राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून
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"सभी नागरिकों को भोजन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी" : गहलोत ने SC की टिप्पणी का किया स्वागत
- Friday December 9, 2022
- Reported by: NDTV इंडिया, Translated by: अंजलि कर्मकार
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून देश में 10 सितंबर 2013 को यूपीए सरकार के दौरान लागू हुआ था. इसका उद्देश्य लोगों को गरिमा के साथ जीवन जीने के लिए सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित कराना है, ताकि लोगों खाद्य और पोषण सुरक्षा दी जा सके.
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रामविलास पासवान ने कहा- बिहार में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लाभार्थियों के साथ कोई भेदभाव नहीं
- Friday July 31, 2020
- भाषा
पासवान ने एक बयान में कहा कि बिहार में एनएफएसए राशन कार्ड के मुद्दे के संदर्भ में लाभार्थियों की गलत पहचान की कुछ रिपोर्टें थीं. लेकिन, केंद्र सरकार स्पष्ट करती है कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लाभार्थियों की पहचान कुछ मानदंडों के आधार पर की जाती है और यह जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है. पासवान ने कहा, ‘‘बिहार में एनएफएसए लाभार्थियों के साथ कोई भेदभाव या गलत पहचान नहीं की गई है. मानदंडों के अनुसार लाभार्थियों की पहचान की प्रणाली सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान है.’’
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जल्द ही देश में कहीं भी किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अपना राशन लिया जा सकेगा
- Saturday May 9, 2020
- Reported by: भाषा, Edited by: सूर्यकांत पाठक
खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को कहा कि एक जून से 20 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में महत्वाकांक्षी राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सेवा ‘एक राष्ट्र-एक राशनकार्ड’ को अमल में लाने की तैयारी है. इस पहल के तहत, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के पात्र लाभार्थी एक ही राशन कार्ड का उपयोग करके देश में कहीं भी किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अपने हिस्से का खाद्यान्न ले सकेंगे.
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NDTV की खबर का असर : मध्य प्रदेश में अब सरकारी राशन दुकानों में फिलहाल बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होगा
- Saturday April 25, 2020
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: मानस मिश्रा
NDTV एक बार फिर जरूरतमंदों की आवाज बनकर सरकार तक उनकी बात पहुंचाने में कामयाब रहा है. मध्य प्रदेश में अब सरकारी राशन दुकानों में अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली के हितग्राहियों का बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होगा, यानी अंगूठे की छाप नहीं देना होगा. एनडीटीवी में खबर दिखाए जाने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है. अब सिर्फ पीओएस में रिकॉर्ड दर्ज करने के बाद राशन दे दिया जाएगा. प्रदेश सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का राशन वितरण करने के लिए इस शर्त पर छूट दे दी है.
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आधार के अभाव में झारखंड के आदिवासी परिवार राशन कार्ड से वंचित
- Friday July 27, 2018
- Reported by: Haribans Sharma, Edited by: सूर्यकांत पाठक
गत 24 जुलाई को रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड के चैनपुर गांव के 39 वर्षीय राजेंद्र बिरहोर की पोषण की कमी और बीमारी के कारण मृत्यु हो गई. जन संगठनों के राष्ट्रीय समन्वय (NAPM), भोजन का अधिकार अभियान और ह्यूमन राईट्स लॉ नेटवर्क (HRLN) के सदस्यों के तथ्यान्वेषण दल ने पाया कि राजेंद्र बिरहोर के परिवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून अंतर्गत राशन कार्ड नहीं मिला था.
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दिल्ली : नहीं मिलता बिना आधार कार्ड के राशन, मदद के लिए आगे आई अदालत
- Friday May 26, 2017
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दक्षिण दिल्ली की उन झुग्गी बस्तियों की जांच के लिए एक स्थानीय आयुक्त नियुक्त किया है जहां लोग आधार कार्ड नहीं होने के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत अनाज लेने में मुश्किल का सामना कर रहे हैं. इस मामले में दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने यह फैसला लिया.
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खाद्य सुरक्षा कानून पूरे देश में नवंबर से लागू हो गया है : रामविलास पासवान
- Thursday November 3, 2016
- Reported by: भाषा
सरकार ने कहा कि केरल और तमिलनाडु जैसे दो बाकी बचे दो बड़े राज्यों के शामिल होने के साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून इस महीने से पूरे देश में लागू हो गया है.
