उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के लोगों को योगी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है. ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को अब आधार कार्ड बनवाने या अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट करवाने के लिए शहरों में नहीं जाना पड़ेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों को डिजिटल सर्विस सेंटर के तौर पर विकसित करने के लिए एक बड़ी पहल की है. इस पहल के तहत, छह ज़िलों की 110 ग्राम पंचायतों में आधार एनरोलमेंट और अपडेट सर्विस शुरू की गई हैं. इस व्यवस्था के ज़रिए अब तक 75,000 से ज़्यादा आधार सर्विस दी जा चुकी हैं.
पंचायती राज विभाग के डायरेक्टर अमित कुमार सिंह ने बताया कि योगी सरकार चरणबद्ध तरीके से इस सुविधा को सभी ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने की योजना बना रही है. इस योजना के तहत, राज्य की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों में आधार सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य है.
पंचायत सहायकों को आधार ऑपरेटर की ट्रेनिंग
इस योजना को तेज़ी से लागू करने के लिए पंचायत सहायकों को आधार ऑपरेटर के तौर पर ट्रेनिंग दी जा रही है. अब तक 1,200 से ज़्यादा पंचायत सहायकों को शुरुआती ट्रेनिंग मिल चुकी है, जबकि बाकी कर्मचारियों की ट्रेनिंग चल रही है. अभी 179 पंचायत सहायकों की ऑपरेटर आईडी एक्टिवेट हो चुकी हैं और 157 आधार मशीनों का एक्टिवेशन पूरा हो चुका है. नतीजतन, ग्राम पंचायत स्तर पर सर्विस का दायरा तेज़ी से बढ़ रहा है.
पंचायती राज डायरेक्टर के अनुसार, यह पहल सिर्फ़ आधार सर्विस तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में ग्राम पंचायतों को डिजिटल नागरिक सेवा केंद्रों के रूप में विकसित करने के लिए एक मज़बूत आधार तैयार करेगी. इससे यह पक्का होगा कि सरकारी सर्विस ग्रामीण निवासियों को उनके गाँवों में ही मिलें और साथ ही ग्राम पंचायतों की आर्थिक आत्मनिर्भरता भी मज़बूत हो. विभाग ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. आधार सेवाओं की शुरुआत एक महत्वपूर्ण कदम है और जल्द ही इसके लाभ राज्य के हर गांव तक पहुंचेंगे.
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