Delhi Slum Rehabilitation: देश की राजधानी दिल्ली में झुग्गी-झोपड़ियों में जीवन बसर कर रहे हजारों परिवारों के लिए एक राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल, दिल्ली की भाजपा सरकार ने दिल्ली के झुग्गी पुनर्वास को रफ्तार देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है. इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए बने करीब 35,000 खाली पड़े फ्लैटों का आवंटन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा.
इन फ्लैटों को दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) और दिल्ली राज्य औद्योगिक और ढांचागत विकास निगम (DSIIDC) की ओर से केंद्र सरकार के सहयोग से विभिन्न जन आवास योजनाओं के तहत तैयार किया गया था. वर्षों के लंबे इंतजार के बाद इन फ्लैटों को दुरुस्त कर पात्र परिवारों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
10 साल से खाली पड़े थे फ्लैट
दरअसल, ज्यादातर ईडब्ल्यूएस (EWS) फ्लैट वर्ष 2015-16 तक बनकर तैयार हो चुके थे, लेकिन प्रशासनिक कारणों से पिछले एक दशक में इनका आवंटन नहीं हो सका. लंबी अवधि तक बंद रहने और नियमित रखरखाव न होने के कारण इनमें से बड़ी संख्या में फ्लैटों की स्थिति जर्जर हो गई थी. अब सरकार ने इन खाली पड़े ढांचों को फिर से रहने योग्य बनाने और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बेघर परिवारों को पक्की छत देने का संकल्प लिया है.
फ्लैटों की मरम्मत और पुनर्विकास का रोडमैप तैयार
अधिकारियों के मुताबिक, लगभग आधे फ्लैटों को पूरी तरह से दोबारा इस्तेमाल योग्य बनाने के लिए व्यापक मरम्मत और सिविल वर्क की जरूरत है. इसके लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर काम को मंजूरी दे दी गई है. पहले चरण में दिल्ली के द्वारका, बवाना, पूठ खुर्द, नरेला और सुल्तानपुरी जैसे क्षेत्रों में बने पक्के फ्लैटों की युद्ध स्तर पर मरम्मत कराई जाएगी. मरम्मत कार्य के दौरान बिजली की वायरिंग, पानी की पाइपलाइन, सीवर कनेक्शन, प्लास्टर, नए दरवाजे, खिड़कियां और सैनिटरी फिटिंग्स को दुरुस्त किया जाएगा. मरम्मत का काम पूरा होते ही पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पात्र लाभार्थियों की पहचान की जाएगी और उन्हें क्रमबद्ध तरीके से चाबियां सौंपी जाएंगी.
झुग्गी मुक्त दिल्ली की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल सालों से धूल फांक रहे सरकारी आवासों का सही उपयोग करना ही नहीं है, बल्कि झुग्गियों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त एक सम्मानजनक, सुरक्षित और स्थायी जीवन प्रदान करना है. इसलिए, पात्रता मानदंड और आवंटन प्रक्रिया की गाइडलाइंस को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इस कदम से न केवल दिल्ली में झुग्गियों की जगह साफ सुथरा बहुमंजिला परिसर विकसित होंगे, बल्कि शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी एक नई दिशा मिलेगी.
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