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Bank Locker Rule: क्या बैंक लॉकर में Gold और कीमती सामान सेफ है? गायब हुआ तो कौन लेगा जिम्मेदारी, जानिए क्या कहता है नियम

Bank Locker Rule: Bank Locker में रखे जेवर और अन्य कीमती सामान चोरी हो जाएं तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. इसको लेकर सवाल उठने लगे हैं कि इसकी जिम्मेदारी किसकी है, लॉकर में रखी चीजों की क्या बैंक गारंटी लेता है?

Bank Locker Rule: क्या बैंक लॉकर में Gold और कीमती सामान सेफ है? गायब हुआ तो कौन लेगा जिम्मेदारी, जानिए क्या कहता है नियम
बैंक लॉकर नियम
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RBI Bank Locker Rule: क्या आप भी अपने जेवर या अन्य कीमती सामान बैंक लॉकर में रखते हैं, अगर हां, तो यह ज़रूरी है कि आप यह फिर से सोचें कि जो किराया (rent) आप लॉकर के लिए देते हैं, क्या वह आपकी कीमती चीजों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त है या नहीं. दरअसल, हाल ही में पश्चिमी दिल्ली के कीर्ति नगर इलाके में स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में महिला के लॉकर से सोना चोरी होने का मामला सामने आया. इसके बाद से ही Bank Locker में रखे जेवर और अन्य कीमती सामान चोरी हो जाएं तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. इसको लेकर सवाल उठने लगे हैं कि इसकी जिम्मेदारी किसकी है, लॉकर में रखी चीजों की क्या बैंक गारंटी लेता है? चलिए आपको बताते हैं RBI Bank Locker Rule क्या कहता है.

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बैंक लॉकर नियम क्या है?

दरअसल, सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, इसलिए लॉकर का किराया किसी भी बड़ी दुर्घटना में आपके नुकसान की भरपाई करने के लिए काफी नहीं होगा, क्योंकि बैंक की जिम्मेदारी (liability) सिर्फ सालाना किराए के 100 गुना तक सीमित होती है.

बैंक लॉकर में रखे सोने की सुरक्षा के लिए बैंक की कितनी जिम्मेदारी है?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साफ नियम बनाया है कि अगर लॉकर में रखी चीजों को आग, चोरी या बैंक कर्मचारियों की धोखाधड़ी जैसी घटना से नुकसान होता है, तो बैंक की जिम्मेदारी सिर्फ सालाना लॉकर किराए के 100 गुना तक ही होती है.

आसान भाषा में समझें, मान लीजिए आपका वार्षिक लॉकर किराया 2,000 है, तो बैंक की अधिकतम 2,000 × 100 = 2,00,000 रुपये दिए, लेकिन आज की तारीख में 2 लाख में तो 2 तोले (≈16 ग्राम) सोना भी नहीं आता. इसलिए यह रकम आपके सोने के नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है.

RBI की गाइडलाइंस को देखें, तो साफ किया गया है कि किसी ग्राहक को नुकसान होने की स्थिति में अब बैंक शर्तों का हवाला देकर मुकरा नहीं सकेगा, ताकि ग्राहक की पूरी भरपाई हो सकेगी. RBI Rule के मुताबिक, बैंकों को यह सुनिश्चित करना होता है कि उनके द्वारा कराए गए लॉकर एग्रीमेंट में कोई अनुचित शर्त तो शामिल नहीं हैं, जिससे ग्राहकों को नुकसान हो. 

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