Indu Malhotra
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पश्चिम बंगाल के 20 लाख सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट का बकाया महंगाई भत्ता देने का आदेश
- Thursday February 5, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: अभिषेक पारीक
पश्चिम बंगाल के करीब 20 लाख राज्य कर्मचारियों को को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए 2008 से 2019 तक का बकाया महंगाई भत्ता दिए जाने का आदेश दिया है.
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पीएम की सुरक्षा में चूक से जुड़े सवालों को एकतरफा जांच के लिए नहीं छोड़ा जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
- Wednesday January 12, 2022
- Reported by: आशीष भार्गव
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन सवालों को किसी एक तरफा जांच पर नहीं छोड़ा जा सकता. इस मामले में स्वतंत्र जांच की जरूरत है.
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सुप्रीम कोर्ट की महिला जज इंदु मल्होत्रा का आज आखिरी वर्किंग डे, CJI ने याद दिलाया पुराना वाकया
- Friday March 12, 2021
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: प्रमोद कुमार प्रवीण
जस्टिस मल्होत्रा ने सभी बार सदस्यों का शुक्रिया अदा किया. हालांकि, बेंच पर भावुक हो जाने की वजह से वो अपना भाषण पूरा नहीं कर सकीं. सीजेआई ने कहा कि वह भावना को समझ सकते हैं. दूसरे मौके पर इसे पूरा कीजिएगा.
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महाराष्ट्र में बीफ बैन का मामला : जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने खुद को सुनवाई से अलग किया
- Monday July 1, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: सूर्यकांत पाठक
महाराष्ट्र में बीफ बैन के मामले में सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है. वे पहले इस केस में बतौर वकील पेश हुई थीं. अब इस मामले को चीफ जस्टिस के पास भेजा गया है ताकि नई बेंच का गठन किया जा सके.
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यौन उत्पीड़न के आरोपों में CJI रंजन गोगोई को क्लीनचिट मिलने के बाद शिकायतकर्ता महिला ने मांगी जांच रिपोर्ट की कॉपी
- Tuesday May 7, 2019
- एनडीटीवी
CJI रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) को यौन उत्पीड़न के आरोपों में क्लीनचिट मिल गई है. मामले में शिकायतकर्ता महिला ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जांच पैनल से CJI रंजन गोगोई को दी गई क्लीनचिट को लेकर रिपोर्ट की एक कॉपी की मांग की है.
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CJI रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप- सुप्रीम कोर्ट के इन हाउस पैनल ने खारिज की शिकायत
- Monday May 6, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव
CJI Ranjan Gogoi News: चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप (Sex Harassment Case) खारिज हो गया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के इन हाउस पैनल ने महिलाकर्मी की शिकायत को खारिज कर दिया. जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी के पैनल ने यह फैसला सुनाया. पैनल ने कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं मिले. सुप्रीम कोर्ट ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि इन हाउस पैनल की जांच के तथ्यों को सुप्रीम कोर्ट के 2003 के नियमों के तहत सार्वजनिक नहीं किया जाएगा.
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CJI रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए बनी कमेटी में अब दो महिला जज
- Friday April 26, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए बनी कमेटी से जस्टिस रमना ने खुद को अलग कर लिया. इसके बाद जस्टिस इंदु मल्होत्रा (Justice Indu Malhotra) को पैनल में तीसरी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
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जानिए, सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर बहुमत से अलग क्यों रहा जस्टिस इंदु मल्होत्रा का फैसला
- Friday September 28, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
केरल के सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर लगे रोक से बैन हटा दिया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर के दरवाजे हर उम्र की महिलाओं के लिए खोल दिये. साथ ही बहुमत के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक असंवैधानिक है. बता दें कि अब तक 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी. मगर अब सब मंदिर में दर्शन करने जा सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला 4-1 के बहुमत से आया. क्योंकि जस्टिस इंदु मल्होत्रा की इस मामले में अलग राय थी.
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समलैंगिकता के फैसले पर अनेक सवाल
- Friday September 7, 2018
- विराग गुप्ता
सुप्रीम कोर्ट के प्रांगण में मीडिया द्वारा फोटोग्राफी निषेध है. इसके बावजूद समलैंगिकता पर फैसले के बाद पूरा परिसर इन्द्रधनुषीय रंग से सराबोर हो गया. दो वयस्क लोगों का निजी सम्बन्ध मानते हुए समलैंगिकता को सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया परन्तु इस फैसले के लिए अपनाई गयी कानूनी प्रक्रिया पर अनेक सवाल खड़े हो गये हैं.
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धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद समलैंगिक शादी को कानूनी मान्यता दिलाने पर नजर
- Friday September 7, 2018
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को समलैंगिक अपनी आज़ादी के तौर पर देख रहे हैं. उनका कहना है कि उनकी लंबी लड़ाई अपने मुकाम तक पहुंची है. अब उनकी नज़र समलैंगिक शादी को क़ानूनी मान्यता दिलाने पर है.
