Gorakhpur Lok Sabha Seat
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पिता ने पीटा तो मां से 500 रुपये लेकर घर से भागा, बॉलीवुड में खाए धक्के, फिर भोजपुरी फिल्मों में चमकाया नाम
Ravi Kishan: नई चुनावी पारी खेल रहे रवि किशन का नाम आज की तारीख में किसी पहचान का मोहताज नहीं है. रवि किशन ने पहले अभिनेता बनने के लिए लंबा संघर्ष किया और फिर वो अपनी एक्टिंग से खास जगह बनाने में कामयाब रहे.
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योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में दिलचस्प रण, इस बार मामला पूरा फिल्मी है
गोरखपुर सीट पर आजादी के बाद हुए पहले चुनाव से लेकर 1984 तक कांग्रेस का दबदबा रहा. इस दौरान हुए आठ चुनाव में कांग्रेस ने छह बार जीत दर्ज की. कांग्रेस मदन पांडेय 1984 के चुनाव में गोरखपुर से जीते थे. उनके बाद कांग्रेस को यहां पर कभी जीत नसीब नहीं हुई.
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तेरे नाम से लेकर मुक्केबाज तक, रवि किशन ने इन फिल्मों में निभाया जबरदस्त रोल, देखिए उनकी टॉप 5 फिल्में
Ravi Kishan Top Five Movies: एक्टर रवि किशन ने भोजपुरी से लेकर बॉलीवुड तक हर जगह अपनी एक्टिंग का डंका बजाया है. वो हर फिल्म में एक से बढ़कर एक रोल निभाते नजर आते हैं. उनकी फिल्म हिट साबित हो ना हो लेकिन उनकी एक्टिंग की हमेशा तारीफ हुई है.
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सलमान खान ने रवि किशन का जब जीना किया था मुश्किल, भोजपुरी सुपरस्टार की हो गई थी बोलती बंद
Election Results: बॉलीवुड से लेकर भोजपुरी तक और भोजपुरी फिल्मों से लेकर साउथ इंडियन मूवीज तक में छाए रहने वाले स्टार रवि किशन इन दिनों सुर्खियों में हैं. रवि किशन ने एक्टिंग की दुनिया में जितनी कामयाब पारी खेली है.
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"वाराणसी के बाद सबसे लोकप्रिय सीट": योगी के गढ़ गोरखपुर से रवि किशन को टिकट
भोजपुरी अभिनेता रवि किशन योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर से दोबारा चुनाव लड़ेंगे. 2019 के चुनाव में रवि किशन ने सपा उम्मीदवार रामभुआल निषाद के खिलाफ 3 लाख से ज्यादा वोटों की बढ़त के साथ जीत हासिल की थी.
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गीता प्रेस और मुंशी प्रेमचंद की कर्मस्थली गोरखपुर में सालों से बज रहा है बीजेपी का डंका
योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद गोरखपुर उपचुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त देखनी पड़ी थी. सपा के प्रवीण निषाद ने बीजेपी को हरा दिया. इसके बाद एक बार फिर 2019 में जनता ने बीजेपी की वापसी करते हुए रवि किशन को विजयी बनाया.
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रवि किशन को सलमान खान की फिल्म से मिली पहचान, जानें सिनेमा से सियासत तक का सफर
जपुरी फिल्मों के सुपरस्टार रवि किशन राजनीति में अपनी नई पारी का आगाज कर चुके हैं, 2019 के आम चुनावों में वह बीजेपी के टिकट पर गोरखपुर से चुनाव लड़ रहे हैं.हालांकि 2014 के लोकसभा चुनावों में भी वह अपनी किस्मत आजमा चुके हैं
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क्या फिल्म स्टार के दम पर योगी आदित्यनाथ बीजेपी की झोली में फिर से डाल पाएंगे गोरखपुर?
हद जटिल जातिवादी संरचना वाले गोरखपुर में 20 लाख वोटर हैं, जिसमें निषाद जाति के सबसे ज्यादा (2.63 लाख वोटर) लोग शामिल हैं. इसके बाद दूसरे नंबर पर दलित (2.6 लाख वोटर) और फिर यादव (2.40 लाख वोटर) हैं.
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वाराणसी से PM मोदी के खिलाफ क्यों नहीं उतरीं प्रियंका गांधी, जानें क्या है अंदर की कहानी
पूर्वी उत्तरप्रदेश की प्रभारी के तौर पर प्रियंका की यह सोच सही थी मगर राहुल ने मना कर दिया. राहुल का तर्क था कि लोकतंत्र में नेहरू के समय से परंपरा रही है कि दूसरी पार्टियों के नेताओं का भी सम्मान होना चाहिए और चुनाव में उनकी राह में बेवजह रोड़े नहीं अटकाए जाने चाहिए. हालांकि इसका अपवाद भी है कि राजीव गांधी के समय हेमवती नंदन बहुगुणा के सामने अमिताभ बच्चन को कांग्रेस ने मैदान में उतारा था. सोनिया गांधी की यह राय थी कि प्रियंका को बनारस जा कर चुनाव लड़ने की जरूरत नहीं है.
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कांग्रेस ने किया वाराणसी और गोरखपुर सीट के लिए उम्मीदवारों का ऐलान, फिर अजय राय को उतारा PM मोदी के खिलाफ
वाराणसी से अजय राय और गोरखपुर से मधुसूदन तिवारी को टिकट दिया गया है. वाराणसी में अजय राय का मुकाबला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगा.
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गोरखपुर सीट पर आजादी के बाद हुए पहले चुनाव से लेकर 1984 तक कांग्रेस का दबदबा रहा. इस दौरान हुए आठ चुनाव में कांग्रेस ने छह बार जीत दर्ज की. कांग्रेस मदन पांडेय 1984 के चुनाव में गोरखपुर से जीते थे. उनके बाद कांग्रेस को यहां पर कभी जीत नसीब नहीं हुई.
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सलमान खान ने रवि किशन का जब जीना किया था मुश्किल, भोजपुरी सुपरस्टार की हो गई थी बोलती बंद
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भोजपुरी अभिनेता रवि किशन योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर से दोबारा चुनाव लड़ेंगे. 2019 के चुनाव में रवि किशन ने सपा उम्मीदवार रामभुआल निषाद के खिलाफ 3 लाख से ज्यादा वोटों की बढ़त के साथ जीत हासिल की थी.
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योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद गोरखपुर उपचुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त देखनी पड़ी थी. सपा के प्रवीण निषाद ने बीजेपी को हरा दिया. इसके बाद एक बार फिर 2019 में जनता ने बीजेपी की वापसी करते हुए रवि किशन को विजयी बनाया.
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