- संजय निरुपम ने अफवाह फैलाने वालों को देश का दुश्मन करार दिया और पेट्रोलियम सप्लाई में मामूली असर स्वीकार किया
- उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने डीजल, पेट्रोल और गैस की कमी को लेकर निराधार अफवाहें फैलाई हैं
- कांग्रेस नेताओं पर टिकट बेचने और रिश्वत लेने के आरोप लगते हुए दिल्ली पुलिस ने कई मामलों में जांच शुरू की है
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने आईएएनएस से कहा कि अफवाह उड़ाने वाले देश के दुश्मन होते हैं. पश्चिम एशिया में जो युद्ध चल रहा है, उसकी वजह से पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई पर थोड़ा असर पड़ा है, लेकिन विरोधी पक्ष के नेता पहले दिन से अफवाह उड़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के नेता अफवाह उड़ा रहे हैं कि लोगों को डीजल नहीं मिलेगा, पेट्रोल नहीं मिलेगा और एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलेंगे. सरकार ने गैस का प्रोडक्शन बढ़ा दिया, डीजल-पेट्रोल का आयात बढ़ा दिया. विरोधी पक्ष के नेताओं ने लॉकडाउन की अफवाह उड़ा दी.
कांग्रेस पर टिकट बेचने का आरोप
संजय निरुपम ने कहा कि इन अफवाहों को देखते हुए पीएम मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मीटिंग की. पीएम मोदी ने इस संकट से उबरने के लिए पूरा प्लान बनाया है. उन्होंने कहा कि अफवाह उड़ाने वालों से मैं यही कहूंगा कि अफवाहें उड़ाना बंद करिए. टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप पर संजय निरुपम ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी के पीए और केरल से कांग्रेस सांसद के. सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज किया है. उन्होंने कहा कि केरल चुनाव में टिकट के नाम पर उम्मीदवारों से पैसे लिए हैं, ये कांग्रेस का असली चेहरा है.
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टिकट बेचने के आरोपों पर कांग्रेस से माफी की मांग
उन्होंने कहा कि बिना रिश्वत लिए कांग्रेस किसी का काम नहीं करती. कांग्रेस वाले पार्टी के टिकट को भी बेचते हैं. दिल्ली पुलिस ने ऐतिहासिक घटना के तौर पर टिकट बेचने के आरोप में कांग्रेस के बड़े नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है. इस कुकृत्य के लिए कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए. जिन लोगों पर आरोप लगा है उन सब को गिरफ्तार करके जेल भेजना चाहिए. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि चुनावी संदर्भ में पश्चिम बंगाल का खूनी इतिहास रहा है. सत्तारूढ़ दल मतदाताओं को डरा-धमका कर चुनाव लड़ता है और जीतता है.
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पश्चिम बंगाल चुनाव और ममता बनर्जी पर हमला
लगभग 30 वर्षों तक वामपंथ की सरकारें यही करती रहीं. ममता बनर्जी की सरकार ने भी यही हरकत की. इस चुनाव में पहली बार भाजपा पूरे दम के साथ चुनावी मैदान में उतरी है. संजय निरुपम ने कहा कि भाजपा ने बंगाल के मतदाताओं के मन से डर निकालकर निष्पक्ष ढंग से चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया है. बंगाल से संदेश आ रहे हैं कि इस बार ममता दीदी की सरकार नहीं आएगी. ममता बनर्जी का ये आखिरी चुनाव हो सकता है. हारने वाले लोग तरह-तरह के बहाने बताने लगते हैं, उन्हीं बहानों को लेकर ममता बनर्जी सामने आई हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं