देश भर में बेटियों के लिए अलग-अलग योजनाएं चलाई जा रही है. बेटियों के उत्थान के लिए जहां केंद्र की ओर से योजनाएं चलाई जा रही है. वहीं अलग-अलग राज्यों में भी बेटियों के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही है. अगर आपके घर में भी बेटियां है तो आपको इन योजनाओं के बारे में जरूर जानना चाहिए. इससे आप अपने बेटियों के भविष्य को संवार सकते हैं. इन योजनाओं में बेटियों की पढ़ाई से लेकर उनके करियर और शादी के लिए अलग-अलग लाभ मिलते हैं.
केंद्र सरकार की ओर से सुकन्या समृद्धि योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और बालिका समृद्धि योजना चलाई जाती है. इसी तरह यूपी में कन्या सुमंगला योजना तो बिहार में कन्या सुरक्षा योजना, एमपी में लाड़ली लक्ष्मी योजना और राजस्थान में राजश्री योजना चलाई जा रही है. चलिए आपको सभी योजनाओं के बारे में बताते हैं.
सुकन्या समृद्धि योजना
यह केंद्र सरकार की योजना है जिसमें 10 साल से कम उम्र की बेटियों का बैंक या डाकघर में अकाउंट खोला जाता है. इस पर सरकार सबसे उच्च ब्याज 8.2 प्रतिशत देती है. आप अपने बेटी की उच्च शिक्षा करियर और शादी के लिए इस अकाउंट को खोल सकते हैं. इसमें मिलने वाले ब्याज से एक बड़ा अमाउंट आपकी बेटी लिए तैयार हो सकता है.
बालिका सृमद्धि योजना
यह भी केंद्र सरकार की ओर से चलाई जाने वाली योजना है. बालिका समृद्धि योजना में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की बेटियों को जन्म पर 500 रुपये और 10वीं कक्षा तक 300 रुपये से 1000 रुपये तक सालाना छात्रवृति दी जाती है.
यूपी में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बेटियों के जन्म से उच्च शिक्षा तक 6 चरणों में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 25000 रुपये की आर्थिक मदद देती है. पहली बार जन्म के समय 5000 रुपये राशि मिलती है. इसके बाद दूसरी बार एक साल में टीकाकरण के बाद 2000 रुपये, तीसरे चरण में पहली कक्षा में प्रवेश पर 3000 रुपये, चौथी बार छठी कक्षा में जानें पर 3000 रुपये, पांचवी बार 9वीं कक्षा में जानें पर 5000 रुपये और छठी बार स्नातक की डिग्री लेने पर 7000 रुपये की रकम दी जाती है. यह कुल 25000 रुपये होते हैं.
बिहार में मुख्य मंत्री कन्या सुरक्षा योजना
बिहार में साल 2007 में मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना शुरू की गई थी. इस योजना के तहत बेटियों के जन्म पर माता-पिता को 2000 रुपये दिये जाते हैं. जिसकी FD की जाती है जो 18 साल के बाद बेटियों को ब्याज समेत दिया जाता है.
मध्य प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना
इस योजना के तहत राज्य सरकार बेटियों को रजिस्ट्रेशन के समय से 6000 रुपये की लगातार 5 साल तक NSC रूप में जमा किए जाते हैं. यह योजना छठी, नवमी, ग्यारहवीं और बारहवीं में नामांकन के समय चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता दी जाती है. माध्यमिक शिक्षा के दौरान हर महीने 200 रुपये की राशि दी जाती है. वहीं, 12वीं पास करने के बाद 21 साल की उम्र में 1 लाख रुपये राशि दी जाएगी.
राजस्थान में राज श्री योजना
राजस्थान सरकार बेटियों के जन्म से लेकर 12वीं कक्षा पास करने तक विभिन्न चरणों में कुल 50000 रुपये की वित्तीय मदद प्रदान करती है.
महाराष्ट्र में माझी कन्या भाग्यश्री योजना
महाराष्ट्र सरकार भी गरीब परिवार के बेटियों को बेहतर जीवन के लिए वित्तीय मदद देती है. बेटी के 18 साल की उम्र होने पर मां को सरकार 5000 रुपये देती है. दो लड़कियों वाले परिवार को 25000 रुपये दी जाती है.
उत्तराखंड में नंदा देवी कन्या योजना
उत्तराखंड सरकार बेटी के जन्म पर मां के नाम पर 5000 रुपये की FD का भुगतान करती है. यह योजना परिवार के दो बेटियों को दी जाती है. बेटियों के 18 साल पूरे होने पर ब्याज के साथ जमा राशि का भुगतान किया जाता है.
दिल्ली में लखपति बिटिया योजना
राजधानी दिल्ली में भी बेटियों के उत्थान के लिए योजना चलाई जा रही है. इस योजना के तहत बेटियों को जन्म से ग्रेजुएशन की पढ़ाई तक विभिन्न चरणों में करीब 1 लाख रुपये दिए जाते हैं. जो 21 साल की आयु में दी जाती है.
बंगाल में कन्याश्री प्रकप्ल योजना
इस योजना के तहत 13 से 18 साल की बेटियों के बाल विवाह रोकने के लिए और उच्च शिक्षा के लिए राशि दी जाती है. 18 साल की आयु पूरी होने पर 25000 रुपये एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है.
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