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Bombay High Court

'Bombay High Court' - 605 News Result(s)
  • बंबई HC के नये भवन के लिए सितंबर तक जमीन सौंपे महाराष्ट्र सरकार : सुप्रीम कोर्ट

    बंबई HC के नये भवन के लिए सितंबर तक जमीन सौंपे महाराष्ट्र सरकार : सुप्रीम कोर्ट

    न्यायालय ने कहा, ‘‘हम महाराष्ट्र सरकार को सितंबर 2024 के अंत तक, भूमि के पहले हिस्से के रूप में 9.64 एकड़ भूखंड सौंपने का हरसंभव प्रयास करने का निर्देश देते हैं.

  • मां बनना एक नैसर्गिक प्रक्रिया, नियोक्ता को सहानुभूति रखनी चाहिए: कोर्ट

    मां बनना एक नैसर्गिक प्रक्रिया, नियोक्ता को सहानुभूति रखनी चाहिए: कोर्ट

    न्यायमूर्ति ए एस चंदूरकर और न्यायमूर्ति जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने कहा कि हमारे समाज का लगभग आधा हिस्सा महिलाएं बनाती हैं, उनके साथ उन स्थानों पर सम्मानित और सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए जहां वे अपनी आजीविका कमाने के लिए काम करती हैं.

  • बॉम्बे हाई कोर्ट से चिकित्सा आधार पर जेट एयरवेज के संस्थापक को मिली अंतरिम जमानत

    बॉम्बे हाई कोर्ट से चिकित्सा आधार पर जेट एयरवेज के संस्थापक को मिली अंतरिम जमानत

    वकील हरीश साल्वे ने दलील दी कि गोयल की सेहत खराब होने के साथ उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है. गोयल को ईडी ने जेट एयरवेज को कैनरा बैंक से मिले 538.62 करोड़ रुपये की राशि का धनशोधन कर गबन करने के मामले में सितंबर 2023 में गिरफ्तार किया था.

  • सलमान खान फायरिंग केस: खुदकुशी करने वाले आरोपी के परिवार ने बॉम्बे HC से की CBI जांच की मांग

    सलमान खान फायरिंग केस: खुदकुशी करने वाले आरोपी के परिवार ने बॉम्बे HC से की CBI जांच की मांग

    अनुज के परिवार के वकील का आरोप है कि क्राइम ब्रांच (Crime Branch) के जो ऑफिसर इस मामले की जांच कर रहे है, वे खुद छोटा शकील के साथ मकोका में सह आरोपी है. ऐसे में क्राइम ब्रांच की फेयर जांच पर यकीन नहीं किया जा सकता.

  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बकाएदारों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी नहीं कर सकते: बंबई हाईकोर्ट

    सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बकाएदारों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी नहीं कर सकते: बंबई हाईकोर्ट

    न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति माधव जामदार की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के कार्यालय ज्ञापन के उस धारा को भी असंवैधानिक करार दिया, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के चेयरपर्सन को कर्ज न चुकाने वालों के खिलाफ एलओसी जारी करने का अधिकार दिया गया था.

  • जजों को गरिमा के साथ काम करना चाहिए, न्यायपालिका की छवि खराब नहीं करनी चाहिए: बंबई हाईकोर्ट

    जजों को गरिमा के साथ काम करना चाहिए, न्यायपालिका की छवि खराब नहीं करनी चाहिए: बंबई हाईकोर्ट

    अनिरुद्ध पाठक (52) ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कथित अनुचित व्यवहार के लिए और कई बार अदालत में नशे की हालत में आने के लिए उन्हें दीवानी न्यायाधीश जूनियर डिविजन के पद से हटाये जाने को चुनौती दी थी.

  • दाऊदी बोहरा समुदाय के नेता में नहीं होगा कोई बदलाव, बोम्बे हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

    दाऊदी बोहरा समुदाय के नेता में नहीं होगा कोई बदलाव, बोम्बे हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

    याचिका में सैयदना ताहेर फखरुद्दीन ने कहा था कि उनके चाचा को समुदाय के नेता के रूप में बने रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि उन्होंने "छल से" से पद संभाला है. 

