साइबर क्राइम के खिलाफ साइबर सिक्योरिटी लगातार शिकंजा कस रही है. लेकिन इसके बावजूद साइबर अपराधी नई-नई तकनीक के जरिए लोगों पर अटैक कर रहे हैं और उन्हें अपने जाल में फंसाकर लूट रहे हैं. एक ऐसा ही साइबर अपराध का मामला सामने आया है. जिसमें केवल दो मिनट और एक इनवेस्टर के वॉलेट से 10 लाख रुपये क्रिप्टो एसेट्स गायब हो गए. यह सब केवल एक वेरिफइकेशन लिंक के जरिए हुआ. वहीं इसमें न कोई OTP और न ही अप्रूवल का कोई मैसेज आया.
इनवेस्टर को केवल एक लिंक भेजा गया था, जो ओरिजनल वॉलेट जैसा लग रहा था. लिंक ओपन करने पर उनको अपना 12 वर्ड के Seed Phase एंटर करने को कहा गया. जैसे ही Seed Phase इंटर किया गया तो वॉलेट का सारा एक्सेस स्कैमर के पास चला गया.
अलग-अलग वॉलेट में ट्रांसफर हो गया फंड
इसके बाद कुछ ही समय में उनके सभी क्रिप्टो फंड अलग-अलग वॉलेट में ट्रांसफर हो जाते हैं. इस प्रक्रिया में न ही इनवेस्टर से कोई OTP मांगा गया और न ही किसी तरह का अप्रूवल लिया गया. बता दें क्रिप्टो ट्राजेक्शन कभी रिवर्स यानी वापस नहीं होते हैं. इसी जालसाजी को 'Crypto Wallet Drain Scam' कहा जाता है. जहां एक फेक वेबसाइट आपका पूरा वॉलेट खाली कर सकते हैं.
Seed Phase के जरिए कंट्रोल करते हैं वॉलेट
स्कैमर आपको एक फेक लिंक अलर्ट के जरिए भेजते हैं. जिस पर क्लिक करने पर आपको फेक वेबसाइट पर ले जाया जाता है. जहां आपसे लॉग इन डिटेल इंटर करवाकर पूरे क्रिप्टो वॉलेट का एक्सेस ले लेते हैं. ध्यान रखें की Seed Phase का मतलब है आपके वॉलेट और पैसे पर पूरा कंट्रोल.
इन बातों का रखें हमेशा ध्यान
कोई भी असली ऐप कभी Seed Phase नहीं मांगती है
सिक्योरिटी अलर्ट के नाम पर पैनिक क्रिएट करते हैं, फेक वेबसाइट के जरिए विश्वास जीतते हैं और वेरिफाई नॉउ के जरिए जल्दी फैसला करवाते हैं.
सतर्क रहें और अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें
Seed Phase कभी किसी से भी शेयर नहीं करें.
केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें.
अपने बड़े फंड के लिए अतिरिक्त सिक्योरिटी जरूर इस्तेमाल करें.
अगर आप साइबर क्राइम का शिकार होते हैं तो 1930 पर कॉल करें या फिर www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें.
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