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होम लोन चुकाते समय इस बात का रखें ख्‍याल, वरना मुसीबत में फंस जाएंगे आप

Home Loan Cash Repayment : लोग कई बार होम लोन से मुक्ति पाने के चक्कर में एकमुश्त कैश जमा करने का रास्ता चुनते हैं. लेकिन ऐसा करना हमेशा सुरक्षित नहीं होता. इनकम टैक्स विभाग और बैंकिंग सिस्टम अब कैश लेनदेन पर बेहद सख्त निगरानी रख रहे हैं.

होम लोन चुकाते समय इस बात का रखें ख्‍याल, वरना मुसीबत में फंस जाएंगे आप
होम लोन चुकाने से पहले पढ़ लें यह जरूरी न‍ियम.

Home Loan Cash Repayment : घर का सपना पूरा करने के बाद हर व्यक्ति की कोशिश होती है कि वह जल्द से जल्द होम लोन के बोझ से मुक्त हो जाए. इसी कोशिश में कई लोग एकमुश्त कैश जमा करने का ऑप्शन चुनते हैं, लेकिन ऐसा करना हमेशा सुरक्षित नहीं होता. इनकम टैक्स विभाग और बैंकिंग सिस्टम अब कैश लेनदेन पर बेहद सख्त निगरानी रख रहे हैं. अगर आप भी होम लोन चुकाने के लिए कैश जमा करने की सोच रहे हैं, तो आपको कुछ नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है, वरना भारी जुर्माना या जांच का सामना करना पड़ सकता है.

₹50,000 से ज्यादा कैश पर PAN जरूरी

बैंकिंग नियमों के अनुसार, अगर आप एक बार में 50,000 रुपये या उससे ज्यादा कैश जमा करते हैं, तो आपको अपना पैन कार्ड (PAN) देना अनिवार्य होता है. 50,000 रुपये से कम की कैश जमा राशि के लिए पैन की जरूरत नहीं होती.

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₹2 लाख की डेली कैश लिमिट

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 269ST के तहत कोई भी बैंक या फाइनेंस कंपनी एक दिन में किसी एक व्यक्ति का 2 लाख रुपए या उससे ज्यादा कैश जमा नहीं कर सकती है. अगर बैंक इस लिमिट से ज्यादा कैश स्वीकार करता है, तो उस पर 100% तक का जुर्माना लग सकता है. इसी कारण बैंक अक्सर 2 लाख रुपए से ज्यादा कैश जमा लेने से इनकार कर देते हैं.

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सालाना ₹10 लाख की रिपोर्टिंग लिमिट

सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि एक फाइनेंशियल ईयर में कोई भी व्यक्ति अपने सभी अकाउंट्स में मिलाकर ज्यादा से ज्यादा 10 लाख रुपए तक ही कैश जमा कर सकता है. जैसे ही यह लिमिट पार होती है, बैंक इसकी जानकारी स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (SFT) के जरिए आयकर विभाग को भेज देता है. इसके बाद विभाग व्यक्ति से इनकम के सोर्सेज की पूछताछ कर सकता है.

एक्सपर्ट्स की सलाह

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि सीधे होम लोन अकाउंट में कैश जमा करने से बचना चाहिए. इसके बजाय पहले पैसे को सेविंग्स अकाउंट में जमा करें और फिर वहां से ऑनलाइन ट्रांसफर करें. इससे लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय किसी तरह की परेशानी नहीं होती. होम लोन जल्दी चुकाने की कोशिश में कैश ट्रांजैक्शन करना जोखिम भरा हो सकता है. सही नियमों का पालन करके ही आप न केवल जुर्माने से बच सकते हैं, बल्कि भविष्य में टैक्स से जुड़ी समस्याओं से भी सुरक्षित रह सकते हैं.

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