससे भविष्य में फर्जीवाड़े और संपत्ति संबंधी विवादों पर पूरी तरह से लगाम लगेगी.
48 गांवों इस योजना में किया जा रहा शामिल
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) के साथ मिलकर योजना पर काम तेजी से चल रहा है. फिलहाल, 48 गांवों को इस योजना में शामिल किया गया है, जिनमें से 30 गांवों का हवाई और जमीनी सर्वेक्षण पूरा करके अंतिम प्रॉपर्टी कार्ड तैयार कर लिए गए हैं. अब तक कुल 12,232 संपत्तियों (Polygons) का सर्वे किया जा चुका है. इनमें से 8,423 संपत्तियां यानी लगभग 69% पूरी तरह विवाद मुक्त पाई गई हैं, जिनके स्मार्ट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. उन्होंने बताया कि दक्षिण और उत्तर पश्चिम जिलों में सर्वे की गई शत प्रतिशत संपत्तियां विवाद मुक्त पाई गई हैं.
7 चरणों में पूरी हुई प्रक्रिया
स्वामित्व योजना केवल कागजी दस्तावेज तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 7 चरणों वाली अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली पर आधारित है. दिल्ली सरकार ने इस योजना को लागू करने से पहले नीचे दिए गए प्रोसेस को अपना कर इसे पारदर्शी बनाने की कोशिश की है.
- सबसे पहले लाल डोरा क्षेत्र की सीमाओं को चिह्नित किया जाता है.
- भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा आधुनिक ड्रोन से पूरे गांव का हवाई सर्वे किया जाता है.
- राजस्व अधिकारी धरातल पर जाकर ड्रोन मैप का भौतिक स्थिति से मिलान करते हैं.
- किसी भी विसंगति को भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ मिलकर सुधारा जाता है.
- प्रत्येक संपत्ति को एक अद्वितीय संपत्ति पहचान संख्या (PID) दी जाती है.
- पीआईडी के आधार पर आधिकारिक प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किया जाता है.
- पूरे रिकॉर्ड को दिल्ली ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इन्फॉर्मेशन सिस्टम (DORIS) से रियलटाइम में जोड़ा जाएगा ताकि भविष्य में भी डेटा हमेशा अपडेट रहे.
क्यूआर कोड वाले स्मार्ट पीवीसी (PVC) कार्ड की खासियतें
दिल्ली सरकार जल्द ही एक भव्य कार्यक्रम आयोजित कर पात्र ग्रामीणों को उच्च गुणवत्ता वाले प्लास्टिक स्मार्ट कार्ड बांटेगी. इस कार्ड में कई महत्वपूर्ण विवरण दर्ज होंगे. इस कार्ड पर संपत्ति की पीआईडी (PID), जारी तिथि, गांव, जिला, कब्जाधारी व सह कब्जाधारियों का नाम, कुल क्षेत्रफल, निर्मित व खुला क्षेत्र और भूआधार नंबर अंकित होगा. वहीं, कार्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन करते ही संपत्ति का विस्तृत नक्शा, चारों दिशाओं की सीमाएं, पड़ोसियों के पीआईडी, खसरा नंबर, तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर और आधिकारिक मुहर वाला वैध कब्जा प्रमाण-पत्र स्क्रीन पर आ जाएगा.
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