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Grammarly का AI फीचर से मचा बवाल! बिना परमिशन के मशहूर लेखकों की कर रहा था नकल

यह फीचर Grammarly के Pro प्लान में उपलब्ध था, जिसकी कीमत लगभग 12 डॉलर प्रति महीना थी. शुरुआत में इससे यूज़र्स को ऐसा अनुभव मिलता था कि जैसे कोई मशहूर लेखक उनके लेखन को सुधार रहा हो.

Grammarly का AI फीचर से मचा बवाल! बिना परमिशन के मशहूर लेखकों की कर रहा था नकल

पॉपुलर राइटिंग असिस्टेंट Grammarly ने अपना AI फीचर Expert Review फीचर को बंद कर दिया है. क्योंकि यह फीचर बिना परमिशन के मशहूर लेखकों की नकल कर रहा था. इसी वजह से इस कई फीचर पर कई लोगों ने सवाल उठाए जिसके बाद इसे ग्रामरली को बंद ही करना पड़ा. दरअसल, Grammarly के इस टूल पर आरोप लगा कि यह जीवित ही नहीं बल्कि दिवंगत लेखकों की राइटिंग की नकल करके यूज़र्स को एडिटिंग सुझाव दे रहा था, जबकि उन लेखकों ने कभी इसकी अनुमति नहीं दी थी.

‘Expert Review' फीचर कैसे काम करता था?
यह फीचर यूज़र्स की राइटिंग को बेहतर बनाने के लिए बनाया गया था. जब कोई व्यक्ति Grammarly में कोई टेक्स्ट लिखता या एडिट करता, तो यह टूल उसे ऐसे सुझाव देता जैसे कोई अनुभवी लेखक या एडिटर उस टेक्स्ट को देख रहा हो. जबकि कंपनी का कहना था कि ये सुझाव सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और थर्ड-पार्टी AI मॉडल से तैयार किए जाते थे. लेकिन समस्या यह थी कि जिन विशेषज्ञों या लेखकों के नाम पर ये सुझाव दिखाए जाते थे, उन्होंने न तो इस फीचर में योगदान दिया था और न ही अपनी पहचान इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी.

यह फीचर Grammarly के Pro प्लान में उपलब्ध था, जिसकी कीमत लगभग 12 डॉलर प्रति महीना थी. शुरुआत में इससे यूज़र्स को ऐसा अनुभव मिलता था कि जैसे कोई मशहूर लेखक उनके लेखन को सुधार रहा हो. लेकिन कुछ ही समय में इस पर सवाल उठने लगे. कई पत्रकारों और लेखकों ने कहा कि यह उनके काम और पहचान का गलत इस्तेमाल है.

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि AI तकनीक का इस्तेमाल किस सीमा तक सही है. अगर किसी व्यक्ति की पहचान या शैली को बिना अनुमति इस्तेमाल किया जाए, तो यह कानूनी और नैतिक दोनों तरह से गलत माना जा सकता है.

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