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पश्चिम बंगाल के 20 लाख सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट का बकाया महंगाई भत्ता देने का आदेश
- Thursday February 5, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: अभिषेक पारीक
पश्चिम बंगाल के करीब 20 लाख राज्य कर्मचारियों को को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए 2008 से 2019 तक का बकाया महंगाई भत्ता दिए जाने का आदेश दिया है.
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पीएम की सुरक्षा में चूक से जुड़े सवालों को एकतरफा जांच के लिए नहीं छोड़ा जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
- Wednesday January 12, 2022
- Reported by: आशीष भार्गव
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन सवालों को किसी एक तरफा जांच पर नहीं छोड़ा जा सकता. इस मामले में स्वतंत्र जांच की जरूरत है.
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सुप्रीम कोर्ट की महिला जज इंदु मल्होत्रा का आज आखिरी वर्किंग डे, CJI ने याद दिलाया पुराना वाकया
- Friday March 12, 2021
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: प्रमोद कुमार प्रवीण
जस्टिस मल्होत्रा ने सभी बार सदस्यों का शुक्रिया अदा किया. हालांकि, बेंच पर भावुक हो जाने की वजह से वो अपना भाषण पूरा नहीं कर सकीं. सीजेआई ने कहा कि वह भावना को समझ सकते हैं. दूसरे मौके पर इसे पूरा कीजिएगा.
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महाराष्ट्र में बीफ बैन का मामला : जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने खुद को सुनवाई से अलग किया
- Monday July 1, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: सूर्यकांत पाठक
महाराष्ट्र में बीफ बैन के मामले में सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है. वे पहले इस केस में बतौर वकील पेश हुई थीं. अब इस मामले को चीफ जस्टिस के पास भेजा गया है ताकि नई बेंच का गठन किया जा सके.
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यौन उत्पीड़न के आरोपों में CJI रंजन गोगोई को क्लीनचिट मिलने के बाद शिकायतकर्ता महिला ने मांगी जांच रिपोर्ट की कॉपी
- Tuesday May 7, 2019
- एनडीटीवी
CJI रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) को यौन उत्पीड़न के आरोपों में क्लीनचिट मिल गई है. मामले में शिकायतकर्ता महिला ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जांच पैनल से CJI रंजन गोगोई को दी गई क्लीनचिट को लेकर रिपोर्ट की एक कॉपी की मांग की है.
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CJI रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप- सुप्रीम कोर्ट के इन हाउस पैनल ने खारिज की शिकायत
- Monday May 6, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव
CJI Ranjan Gogoi News: चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप (Sex Harassment Case) खारिज हो गया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के इन हाउस पैनल ने महिलाकर्मी की शिकायत को खारिज कर दिया. जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी के पैनल ने यह फैसला सुनाया. पैनल ने कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं मिले. सुप्रीम कोर्ट ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि इन हाउस पैनल की जांच के तथ्यों को सुप्रीम कोर्ट के 2003 के नियमों के तहत सार्वजनिक नहीं किया जाएगा.
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CJI रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए बनी कमेटी में अब दो महिला जज
- Friday April 26, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए बनी कमेटी से जस्टिस रमना ने खुद को अलग कर लिया. इसके बाद जस्टिस इंदु मल्होत्रा (Justice Indu Malhotra) को पैनल में तीसरी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
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जानिए, सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर बहुमत से अलग क्यों रहा जस्टिस इंदु मल्होत्रा का फैसला
- Friday September 28, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
केरल के सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर लगे रोक से बैन हटा दिया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर के दरवाजे हर उम्र की महिलाओं के लिए खोल दिये. साथ ही बहुमत के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक असंवैधानिक है. बता दें कि अब तक 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी. मगर अब सब मंदिर में दर्शन करने जा सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला 4-1 के बहुमत से आया. क्योंकि जस्टिस इंदु मल्होत्रा की इस मामले में अलग राय थी.
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समलैंगिकता के फैसले पर अनेक सवाल
- Friday September 7, 2018
- विराग गुप्ता
सुप्रीम कोर्ट के प्रांगण में मीडिया द्वारा फोटोग्राफी निषेध है. इसके बावजूद समलैंगिकता पर फैसले के बाद पूरा परिसर इन्द्रधनुषीय रंग से सराबोर हो गया. दो वयस्क लोगों का निजी सम्बन्ध मानते हुए समलैंगिकता को सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया परन्तु इस फैसले के लिए अपनाई गयी कानूनी प्रक्रिया पर अनेक सवाल खड़े हो गये हैं.
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धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद समलैंगिक शादी को कानूनी मान्यता दिलाने पर नजर
- Friday September 7, 2018
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को समलैंगिक अपनी आज़ादी के तौर पर देख रहे हैं. उनका कहना है कि उनकी लंबी लड़ाई अपने मुकाम तक पहुंची है. अब उनकी नज़र समलैंगिक शादी को क़ानूनी मान्यता दिलाने पर है.
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