Delhi Government Water Projects: हर साल गर्मियों के सीजन में राजधानी दिल्ली में पानी की कमी, सीवर ओवरफ्लो जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं. इन्हीं समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने यमुना पुनर्जीवन, सीवेज ट्रीटमेंट और जल प्रबंधन से जुड़ी 1000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी है. उम्मीद की जा रही है इन परियोजनाओं से पानी की किल्लत दूर होगी और लोगों को लाखों लोगों को बेहतर जलापूर्ति का फायदा मिलेगा. आइए जानते हैं इन परियोजनाओं के बारे में...
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नजफगढ़ क्षेत्र में बनेंगे 12 नए DSTP
नई परियोजना में नजफगढ़ क्षेत्र में 12 नए डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTP) लगाने की मंजूरी दी गई है. ये प्लांट 860 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जाएंगे साथ ही इनकी टोटल कैपेसिटी 46.5 एमजीडी होगी. इनमें मित्राऊं में 17 एमजीडी क्षमता का डीएसटीपी बनाया जाएगा. इसके अलावा कैर, कांगनहेड़ी, ककरोला, दिचाऊं कलां, हसनपुर, जाफरपुर, काजीपुर और खेड़ा डाबर में 4 और गालिबपुर, सारंगपुर और शिकारपुर में 3 डीएसटीपी स्थापित किए जाएंगे.
इन लोगों को मिलेगा फायदा
इन परियोजनाओं से 121 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों, 35 गांवों और लगभग सात लाख लोगों को लाभ मिलेगा. साथ ही, अनुपचारित सीवेज को नजफगढ़ ड्रेन में जाने से रोका जा सकेगा, जिससे यमुना की सफाई और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.
दिल्ली से हमने वादा किया है कि यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाएंगे।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) May 25, 2026
इसी संकल्प के साथ हर स्तर पर लगातार कार्य किया जा रहा है और अब ₹1000 करोड़+ की नई जल एवं सीवेज परियोजनाओं से “Mission Clean Yamuna” को और गति मिली है।
केंद्र सरकार के सहयोग से युद्धस्तर पर चल रहा यह अभियान… pic.twitter.com/hpkR3Ga9Q7
केशोपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का अपग्रेडेशन
दिल्ली सरकार के मुताबिक केशोपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के पहले चरण का अपग्रेडेशन किया जाएगा. इसके तहत प्लांट की कैपेसिटी 12 एमजीडी से बढ़ाकर 18 एमजीडी की जाएगी. इस परियोजना की लागत करीब 122 करोड़ रुपये होगी. बता दें कि इस परियोजना में 11 सालों तक संचालन और रखरखाव (ओएंडएम) की व्यवस्था भी शामिल होगी जिससे रिसाइकल्ड पानी के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही नए ढांचे बनाए जाएंगे और पुराने सिस्टम को दोबारा एक्टिव किया जाएगा.
त्रिलोकपुरी और शाहदरा की परियोजनाएं
दिल्ली सरकार के मुताबिक त्रिलोकपुरी विधानसभा क्षेत्र में अमीचंद चौक से पुराना कल्याणपुरी सीवेज पंपिंग स्टेशन तक लगभग 57 करोड़ रुपए की लागत से प्रमुख ट्रंक सीवर लाइन का पुनर्वास किया जाएगा. यह लाइन 40 वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी है और यह अपनी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर रही है. इसके अलावा 27 करोड़ रुपये की लागत से शाहदरा विधानसभा क्षेत्र के रोहतास नगर में 0.72 एमजीडी कैपेसिटी वाला नया UGR और बूस्टर पंपिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा.
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