पाकिस्तान की सेना ने अपने अधिकारियों, जवानों और प्रशासनिक कर्मचारियों को धीरे-धीरे WhatsApp का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया है. अब आधिकारिक और मिलिट्री कम्युनिकेशन के लिए उन्हें चीन के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WeChat का इस्तेमाल करने को कहा गया है. WhatsApp अमेरिकी कंपनी Meta के स्वामित्व में है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब पाकिस्तान और चीन के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है.
सेना ने जारी किया आंतरिक आदेश
पाकिस्तानी आर्मी ने एक आंतरिक आदेश जारी कर सैन्य अधिकारियों, सैनिकों और प्रशासनिक कर्मचारियों को WhatsApp का उपयोग धीरे-धीरे बंद करने को कहा है. आदेश में कहा गया है कि सभी आधिकारिक और सैन्य संचार को WeChat पर ट्रांसफर किया जाए. आपको बता दें कि WeChat चीन का सबसे बड़ा "सुपर ऐप" है. सिर्फ चैट ही नहीं, इससे वीडियो कॉल, फाइल भेजना और पेमेंट तक हो जाता है.
गौरतलब है कि WeChat पर भारत में कई वर्षों से प्रतिबंध लगा हुआ है और इसका इस्तेमाल देश में नहीं किया जा सकता है. सेना ने तर्क दिया है कि अमेरिका के WhatsApp पर जासूसी, डेटा लीक और बातचीत हैक होने का खतरा ज्यादा है. इस वजह से अब चीनी ऐप WeChat पर भरोसा जताया जा रहा है. WeChat को चीन में करोड़ों लोग इसका इस्तेमाल करते हैं.
चीन-पाकिस्तान सैन्य सहयोग होगा और मजबूत
WeChat अपनाने से पाकिस्तान और चीन के डिजिटल संचार सिस्टम एक-दूसरे के साथ बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे. इससे दोनों देशों के बीच सैन्य जानकारी शेयर करने, संयुक्त अभियानों के दौरान कम्युनिकेशन और खुफिया एजेंसियों के समन्वय में मदद मिल सकती है. पिछले कुछ वर्षों में चीन और पाकिस्तान के रक्षा संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं. पहले दोनों देशों का सहयोग मुख्य रूप से रक्षा उपकरणों तक सीमित था, जिसमें पाकिस्तान ने चीन से लड़ाकू विमान, युद्धपोत और एयर डिफेंस सिस्टम खरीदे थे.
अब दोनों देश साइबर क्षमताओं को मजबूत करने, सुरक्षित संचार प्रणाली डेवलप करने, शेयर्ड कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल तैयार करने और इंटेलिजेंस नेटवर्क को बेहतर बनाने पर भी साथ काम कर रहे हैं. WeChat को अपनाने का फैसला इसी व्यापक सहयोग का हिस्सा माना जा रहा है.
भारत में बैन है WeChat
भारत सरकार ने जून 2020 में WeChat समेत 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था. इस सूची में TikTok और UC Browser जैसे लोकप्रिय ऐप भी शामिल थे. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा था कि इन ऐप्स के जरिए यूजर्स का डेटा चीन स्थित सर्वरों पर भेजे जाने के विश्वसनीय सबूत मिले थे. राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत इन ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया गया था.
यह फैसला वर्ष 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुई झड़प के करीब दो सप्ताह बाद लिया गया था.
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