'Modi govt bills' - 38 न्यूज़ रिजल्ट्स
  • India | मंगलवार दिसम्बर 15, 2020 11:03 PM IST
    Farmers Protest: तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ अपना रुख कड़ा करते हुए किसान नेताओं ने मंगलवार को कहा कि वे सरकार से इन कानूनों को वापस ‘‘कराएंगे’’. साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई उस स्तर पर पहुंच गई है, जहां वे इसे जीतने के लिए ‘‘प्रतिबद्ध’’ हैं. उन्होंने कहा कि अपनी मांगों के लिए वे बुधवार को दिल्ली और नोएडा के बीच चिल्ला बॉर्डर को पूरी तरह जाम कर देंगे. सिंघू बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने कहा, ‘‘सरकार कह रही है कि वह इन कानूनों को वापस नहीं लेगी, हम कह रहे हैं कि हम आपसे ऐसा करवाएंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लड़ाई उस चरण में पहुंच गई है जहां हम मामले को जीतने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम बातचीत से नहीं भाग रहे हैं लेकिन सरकार को हमारी मांगों पर ध्यान देना होगा और ठोस प्रस्ताव के साथ आना होगा.’’
  • India | मंगलवार दिसम्बर 15, 2020 10:01 AM IST
    मोदी सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहा किसानों का आंदोलन फिलहाल बिल्कुल भी कमजोर पड़ता नजर नहीं आ रहा है. किसानों और सरकार के बीच फिलहाल कोई बातचीत भी होती नजर नहीं आ रही है. किसान इन कानूनों को वापस लिए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं, वहीं सरकार इनमें बस संशोधन करना चाहती है. लेकिन मामला बनता नहीं दिख रहा, वहीं आंदोलन और भी विस्तृत होता जा रहा है, ऐसे में सरकार ने इससे निपटने के लिए आक्रामक रणनीति बनाई है. 10 बिंदुओं में सरकार का एक्शन प्लान तैयार है, जिसके तहत वो अलग-अलग फ्रंट पर इस पूरे मामले से निपटने की कोशिश करेगी.
  • India | शुक्रवार सितम्बर 25, 2020 11:20 AM IST
    प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को अपने ट्वीट में लिखा- "किसानों से MSP छीन ली जाएगी. उन्हें कांट्रेक्ट फार्मिंग के जरिए खरबपतियों का गुलाम बनने पर मजबूर किया जाएगा. न दाम मिलेगा, न सम्मान. किसान अपने ही खेत पर मजदूर बन जाएगा. भाजपा का कृषि बिल ईस्ट इंडिया कम्पनी राज की याद दिलाता है. हम ये अन्याय नहीं होने देंगे."
  • Blogs | गुरुवार सितम्बर 24, 2020 12:59 PM IST
    हरिवंश की आलोचना इसलिए हो रही है कि उन्होंने मत विभाजन क्यों नहीं कराया और सदन का कामकाज आगे बढ़ाने के लिए आम राय क्यों नहीं बनाई. वह चाहते, तो सदन कुछ देर के लिए स्थगित कर मत विभाजन का प्रयास कर सकते थे.
  • India | मंगलवार सितम्बर 22, 2020 02:18 PM IST
    पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने ट्वीट में लिखा- "आवाज़-ए-किसान :- जिन्हें हम हार समझे थे गला अपना सजाने को, वही अब नाग बन बैठे हमारे काट खाने को."
  • India | मंगलवार सितम्बर 22, 2020 01:35 PM IST
    तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, "NDA सरकार ने अन्नदाताओं को अपने फण्डदाताओं की कठपुतली बना दिया है. जितनी हड़बड़ी में किसान बिल पास करवाया गया है इससे जाहिर होता है कि इसमें कुछ गड़बड़ी है. इस सरकार को किसान की शान और किसान की जान की रत्ती भर भी परवाह नहीं है."
  • India | मंगलवार सितम्बर 22, 2020 11:28 AM IST
    राहुल गांधी ने मंगलवार को किए अपने ट्वीट में लिखा- "2014- मोदी जी का चुनावी वादा किसानों को स्वामीनाथन कमीशन वाला MSP. 2015- मोदी सरकार ने कोर्ट में कहा कि उनसे ये न हो पाएगा. 2020- काले किसान क़ानून. मोदी जी की नीयत ‘साफ़’... कृषि-विरोधी नया प्रयास... किसानों को करके जड़ से साफ़... पूंजीपति ‘मित्रों’ का ख़ूब विकास."
  • India | शनिवार सितम्बर 19, 2020 02:18 PM IST
    Monsoon Session LIVE Updates: संसद का मानसून सत्र (Monsoon Session of Parliament) चल रहा है. 18 दिवसीय इस सत्र में शनिवार और रविवार को भी सदन की कार्यवाही जारी रहेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) आज (शनिवार) इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 में संशोधन के लिए बिल लाई हैं. सीतारमण ने शुक्रवार को कहा था कि उनके कोरोना को 'एक्ट ऑफ गॉड' वाले बयान का मजाक उड़ाया गया, वहीं लैटिन शब्द 'फोर्स मैज्यूरे' को स्वीकार किया जाता है.
  • India | गुरुवार दिसम्बर 12, 2019 01:34 PM IST
    नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) राज्यसभा से भी पारित हो गया है. बिल पर संसद के बाहर रार बढ़ती जा रही है. असम, त्रिपुरा सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों में इसके खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन हो रहे हैं. गुवाहाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया है. बीजेपी नेताओं के घरों और दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन हो रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने नॉर्थ-ईस्ट का जिक्र करते हुए कैब (CAB) के बहाने मोदी सरकार (Modi Govt) को घेरते हुए एक ट्वीट किया. जिसके बाद केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू (Kiren Rijiju) ने उन्हें जवाब दिया और कहा कि हमने आपकी गलती सुधारी है.
  • Blogs | बुधवार दिसम्बर 11, 2019 02:22 PM IST
    देश ऐसे ही होता है. अलग अलग भौगोलिक क्षेत्रों के लिए अलग कानून की ज़रूरत पड़ती है. भारत ही नहीं दुनिया भर में कानूनों का यही इतिहास और वर्तमान है. एक देश के भीतर कहीं कानून भौगोलिक कारणों से अलग होता है तो कहीं सामुदायिक कारणों से.
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