
फाइल फोटो
न्यूयॉर्क:
जीरो रेटिंग अवधारणा के आलोचकों से असहमति जताते हुए फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि सार्वभौमिक संपर्क (यूनिवर्सल कनेक्टिविटी) और नेट निरपेक्षता साथ-साथ चल सकती हैं। इसके जरिए फेसबुक की अगुवाई वाली पहल internet.org को भारत सहित कई देशों में मुफ्त में मूल इंटरनेट सेवाएं देने की अनुमति है।
जुकरबर्ग का यह बयान ऐसे समय आया है, जबकि भारत में इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई है कि इस तरह के प्लान देश में नेट निरपेक्षता के सिद्धान्त का उल्लंघन हैं।
इस पहल का बचाव करते हुए जुकरबर्ग ने कहा, 'हमें इस प्रगति पर गर्व है। हालांकि, कुछ लोगों ने जीरो रेटिंग की अवधारणा की आलोचना की है। उनका कहना है कि कुछ सेवाएं मुफ्त में प्रदान करने से नेट निरपेक्षता का सिद्धांत प्रभावित होता है। मैं इससे कतई सहमत नहीं हूं।'
जुकरबर्ग का यह बयान ऐसे समय आया है, जबकि भारत में इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई है कि इस तरह के प्लान देश में नेट निरपेक्षता के सिद्धान्त का उल्लंघन हैं।
इस पहल का बचाव करते हुए जुकरबर्ग ने कहा, 'हमें इस प्रगति पर गर्व है। हालांकि, कुछ लोगों ने जीरो रेटिंग की अवधारणा की आलोचना की है। उनका कहना है कि कुछ सेवाएं मुफ्त में प्रदान करने से नेट निरपेक्षता का सिद्धांत प्रभावित होता है। मैं इससे कतई सहमत नहीं हूं।'
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
मार्क जुकरबर्ग, फेसबुक, यूनिवर्सल कनेक्टिविटी, नेट निरपेक्षता, नेट न्यूटैलिटी, Mark Zuckerberg, Facebook, Universal Connectivity, Net Neutrality