  • दाऊदी बोहरा उत्तराधिकार की लड़ाई पर बॉम्बे हाईकोर्ट आज सुनाएगा फैसला

    दाऊदी बोहरा उत्तराधिकार की लड़ाई पर बॉम्बे हाईकोर्ट आज सुनाएगा फैसला

    ये मुकदमा साल 2014 में  दाऊदी बोहरा समुदाय के नेता की नियुक्ति को चुनौती देते हुए दायर किया गया था.  मुकदमा 52वें दाई-अल-मुतलक के सौतेले भाई ने दायर किया, जिसमें सैयदना की मृत्यु के बाद मुफद्दल सैफुद्दीन के उत्तराधिकार को चुनौती दी गई है.

  • CJI डीवाई चंद्रचूड़ को अपने पहले केस के लिए मिली थी 60 रुपये की फीस, कोर्ट में सुनाया किस्सा

    CJI डीवाई चंद्रचूड़ को अपने पहले केस के लिए मिली थी 60 रुपये की फीस, कोर्ट में सुनाया किस्सा

    मामला 1986 का है. उस समय CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट में बतौर वकील प्रैक्टिस शुरू की थी. उनका पहला केस जस्टिस सुजाता मनोहर के पास एक केस की जल्द सुनवाई के लिए मेंशनिंग का था. जिसके लिए उनको 60 रुपये बतौर फीस मिली.

  • क्या होती है ‘रिलेटिव इंपोटेंसी’, जिसके कारण अदालत ने एक युवा दंपति के विवाह को किया निरस्त

    क्या होती है ‘रिलेटिव इंपोटेंसी’, जिसके कारण अदालत ने एक युवा दंपति के विवाह को किया निरस्त

    दंपति ने कहा था कि उनके बीच कोई शारीरिक संबंध नहीं बने. महिला ने दावा किया कि उसके पति ने उसके साथ यौन संबंध बनाने से इनकार कर दिया.

  • गंभीर अपराधों में केवल सुनवाई में देरी जमानत देने का आधार नहीं : बंबई उच्च न्यायालय

    गंभीर अपराधों में केवल सुनवाई में देरी जमानत देने का आधार नहीं : बंबई उच्च न्यायालय

    अदालत ने कहा, ‘‘रामचंदानी नक्सलियों के संपर्क में था. वह जंगल में घूमता रहता था और उसने सह-आरोपियों को उस दिन पुलिस वाहन के गुजरने की सूचना दी थी. इस प्रकार, हम पाते हैं कि याचिकाकर्ता (रामचंदानी) ने जानबूझकर आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने में मदद की थी.’’

  • शहीद की विधवा को आर्थिक लाभ देने में देरी क्यों? : महाराष्ट्र सरकार को कोर्ट से फटकार

    शहीद की विधवा को आर्थिक लाभ देने में देरी क्यों? : महाराष्ट्र सरकार को कोर्ट से फटकार

    अदालत ने कहा, ‘‘राज्य सरकार बड़े मुद्दों पर त्वरित निर्णय लेने की क्षमता रखती है. खासकर मुख्यमंत्री के लिए यह एक छोटा सा मुद्दा है.’’

  • जीएन साईबाबा को बरी करने के मामले में महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं

    जीएन साईबाबा को बरी करने के मामले में महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं

    कथित माओवादी लिंक मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा और पांच अन्य आरोपियों को बरी करने के कुछ घंटों बाद महाराष्ट्र सरकार ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था

  • "नागरिकों को सरकार के फैसले की आलोचना करने का अधिकार" : सुप्रीम कोर्ट

    "नागरिकों को सरकार के फैसले की आलोचना करने का अधिकार" : सुप्रीम कोर्ट

    अदालत ने कहा है कि पाकिस्तान के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देना एक सद्भावना संकेत है और इसे विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य या शत्रुता, घृणा या दुर्भावना की भावना पैदा करने वाला नहीं कहा जा सकता है.

  • DU के प्रोफेसर रहे जीएन साईबाबा बरी, उम्रकैद की सजा रद्द

    DU के प्रोफेसर रहे जीएन साईबाबा बरी, उम्रकैद की सजा रद्द

    मार्च 2017 में  महाराष्ट्र के गढ़चिरौली की सत्र अदालत ने साईबाबा और पांच अन्य को यूएपीए और भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी ठहराया था.

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  • बंबई HC के नये भवन के लिए सितंबर तक जमीन सौंपे महाराष्ट्र सरकार : सुप्रीम कोर्ट

    बंबई HC के नये भवन के लिए सितंबर तक जमीन सौंपे महाराष्ट्र सरकार : सुप्रीम कोर्ट

    न्यायालय ने कहा, ‘‘हम महाराष्ट्र सरकार को सितंबर 2024 के अंत तक, भूमि के पहले हिस्से के रूप में 9.64 एकड़ भूखंड सौंपने का हरसंभव प्रयास करने का निर्देश देते हैं.

  • मां बनना एक नैसर्गिक प्रक्रिया, नियोक्ता को सहानुभूति रखनी चाहिए: कोर्ट

    मां बनना एक नैसर्गिक प्रक्रिया, नियोक्ता को सहानुभूति रखनी चाहिए: कोर्ट

    न्यायमूर्ति ए एस चंदूरकर और न्यायमूर्ति जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने कहा कि हमारे समाज का लगभग आधा हिस्सा महिलाएं बनाती हैं, उनके साथ उन स्थानों पर सम्मानित और सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए जहां वे अपनी आजीविका कमाने के लिए काम करती हैं.

  • बॉम्बे हाई कोर्ट से चिकित्सा आधार पर जेट एयरवेज के संस्थापक को मिली अंतरिम जमानत

    बॉम्बे हाई कोर्ट से चिकित्सा आधार पर जेट एयरवेज के संस्थापक को मिली अंतरिम जमानत

    वकील हरीश साल्वे ने दलील दी कि गोयल की सेहत खराब होने के साथ उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है. गोयल को ईडी ने जेट एयरवेज को कैनरा बैंक से मिले 538.62 करोड़ रुपये की राशि का धनशोधन कर गबन करने के मामले में सितंबर 2023 में गिरफ्तार किया था.

  • सलमान खान फायरिंग केस: खुदकुशी करने वाले आरोपी के परिवार ने बॉम्बे HC से की CBI जांच की मांग

    सलमान खान फायरिंग केस: खुदकुशी करने वाले आरोपी के परिवार ने बॉम्बे HC से की CBI जांच की मांग

    अनुज के परिवार के वकील का आरोप है कि क्राइम ब्रांच (Crime Branch) के जो ऑफिसर इस मामले की जांच कर रहे है, वे खुद छोटा शकील के साथ मकोका में सह आरोपी है. ऐसे में क्राइम ब्रांच की फेयर जांच पर यकीन नहीं किया जा सकता.

  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बकाएदारों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी नहीं कर सकते: बंबई हाईकोर्ट

    सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बकाएदारों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी नहीं कर सकते: बंबई हाईकोर्ट

    न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति माधव जामदार की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के कार्यालय ज्ञापन के उस धारा को भी असंवैधानिक करार दिया, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के चेयरपर्सन को कर्ज न चुकाने वालों के खिलाफ एलओसी जारी करने का अधिकार दिया गया था.

  • जजों को गरिमा के साथ काम करना चाहिए, न्यायपालिका की छवि खराब नहीं करनी चाहिए: बंबई हाईकोर्ट

    जजों को गरिमा के साथ काम करना चाहिए, न्यायपालिका की छवि खराब नहीं करनी चाहिए: बंबई हाईकोर्ट

    अनिरुद्ध पाठक (52) ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कथित अनुचित व्यवहार के लिए और कई बार अदालत में नशे की हालत में आने के लिए उन्हें दीवानी न्यायाधीश जूनियर डिविजन के पद से हटाये जाने को चुनौती दी थी.

  • दाऊदी बोहरा समुदाय के नेता में नहीं होगा कोई बदलाव, बोम्बे हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

    दाऊदी बोहरा समुदाय के नेता में नहीं होगा कोई बदलाव, बोम्बे हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

    याचिका में सैयदना ताहेर फखरुद्दीन ने कहा था कि उनके चाचा को समुदाय के नेता के रूप में बने रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि उन्होंने "छल से" से पद संभाला है. 

  • दाऊदी बोहरा उत्तराधिकार की लड़ाई पर बॉम्बे हाईकोर्ट आज सुनाएगा फैसला

    दाऊदी बोहरा उत्तराधिकार की लड़ाई पर बॉम्बे हाईकोर्ट आज सुनाएगा फैसला

    ये मुकदमा साल 2014 में  दाऊदी बोहरा समुदाय के नेता की नियुक्ति को चुनौती देते हुए दायर किया गया था.  मुकदमा 52वें दाई-अल-मुतलक के सौतेले भाई ने दायर किया, जिसमें सैयदना की मृत्यु के बाद मुफद्दल सैफुद्दीन के उत्तराधिकार को चुनौती दी गई है.

  • CJI डीवाई चंद्रचूड़ को अपने पहले केस के लिए मिली थी 60 रुपये की फीस, कोर्ट में सुनाया किस्सा

    CJI डीवाई चंद्रचूड़ को अपने पहले केस के लिए मिली थी 60 रुपये की फीस, कोर्ट में सुनाया किस्सा

    मामला 1986 का है. उस समय CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट में बतौर वकील प्रैक्टिस शुरू की थी. उनका पहला केस जस्टिस सुजाता मनोहर के पास एक केस की जल्द सुनवाई के लिए मेंशनिंग का था. जिसके लिए उनको 60 रुपये बतौर फीस मिली.

  • क्या होती है ‘रिलेटिव इंपोटेंसी’, जिसके कारण अदालत ने एक युवा दंपति के विवाह को किया निरस्त

    क्या होती है ‘रिलेटिव इंपोटेंसी’, जिसके कारण अदालत ने एक युवा दंपति के विवाह को किया निरस्त

    दंपति ने कहा था कि उनके बीच कोई शारीरिक संबंध नहीं बने. महिला ने दावा किया कि उसके पति ने उसके साथ यौन संबंध बनाने से इनकार कर दिया.

  • गंभीर अपराधों में केवल सुनवाई में देरी जमानत देने का आधार नहीं : बंबई उच्च न्यायालय

    गंभीर अपराधों में केवल सुनवाई में देरी जमानत देने का आधार नहीं : बंबई उच्च न्यायालय

    अदालत ने कहा, ‘‘रामचंदानी नक्सलियों के संपर्क में था. वह जंगल में घूमता रहता था और उसने सह-आरोपियों को उस दिन पुलिस वाहन के गुजरने की सूचना दी थी. इस प्रकार, हम पाते हैं कि याचिकाकर्ता (रामचंदानी) ने जानबूझकर आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने में मदद की थी.’’

  • शहीद की विधवा को आर्थिक लाभ देने में देरी क्यों? : महाराष्ट्र सरकार को कोर्ट से फटकार

    शहीद की विधवा को आर्थिक लाभ देने में देरी क्यों? : महाराष्ट्र सरकार को कोर्ट से फटकार

    अदालत ने कहा, ‘‘राज्य सरकार बड़े मुद्दों पर त्वरित निर्णय लेने की क्षमता रखती है. खासकर मुख्यमंत्री के लिए यह एक छोटा सा मुद्दा है.’’