Amrit Bharat Station Yojana: भारत में अधिकतर लोगों के लिए किसी भी बड़ी यात्रा की शुरुआत रेलवे स्टेशन से होती है, लेकिन कई बार यात्रियों का अनुभव परेशानियों से भरा रहता है. पुराने ढांचे और सुविधाओं की कमी लंबे समय से यात्रियों के लिए समस्या बनी हुई है. इसे समझते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की है. भारतीय रेलवे ने इस योजना के तहत दिल्ली के 13 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने और दोबारा विकसित करने का फैसला किया है.
यह भी पढ़ें:- अब PRS काउंटर टिकट को किसी भी स्टेशन से कर सकते हैं कैंसिल, E-Ticket रिफंड भी हुआ आसान, जानिए रेलवे के नए नियम
अमृत भारत स्टेशन योजना क्या है?
इस योजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और यात्रियों के बेहतर अनुभव के साथ नया रूप देना है. अब तक देशभर में 1338 रेलवे स्टेशनों को इस योजना के लिए चुना गया है, जिसमें दिल्ली 13 रेलवे स्टेशन को भी पुनर्विकसित किया जाएगा.
इन स्टेशनों को बनाया जाएगा हाईटेक
- आदर्श नगर दिल्ली
- आनंद विहार
- बिजवासन
- दिल्ली
- दिल्ली कैंट
- दिल्ली सराय रोहिल्ला
- दिल्ली शाहदरा
- हज़रत निज़ामुद्दीन
- नरेला
- नई दिल्ली
- सब्जी मंडी
- सफदरजंग
- तिलक ब्रिज
सफदरजंग स्टेशन पर मुख्य ढांचागत काम पूरा हो चुका है. स्टेशन भवन और संचालन से जुड़ी सुविधाएं तैयार हैं. एयर कॉन्कोर्स, प्लेटफॉर्म शेल्टर और आने‑जाने के रास्तों पर काम तेजी से चल रहा है और अब अंतिम चरण में है. वहीं, बिजवासन स्टेशन पर स्टेशन भवन और एयर कॉन्कोर्स का ढांचा तैयार हो गया है. यहां फिनिशिंग का काम जारी है. साथ ही प्लेटफॉर्म शेल्टर, बिजली व्यवस्था और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम भी चल रहा है. इस योजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को साफ‑सुथरे, आधुनिक और सुविधाजनक रेलवे स्टेशन मिलेंगे, जिससे सफर आसान और बेहतर हो जाएगा.
क्या-क्या मिलेगा सुविधाअमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर, मुफ्त हाई-स्पीड वाई-फाई, आधुनिक प्रतीक्षालय (Waiting Halls), स्वच्छ शौचालय और बेहतर सूचना प्रणाली सुनिश्चित की जा रही है. स्टेशन की इमारतों को उस क्षेत्र की स्थानीय वास्तुकला, विरासत और संस्कृति के अनुरूप डिजाइन किया जा रहा है. उदाहरण के लिए, राजस्थान के स्टेशनों पर राजपूत शैली की झलक देखी जा सकती है. सभी पुनर्विकसित स्टेशनों को दिव्यांग जनों की सुविधाओं के अनुसार बनाया जा रहा है. स्टेशनों पर 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' (OSOP) के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए कियोस्क, फूड कोर्ट और व्यावसायिक बैठकों के लिए जगह विकसित की जा रही है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं