Lockdown Impacts
- सब
- ख़बरें
- वीडियो
-
आजादी के 40 साल बाद बना था ये शो, बना दिया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 78 एपिसोड और व्यूज 8,50,00,00,00, हर एपिसोड पर खर्च होते थे 9 लाख
- Thursday July 17, 2025
- Edited by: शिखा यादव
आजादी के एक-डेढ़ दशक बाद जब देश में घर-घर टीवी की लहर दौड़ी तो उस दौरान कई शो ऑनएयर होने लगे थे. इस बीच 80 के दशक में एक ऐसा टीवी शो भी आया था, जिसने पूरी टीवी इंडस्ट्री में भूचाल ला दिया था.
-
ndtv.in
-
Covid19 Lockdown से बढ़ा अकेलापन , स्क्रीन से चिपके रहने की पड़ी लत : UK सर्वे
- Wednesday March 23, 2022
- Edited by: वर्तिका
Ipsos Survey on Covid19 : एक तिहाई ब्रिटिश नागरिकों का मानना है कि लॉकडाउन की वजह से उनकी शारिरिक और मानसिक सेहत बिगड़ी है. पुरुषों की तुलना में (28%) अधिक महिलाओं ने कहा (38%) कि उनकी मानसिक हालत बिगड़ी है.
-
ndtv.in
-
कोरोना से रोजी-रोटी पर संकट : नौकरी जाने के बाद कर्ज पर हो रहा गुजारा, खत्म हो रही जमापूंजी
- Monday June 28, 2021
- Reported by: ए मरियम आल्वी
पिछले साल कोविड की पहली लहर और लॉकडाउन के दौरान बहुत लोगों की नौकरियां चली गईं. थिंक टैंक CMIE जो नौकरियां जाने के डेटा छापता रहता है. उनके अनुमान के मुताबिक अप्रैल 2020 में ही 11 करोड़ से ज्यादा लोगों की नौकरियां चली गई.
-
ndtv.in
-
कोरोना का कहर : छोटे कारोबारी बर्बादी की कगार पर, दूसरों को रोजगार देने वाले ढूंढ़ रहे हैं खुद के लिए काम
- Sunday June 27, 2021
- Reported by: ए मरियम आल्वी
मुबंई की आर्थिक गतिविधियों का एक केंद्र रही धारावी का ज्यादातर बिजनेस संकट में है. यहां पहले एक अरब डॉलर का कारोबार होता था. यहां की गारमेंट एसोसिएशन के मुताबिक दो लॉकडाउन के बाद अब बस कुछ ही यूनिटें चालू हैं.
-
ndtv.in
-
लॉकडाउन में मनरेगा के तहत काम न मिलने से ग्रामीणों की माली हालत खराब, NDTV ने यूपी के सोनभद्र जिले की हकीकत दिखाई
- Thursday May 20, 2021
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
सोनभद्र ज़िले के केवाल गांव से NDTV की ग्राउंड रिपोर्ट यही हकीकत सामने लाती है. लॉकडाउन लगने के बाद से ही मनरेगा( MNREGA) के तहत काम मिलना बंद हो गया है.
-
ndtv.in
-
प्रवासी मजदूरों को लेकर SC ने जताई चिंता, कहा- 'मदद के लिए दिए गए आदेशों पर कोई काम नहीं हुआ'
- Thursday May 13, 2021
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: तूलिका कुशवाहा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने पिछले साल जुलाई में प्रवासी मजदूरों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को कई निर्देश दिए थे, लेकिन उन आदेशों पर कोई पालन नही हुआ है क्योंकि किसी भी सरकार ने कोई जवाब दाखिल नही किया है.
-
ndtv.in
-
MSME सेक्टर पर कोरोना संकट और लॉकडाउन का असर, गारमेंट उत्पादक गंभीर वित्तीय संकट में
- Monday May 10, 2021
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
ये वित्तीय संकट कपड़ा उत्पादकों तक सीमित नहीं है. छोटे-लघु उद्योग संघ के सेक्रेटरी जनरल अनिल भारद्वाज कहते हैं फार्मा सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी MSME सेक्टरों में संकट गहराता जा रहा है.
