Commercial Vehicle Subsidy in Delhi NCR: दिल्ली-NCR में पुराने ट्रक और बस मालिकों के लिए सरकार ने परिवर्तन योजना (PARIVARTAN Scheme) को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत BS-VI से पुराने ट्रकों, बसों और मालवाहक वाहनों की जगह नए BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहन लेने पर बंपर फायदे मिलेंगे. ऐसे वाहनों के लिए सरकार रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ कर देगी. वहीं 10 साल तक रोड टैक्स भी नहीं लगेगा. यही नहीं, लोन पर वाहन लेने पर 5% ब्याज सब्सिडी और गाड़ी कंपनियों की ओर से 8% छूट भी दी जाएगी. साथ ही फ्यूल वाउचर भी दिए जाएंगे, जिससे वाहन मालिक पेट्रोल पंपों पर भुना सकेंगे और फ्री में तेल भरवा सकेंगे. CM रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई दिल्ली सरकार की कैबिनेट मीटिंग में ये फैसला लिया गया है.
दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने और व्यावसायिक वाहनों के आधुनिकीकरण के लिए दिल्ली सरकार ने केंद्र की 'परिवर्तन' (PARIVARTAN) योजना को लागू करने का फैसला लिया. दिल्ली-NCR के करीब 2.07 लाख ट्रक और बस मालिकों को इस पारदर्शी डिजिटल योजना से सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है, जो दिल्ली EV पॉलिसी-2026 के अनुकूल है.
ये केंद्र सरकार की योजना है, जिसे दिल्ली में लागू करने और उसका समर्थन करने प्रस्ताव को रेखा गुप्ता की सरकार ने स्वीकृति दी है. सीएम रेखा गुप्ता के अनुसार ये योजना पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को हटाकर उनकी जगह बीएस-6, उससे भी कड़े प्रदूषण मानकों वाले या इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है.
BS-IV वाहन मालिकों के लिए फायदे ही फायदे
CM रेखा गुप्ता ने बताया कि योजना के तहत यदि कोई वाहन मालिक अपना BS-IV या उससे नीचे का हल्का मालवाहक वाहन (LGV) स्क्रैप कराकर नया इलेक्ट्रिक LGV खरीदता है तो उसे दिल्ली सरकार की ओर से 10 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत मोटर वाहन टैक्स यानी रोड टैक्स में छूट दी जाएगी और पंजीकरण शुल्क पूरी तरह माफ रहेगा.
इसके साथ ही ब्याज में 5 प्रतिशत की सब्सिडी (सबवेंशन), वाहन निर्माता (OEM) की ओर से 8 प्रतिशत की छूट और ईंधन वाउचर या ईंधन वाउचर के रियायती मूल्य के बराबर एकमुश्त लाभ भी मिलेगा.
यदि नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बजाय पुराना इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा जाता है तो लाभार्थी को 10 वर्षों के लिए 50 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट, ब्याज में 5 प्रतिशत की सब्सिडी (सबवेंशन) और ईंधन वाउचर के रियायती मूल्य के बराबर एकमुश्त लाभ दिया जाएगा.
BS-IV से नीचे के MGV और HGV हटाने पर भी प्रोत्साहन
योजना के तहत BS-IV या उससे नीचे के मध्यम (MGV) और भारी मालवाहक वाहन (HGV) भी बदले जा सकेंगे. ऐसे वाहन स्क्रैप कर नए बीएस-VI, उससे कड़े उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले या इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन खरीदने पर 10 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट, 100 प्रतिशत पंजीकरण शुल्क माफी, ब्याज में 5 प्रतिशत की सब्सिडी (सबवेंशन), ओईएम की ओर से 8 प्रतिशत छूट और ईंधन वाउचर या ईंधन वाउचर के रियायती मूल्य के बराबर एकमुश्त लाभ मिलेगा.
पुराना BS-VI या EV खरीदने पर भी छूट
वहीं, यदि नया वाहन खरीदने के स्थान पर पुराना बीएस-VI या इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन खरीदा जाता है तो 10 वर्षों के लिए 50 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट, ब्याज में 5 प्रतिशत की सब्सिडी (सबवेंशन) और ईंधन वाउचर या उसके रियायती मूल्य के बराबर एकमुश्त लाभ दिया जाएगा.
पुरानी बसें भी शामिल, फिटनेस पेनल्टी में भी राहत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना में पुरानी BS-IV या उससे नीचे की बसों को भी शामिल किया गया है. इन बसों को केवल बीएस-VI सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसों से बदला जा सकेगा और उन्हें भी मालवाहक वाहनों के समान सभी लाभ उपलब्ध होंगे. उन्होंने बताया कि योजना के तहत स्क्रैप किए जाने वाले पात्र वाहनों को एक वर्ष से अधिक समय से लंबित रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी की देनदारियों में भी राहत दी जाएगी. इसके अतिरिक्त जिन BS-IV वाहनों को इस योजना के तहत बदला जाना है, उन्हें अनिवार्य रूप से स्क्रैप कराना आवश्यक नहीं होगा. ऐसे वाहन NCR के बाहर स्थित नॉन-एनसीएपी शहरों में भी बेचे जा सकेंगे. नॉन-एनसीएपी यानी वे शहर जो नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) की सूची में नहीं हैं.
2 लाख ट्रक और बस मालिकों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से दिल्ली-NCR के लगभग 2.07 लाख ट्रक और बस मालिकों को लाभ मिलने की संभावना है. इससे बड़ी संख्या में पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों की जगह स्वच्छ और आधुनिक वाहन सड़कों पर आएंगे, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए योजना में यह प्रावधान किया गया है कि दिल्ली में इस योजना के तहत खरीदे जाने वाले सभी LGV, केवल इलेक्ट्रिक होंगे. वहीं, बसों के लिए केवल बीएस-VI सीएनजी या इलेक्ट्रिक (ईवी) वाहनों की ही अनुमति होगी.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना दिल्ली ईवी पॉलिसी-2026 के उद्देश्यों को और मजबूत करेगी. इससे व्यावसायिक वाहनों के बेड़े का तेजी से आधुनिकीकरण होगा और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी. इस पूरी योजना का संचालन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा विकसित एक समर्पित डिजिटल पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और सुगम बनेगी.
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