Bihar Homestay Yojana: अगर आप बिहार में रहते हैं और आपके घर में खाली कमरे हैं, तो अब उनसे कमाई करने का शानदार मौका है. बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री होम स्टे प्रोत्साहन योजना 2026 (Bihar Homestay Protsahan Yojana 2026) शुरू की है. इस योजना के तहत लोग अपने घर के खाली कमरों को पर्यटकों के ठहरने के लिए तैयार कर सकते हैं. इसके बदले सरकार आर्थिक मदद भी देगी और होम स्टे शुरू करने में साथ देगी.
क्या है मुख्यमंत्री होम स्टे योजना?
मुख्यमंत्री होम स्टे प्रोत्साहन योजना 2026 का मकसद बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देना और लोगों को अपने घर से ही रोजगार का मौका देना है. इस योजना में स्थानीय लोग अपने घर के अतिरिक्त कमरों को होम स्टे बना सकते हैं, जहां देश और विदेश से आने वाले टूरिस्ट रुक सकेंगे. इससे टूरिस्ट को होटल के बजाय स्थानीय लोगों के साथ रहने और वहां की संस्कृति, खाना और रहन-सहन को करीब से जानने का मौका मिलेगा.
किन लोगों को मिलेगा होम स्टे योजना का फायदा?
इस योजना का फायदा उन लोगों को मिलेगा जिनका घर सरकार की ओर से चुने गए पर्यटन स्थलों से पांच किलोमीटर के दायरे में है. ऐसे लोग अपने घर में होम स्टे शुरू कर सकते हैं. एक मकान मालिक अपने घर में अधिकतम आठ कमरे पर्यटकों के लिए तैयार कर सकता है.
सरकार कितनी देगी मदद?
बिहार सरकार होम स्टे तैयार करने के लिए प्रति कमरे 2.50 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देगी. एक व्यक्ति को अधिकतम 10 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकता है. अगर होम स्टे महिला एंटरप्रोन्योर, स्वयं सहायता समूह या 18 से 25 साल का युवा शुरू करता है, तो उसे हर कमरे पर 25 हजार रुपये की एक्स्ट्रा प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी.
घर बैठे कैसे होगी कमाई?
अगर आपका घर किसी चुने गए टूरिज्म स्पॉट के पास है, तो आप खाली कमरों को टूरिस्ट के रहने लायक तैयार कर सकते हैं. कमरे सरकार के तय नियमों के अनुसार बनने के बाद बिहार पर्यटन विभाग से मंजूरी मिलेगी. इसके बाद आपके होम स्टे को पर्यटन विभाग के पोर्टल पर शामिल किया जाएगा. वहां से आने वाले टूरिस्ट सीधे आपके होम स्टे की बुकिंग कर सकेंगे. इससे बिना नया होटल बनाए ही घर से कमाई का मौका मिलेगा.
किन जिलों और पर्यटन स्थलों को किया गया है शामिल?
बिहार सरकार ने इस योजना के लिए 16 जिलों के 34 प्रमुख पर्यटन स्थलों को चुना है. इनमें गया जिले का बोधगया महाबोधि मंदिर, विष्णुपद मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर, प्रेत शिला और गुरूपा हिल शामिल हैं. नालंदा जिले में नालंदा महाविहार, पावापुरी जल मंदिर, राजगीर रोपवे, जू सफारी, नेचर सफारी और राजगीर कुंड को शामिल किया गया है.
वैशाली का विश्व शांति स्तूप, कैमूर का मुंडेश्वरी मंदिर, पूर्वी चंपारण का केसरिया स्तूप और सीता कुंड, रोहतास का शेरशाह सूरी का मकबरा, मांझर कुंड और धुआं कुंड भी इस योजना का हिस्सा हैं.
इसके अलावा पश्चिम चंपारण का वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और गांधी आश्रम भितिहरवा, जहानाबाद की बराबर गुफाएं, नवादा का ककोलत जलप्रपात, बांका का मंदार पर्वत और ओढ़नी डैम, मुजफ्फरपुर की मनिकामन झील और गरीबनाथ धाम, मुंगेर का भीमबांध वन्य अभयारण्य, सीतामढ़ी का पुनौरा धाम और पंथ पाकड़, जमुई का लछुआर जैन मंदिर और नई नकटी डैम तथा औरंगाबाद का देव सूर्य मंदिर भी चुने गए पर्यटन स्थलों में शामिल हैं.
इस योजना सेआम लोगों को क्या होगा फायदा?
इस योजना से स्थानीय लोगों को घर बैठे कमाई का नया जरिया मिलेगा. साथ ही बिहार आने वाले पर्यटकों को होटल के अलावा स्थानीय परिवारों के साथ रहने का मौका मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, लोगों की आय बढ़ेगी और युवाओं - महिलाओं के लिए रोजगार के नए मौके भी बनेंगे.
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