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"सभी नागरिकों को भोजन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी" : गहलोत ने SC की टिप्पणी का किया स्वागत
- Friday December 9, 2022
- Reported by: NDTV इंडिया, Translated by: अंजलि कर्मकार
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून देश में 10 सितंबर 2013 को यूपीए सरकार के दौरान लागू हुआ था. इसका उद्देश्य लोगों को गरिमा के साथ जीवन जीने के लिए सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित कराना है, ताकि लोगों खाद्य और पोषण सुरक्षा दी जा सके.
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रामविलास पासवान ने कहा- बिहार में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लाभार्थियों के साथ कोई भेदभाव नहीं
- Friday July 31, 2020
- भाषा
पासवान ने एक बयान में कहा कि बिहार में एनएफएसए राशन कार्ड के मुद्दे के संदर्भ में लाभार्थियों की गलत पहचान की कुछ रिपोर्टें थीं. लेकिन, केंद्र सरकार स्पष्ट करती है कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लाभार्थियों की पहचान कुछ मानदंडों के आधार पर की जाती है और यह जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है. पासवान ने कहा, ‘‘बिहार में एनएफएसए लाभार्थियों के साथ कोई भेदभाव या गलत पहचान नहीं की गई है. मानदंडों के अनुसार लाभार्थियों की पहचान की प्रणाली सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान है.’’
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जल्द ही देश में कहीं भी किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अपना राशन लिया जा सकेगा
- Saturday May 9, 2020
- Reported by: भाषा, Edited by: सूर्यकांत पाठक
खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को कहा कि एक जून से 20 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में महत्वाकांक्षी राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सेवा ‘एक राष्ट्र-एक राशनकार्ड’ को अमल में लाने की तैयारी है. इस पहल के तहत, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के पात्र लाभार्थी एक ही राशन कार्ड का उपयोग करके देश में कहीं भी किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अपने हिस्से का खाद्यान्न ले सकेंगे.
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NDTV की खबर का असर : मध्य प्रदेश में अब सरकारी राशन दुकानों में फिलहाल बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होगा
- Saturday April 25, 2020
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: मानस मिश्रा
NDTV एक बार फिर जरूरतमंदों की आवाज बनकर सरकार तक उनकी बात पहुंचाने में कामयाब रहा है. मध्य प्रदेश में अब सरकारी राशन दुकानों में अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली के हितग्राहियों का बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होगा, यानी अंगूठे की छाप नहीं देना होगा. एनडीटीवी में खबर दिखाए जाने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है. अब सिर्फ पीओएस में रिकॉर्ड दर्ज करने के बाद राशन दे दिया जाएगा. प्रदेश सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का राशन वितरण करने के लिए इस शर्त पर छूट दे दी है.
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आधार के अभाव में झारखंड के आदिवासी परिवार राशन कार्ड से वंचित
- Friday July 27, 2018
- Reported by: Haribans Sharma, Edited by: सूर्यकांत पाठक
गत 24 जुलाई को रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड के चैनपुर गांव के 39 वर्षीय राजेंद्र बिरहोर की पोषण की कमी और बीमारी के कारण मृत्यु हो गई. जन संगठनों के राष्ट्रीय समन्वय (NAPM), भोजन का अधिकार अभियान और ह्यूमन राईट्स लॉ नेटवर्क (HRLN) के सदस्यों के तथ्यान्वेषण दल ने पाया कि राजेंद्र बिरहोर के परिवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून अंतर्गत राशन कार्ड नहीं मिला था.
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दिल्ली : नहीं मिलता बिना आधार कार्ड के राशन, मदद के लिए आगे आई अदालत
- Friday May 26, 2017
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने दक्षिण दिल्ली की उन झुग्गी बस्तियों की जांच के लिए एक स्थानीय आयुक्त नियुक्त किया है जहां लोग आधार कार्ड नहीं होने के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत अनाज लेने में मुश्किल का सामना कर रहे हैं. इस मामले में दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने यह फैसला लिया.
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खाद्य सुरक्षा कानून पूरे देश में नवंबर से लागू हो गया है : रामविलास पासवान
- Thursday November 3, 2016
- Reported by: भाषा
सरकार ने कहा कि केरल और तमिलनाडु जैसे दो बाकी बचे दो बड़े राज्यों के शामिल होने के साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून इस महीने से पूरे देश में लागू हो गया है.
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