अगर आप इस वीकेंड किसी ऐसी जगह घूमने जाना चाहते हैं, जहां भीड़-भाड़ न हो, खर्च भी कम आए और नेचर के बीच सुकून के कुछ पल बिताने का मौका मिले. आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश का शानगढ़ (Shangarh) आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है. कुल्लू जिले की सैंज वैली में बसा यह खूबसूरत गांव अब ऑफबीट ट्रैवल डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से लोगों की पसंद बन रहा है.
कहां है शानगढ़?
शानगढ़ हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की सैंज वैली में स्थित एक शांत और खूबसूरत गांव है. चारों ओर देवदार के घने जंगल, हरे-भरे मैदान और बर्फ से ढकी पहाड़ियां का नजारा इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देता है. प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है.
शानगढ़ का मैदान है सबसे बड़ा आकर्षण
शानगढ़ का विशाल हरा-भरा मैदान यहां आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद है. चारों तरफ पहाड़ और बीच में फैला खुला मैदान फोटोग्राफी, पिकनिक और सुकून भरे पल बिताने के लिए सबसे शांत और शानदार जगह माना जाता है. इस मैदान में शांगचुल महादेव मंदिर भी है. यहां के लोगों की मान्यता है कि यह मंदिर लगभग 2,000 साल पुराना माना जाता है. यहां स्थानीय संस्कृति और बेहतरीन लकड़ी की कारीगरी देखने को मिलती है.
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ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क भी है पास
इसके अलावा, अगर आपको ट्रैकिंग, जंगल सफारी और पक्षियों को करीब से देखने का शौक है तो पास स्थित ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क जरूर जाएं. यहां का प्राकृतिक वातावरण हर किसी का मन मोह लेता है.
झरनों और देवदार के जंगलों का मिलेगा नजारा
शानगढ़ के आसपास मौजूद खूबसूरत झरने और पाइन-देवदार के जंगल इस जगह को और खास बनाते हैं. झरनों की कल-कल और पक्षियों की चहचहाहट यहां की यात्रा को यादगार बना देती है.
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कैसे पहुंचे?
अगर आप दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए शानगढ़ पहुंचने की योजना बना रहे हैं तो आपको बता दें कि दिल्ली से शानगढ़ पहुंचने के लिए करीब 8 से 9 घंटे का समय लगता है. मंडी, औट और सैंज होते हुए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है. पूरा रास्ता प्राकृतिक नजारों से भरपूर है.
कहां रुकें और कब जाएं?
शानगढ़ में महंगे होटलों की बजाय आरामदायक होमस्टे ज्यादा मिलते हैं, जहां घर जैसे खाने का स्वाद भी मिलेगा. मार्च से जून तक का मौसम घूमने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है, जबकि सितंबर से नवंबर के बीच यहां की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है.
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