-
ndtv.in
-
सख्त लॉकडाउन ने तोड़ी गरीबों की कमर! घर चलाना हो रहा मुश्किल, वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन भी चुनौती
- Sunday May 9, 2021
- Reported by: सोहित राकेश मिश्र
टीकाकरण के लिए ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन करना पड़ता है, लेकिन स्मार्टफोन नहीं होने के वजह से लोग वह भी नहीं करा पा रहे हैं. किन्नर समाज भी इस लॉकडाउन से बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. मुंबई से सटे उल्हासनगर में रहने वालीं रवीना जगताप किन्नर समाज से आती हैं, लॉकडाउन के कारण इनकी आमदनी के सारे साधन बंद हो चुके हैं.
-
ndtv.in
-
प्रवासी मजदूरों की जुबानी सुनिए, क्यों दिल्ली में रुकने के लिए नहीं हैं तैयार
- Tuesday April 20, 2021
- Reported by: सौरभ शुक्ला, Edited by: नितेश श्रीवास्तव
दिल्ली में लॉकडाउन के ऐलान के साथ ही प्रवासी श्रामिकों के पलायन का सिलसिला तेज हो गया. किसी के सिर पर बोरी है तो किसी ने कंधों पर बैग के साथ बाकी जरूरी सामानों को बांधा हुआ है. कोई सूटकेस को पकड़े दिखा तो कोई गोद में बच्चे लिए अपने गांव की तरफ जाती बस को तलाश रहा है. लोगों से खचाखच भरे आनंद विहार बस अड्डे पर कोई भी बस आती है तो चंद मिनटों के अंदर भर जाती है.
-
ndtv.in
-
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए कड़े नियमों का गरीबों के रोजगार पर बुरा असर
- Saturday April 17, 2021
- Reported by: सोहित राकेश मिश्र, Edited by: सूर्यकांत पाठक
Maharashtra Coronavirus: कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से महाराष्ट्र में लागू कड़े नियमों का सबसे ज़्यादा असर गरीब वर्ग पर पड़ा है. लोगों के पास काम नहीं है और ना ही पैसे बचे हैं. कई लोग कर्ज़ लेकर घर चला रहे हैं. हालात यह हैं कि लोग महीनों से घर का किराया नहीं दे पा रहे हैं और उधार में राशन लेकर काम चला रहे हैं. रोजगार हैं नहीं और काम-धंधे सब बंद हैं. सड़कों पर छोटी दुकानें लगाकर गुजर-बसर करने वालों से लेकर घरों, दुकानों में काम करने वाले तक सभी भविष्य को लेकर चिंतित हैं.
-
ndtv.in
-
आजादी के 40 साल बाद बना था ये शो, बना दिया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 78 एपिसोड और व्यूज 8,50,00,00,00, हर एपिसोड पर खर्च होते थे 9 लाख
- Thursday July 17, 2025
- Edited by: शिखा यादव
आजादी के एक-डेढ़ दशक बाद जब देश में घर-घर टीवी की लहर दौड़ी तो उस दौरान कई शो ऑनएयर होने लगे थे. इस बीच 80 के दशक में एक ऐसा टीवी शो भी आया था, जिसने पूरी टीवी इंडस्ट्री में भूचाल ला दिया था.
-
ndtv.in
-
Covid19 Lockdown से बढ़ा अकेलापन , स्क्रीन से चिपके रहने की पड़ी लत : UK सर्वे
- Wednesday March 23, 2022
- Edited by: वर्तिका
Ipsos Survey on Covid19 : एक तिहाई ब्रिटिश नागरिकों का मानना है कि लॉकडाउन की वजह से उनकी शारिरिक और मानसिक सेहत बिगड़ी है. पुरुषों की तुलना में (28%) अधिक महिलाओं ने कहा (38%) कि उनकी मानसिक हालत बिगड़ी है.
-
ndtv.in
-
कोरोना से रोजी-रोटी पर संकट : नौकरी जाने के बाद कर्ज पर हो रहा गुजारा, खत्म हो रही जमापूंजी
- Monday June 28, 2021
- Reported by: ए मरियम आल्वी
पिछले साल कोविड की पहली लहर और लॉकडाउन के दौरान बहुत लोगों की नौकरियां चली गईं. थिंक टैंक CMIE जो नौकरियां जाने के डेटा छापता रहता है. उनके अनुमान के मुताबिक अप्रैल 2020 में ही 11 करोड़ से ज्यादा लोगों की नौकरियां चली गई.
-
ndtv.in
-
कोरोना का कहर : छोटे कारोबारी बर्बादी की कगार पर, दूसरों को रोजगार देने वाले ढूंढ़ रहे हैं खुद के लिए काम
- Sunday June 27, 2021
- Reported by: ए मरियम आल्वी
मुबंई की आर्थिक गतिविधियों का एक केंद्र रही धारावी का ज्यादातर बिजनेस संकट में है. यहां पहले एक अरब डॉलर का कारोबार होता था. यहां की गारमेंट एसोसिएशन के मुताबिक दो लॉकडाउन के बाद अब बस कुछ ही यूनिटें चालू हैं.
