Fastag Annual Pass Fake Websites Scam: अगर आप अपनी गाड़ी के लिए फास्टैग का एनुअल पास खरीदने का विचार कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए ही है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने लोगों के लिए एक चेतावनी जारी की है. इसमें बताया गया है कि कुछ फर्जी वेबसाइटें FASTag का सालाना पास देने का झांसा देकर लोगों से पैसे ठग रही हैं. साथ ही इन दिनों ऐसे ऑनलाइन ठगों के मामले बढ़ गए हैं, जो असली सरकारी वेबसाइट जैसी नकली साइट बनाकर लोगों को पेमेंट करने के लिए बहकाते हैं. ऐसे में जानकारी के अभाव में मासूम लोग इन स्कैमर्स के जाल में फंस जाते हैं. NHAI ने लोगों से अपील की है वे FASTag से जुड़ी कोई भी सर्विस केवल सरकारी और भरोसेमंद माध्यमों से ही लें, ताकि ठगी और पैसे के नुकसान से बचा जा सके.
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कैसे होता है FASTag का स्कैम?
NHAI के मुताबिक, ठग ऐसी फर्जी वेबसाइट बना रहे हैं जो बिल्कुल असली FASTag वेबसाइट जैसी दिखती हैं. ये नकली साइटें अक्सर पैसे देकर दिए गए विज्ञापनों और सर्च इंजन की तरकीबों के जरिए गूगल जैसे सर्च रिजल्ट्स में सबसे ऊपर दिखाई देने लगती हैं. जब कोई व्यक्ति इन वेबसाइटों पर जाता है, तो उससे मोबाइल नंबर, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और भुगतान से जुड़ी डिटेल्स मांगी जाती है.
Attention National Highway Users!
— NHAI (@NHAI_Official) April 22, 2026
NHAI cautions commuters against fake websites and unauthorised links claiming to sell FASTag Annual Passes. The #FASTagAnnualPass is available only through the official Rajmargyatra App. Any other platform offering the pass is not authorised and… pic.twitter.com/uAaHMCUAR1
वेबसाइट देखने में पूरी तरह असली लगती है, लेकिन भुगतान सीधे ठगों के खातों में चला जाता है. साथ ही कई मामलों में लोगों को न तो कोई सही कन्फर्मेशन मैसेज मिलता है और न ही असली FASTag पास. इसके अलावा कुछ लोगों को फर्जी रसीदें थमा दी जाती हैं, जिससे उन्हें बाद में पता चलता है कि उनके पास कोई वैलिड FASTag नहीं है.
FASTag स्कैम से कैसे रहें सावधान
NHAI ने लोगों को ठगी से बचाने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां भी बताई हैं.
- FASTag का Annual Pass हमेशा सरकारी और आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही लें, जैसे राजमार्गयात्रा (Rajmargyatra) ऐप.
- ऑनलाइन सर्च करते समय Sponsored लिंक या अनजान विज्ञापनों पर क्लिक करने से बचें.
- किसी भी जानकारी को भरने से पहले वेबसाइट का URL अच्छी तरह जांच लें.
- OTP, कार्ड की जानकारी या लॉगिन डिटेल्स कभी भी किसी से शेयर न करें.
- अगर कोई वेबसाइट संदिग्ध लगे तो तुरंत उसे बंद कर दें.

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