बिहार में गरीब और वंचित परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रीन एनर्जी से जोड़ने के लिए राज्य सरकार अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है. राज्य के सभी 38 जिलों में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' का दायरा बढ़ाते हुए अब 58 लाख बीपीएल (BPL) परिवारों को इसके दायरे में लाया गया है. कल यानी 14 जून से इस योजना की शुरुआत हो रही हैं, इसकी शुरुआत बिहारी के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे. बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने बताया कि ऊर्जा विभाग द्वारा बिहार में पहले चरण में कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के लिए पूर्णतः निःशुल्क पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत समर्पित सौर ऊर्जा संयंत्रों के अधिष्ठापन का कार्यारंभ किया जा रहा है. साथ ही ऊर्जा प्रक्षेत्र से जुड़ी 1278 करोड़ की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास एवं शुभारंभ भी किया जाएगा.
बिजली विभाग के एमडी राहुल कुमार ने दी विस्तृत जानकारी
राज्य बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक (MD) राहुल कुमार ने इस महा-अभियान के रोडमैप की जानकारी देते हुए बताया कि बिहार में वर्तमान में कुल 58 लाख बीपीएल परिवार हैं, जो बिजली विभाग की 'कुटीर ज्योति योजना' के तहत मुफ्त या रियायती बिजली का लाभ पा रहे हैं. अब सरकार इन सभी 58 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों को 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना' से जोड़ने जा रही है. अगले मात्र 5 महीनों के भीतर राज्य के 2.5 लाख चिन्हित घरों की छतों पर मुफ्त सोलर प्लांट लगा दिए जाएंगे.
बिहार में फ्री सोलर पैनल कैसे लगेगा?
100% मुफ्त- इस योजना के तहत लाभार्थियों को अपनी जेब से 1 रुपया भी खर्च नहीं करना होगा. सोलर प्लांट लगाने की पूरी लागत केंद्र सरकार की सब्सिडी और राज्य सरकार के विशेष अनुदान (Top-up Grant) से पूरी की जाएगी. एक प्लांट लगाने में इसका जो लगभग खर्च होगा उसकी सब्सिडी राशि 43 हजार बिहार सरकार और 33 हजार केंद्र सरकार दे रही है, इससे गरीब उपभोक्ता परिवारों पर जीरो खर्च का लोड पड़ेगा.
1.1 kVA का सोलर प्लांट- प्रत्येक गरीब परिवार के घर की छत पर 1.1 kVA (किलोवोल्ट-एम्पियर) क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम इंस्टॉल किया जाएगा. इस सिस्टम से हर महीने औसतन 120 से 125 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा. इन परिवारों की मासिक खपत अमूमन इतनी ही होती है, इसलिए नेट मीटरिंग के जरिए इनका बिजली बिल पूरी तरह से जीरो (Zero) हो जाएगा.
10 साल तक मेंटेनेंस फ्री- गरीब परिवारों पर भविष्य में मरम्मत का कोई आर्थिक बोझ न पड़े, इसलिए बिजली विभाग के नियमों के अनुसार सोलर पैनल लगाने वाली अधिकृत एजेंसी ही अगले 10 वर्षों तक इसका मुफ्त रखरखाव और मेंटेनेंस करेगी.
कुटीर ज्योति डेटाबेस का उपयोग- 58 लाख परिवार पहले से ही बिजली विभाग की कुटीर ज्योति योजना के तहत रजिस्टर्ड हैं, इसलिए लाभार्थियों का डेटाबेस पहले से तैयार है.
तकनीकी जांच- बिजली कंपनी (SBPDCL/NBPDCL) के इंजीनियर यह जांच करेंगे कि उपभोक्ता के घर की छत सोलर पैनल का वजन उठाने और पर्याप्त धूप पाने के लिए तकनीकी रूप से उपयुक्त है या नहीं. इसके लिए वैध घरेलू बिजली कनेक्शन (Consumer ID) होना जरूरी है.
यह योजना क्यों गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं?
बिहार के इतिहास में रिन्यूएबल एनर्जी को लेकर यह अब तक का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी कदम है. कल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा इस योजना की शुरूआत बिहार के ग्रामीण और शहरी गरीब इलाकों में 'मुफ्त बिजली और आत्मनिर्भर ऊर्जा' के एक नए युग की शुरुआत होगी. अगले 5 महीनों में 58 लाख घरों पर सोलर पैनल सजने से न केवल राज्य के बिजली ग्रिड पर लोड कम होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी बिहार देश के सामने एक अनूठी मिसाल पेश करेगा.
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