-
ndtv.in
-
लॉकडाउन में मनरेगा के तहत काम न मिलने से ग्रामीणों की माली हालत खराब, NDTV ने यूपी के सोनभद्र जिले की हकीकत दिखाई
- Thursday May 20, 2021
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
सोनभद्र ज़िले के केवाल गांव से NDTV की ग्राउंड रिपोर्ट यही हकीकत सामने लाती है. लॉकडाउन लगने के बाद से ही मनरेगा( MNREGA) के तहत काम मिलना बंद हो गया है.
-
ndtv.in
-
प्रवासी मजदूरों को लेकर SC ने जताई चिंता, कहा- 'मदद के लिए दिए गए आदेशों पर कोई काम नहीं हुआ'
- Thursday May 13, 2021
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: तूलिका कुशवाहा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने पिछले साल जुलाई में प्रवासी मजदूरों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को कई निर्देश दिए थे, लेकिन उन आदेशों पर कोई पालन नही हुआ है क्योंकि किसी भी सरकार ने कोई जवाब दाखिल नही किया है.
-
ndtv.in
-
MSME सेक्टर पर कोरोना संकट और लॉकडाउन का असर, गारमेंट उत्पादक गंभीर वित्तीय संकट में
- Monday May 10, 2021
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
ये वित्तीय संकट कपड़ा उत्पादकों तक सीमित नहीं है. छोटे-लघु उद्योग संघ के सेक्रेटरी जनरल अनिल भारद्वाज कहते हैं फार्मा सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी MSME सेक्टरों में संकट गहराता जा रहा है.
-
ndtv.in
-
सख्त लॉकडाउन ने तोड़ी गरीबों की कमर! घर चलाना हो रहा मुश्किल, वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन भी चुनौती
- Sunday May 9, 2021
- Reported by: सोहित राकेश मिश्र
टीकाकरण के लिए ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन करना पड़ता है, लेकिन स्मार्टफोन नहीं होने के वजह से लोग वह भी नहीं करा पा रहे हैं. किन्नर समाज भी इस लॉकडाउन से बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. मुंबई से सटे उल्हासनगर में रहने वालीं रवीना जगताप किन्नर समाज से आती हैं, लॉकडाउन के कारण इनकी आमदनी के सारे साधन बंद हो चुके हैं.
-
ndtv.in
-
प्रवासी मजदूरों की जुबानी सुनिए, क्यों दिल्ली में रुकने के लिए नहीं हैं तैयार
- Tuesday April 20, 2021
- Reported by: सौरभ शुक्ला, Edited by: नितेश श्रीवास्तव
दिल्ली में लॉकडाउन के ऐलान के साथ ही प्रवासी श्रामिकों के पलायन का सिलसिला तेज हो गया. किसी के सिर पर बोरी है तो किसी ने कंधों पर बैग के साथ बाकी जरूरी सामानों को बांधा हुआ है. कोई सूटकेस को पकड़े दिखा तो कोई गोद में बच्चे लिए अपने गांव की तरफ जाती बस को तलाश रहा है. लोगों से खचाखच भरे आनंद विहार बस अड्डे पर कोई भी बस आती है तो चंद मिनटों के अंदर भर जाती है.
-
ndtv.in
-
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए कड़े नियमों का गरीबों के रोजगार पर बुरा असर
- Saturday April 17, 2021
- Reported by: सोहित राकेश मिश्र, Edited by: सूर्यकांत पाठक
Maharashtra Coronavirus: कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से महाराष्ट्र में लागू कड़े नियमों का सबसे ज़्यादा असर गरीब वर्ग पर पड़ा है. लोगों के पास काम नहीं है और ना ही पैसे बचे हैं. कई लोग कर्ज़ लेकर घर चला रहे हैं. हालात यह हैं कि लोग महीनों से घर का किराया नहीं दे पा रहे हैं और उधार में राशन लेकर काम चला रहे हैं. रोजगार हैं नहीं और काम-धंधे सब बंद हैं. सड़कों पर छोटी दुकानें लगाकर गुजर-बसर करने वालों से लेकर घरों, दुकानों में काम करने वाले तक सभी भविष्य को लेकर चिंतित हैं.
-
ndtv.in