Amazon का मानना है कि AI उसकी ग्रोथ का सबसे बड़ा जरिया बनेगा और आने वाले समय में उसका क्लाउड बिजनेस रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है. इसी वजह से हाल ही में Amazon ने करीब 16,000 कर्मचारियों को निकालने की पुष्टि की है. यह कदम कंपनी के अंदर काम करने के तरीके को आसान बनाने और फैसले जल्दी लेने के लिए उठाया गया है. कंपनी चाहती है कि टीम्स के बीच कम लेयर हों, ताकि काम तेजी से हो सके और जिम्मेदारी सीधे लोगों को दी जा सके.
कंपनी के एक इंटरनल मैसेज में बताया गया कि ऐसे फैसले लेना आसान नहीं होता. यह सभी के लिए मुश्किल होता है, लेकिन भविष्य में बेहतर परफॉर्मेंस के लिए जरूरी समझा गया है. इस छंटनी को 'Project Dawn' नाम के प्लान के तहत किया गया था, जिसकी जानकारी गलती से एक ईमेल के जरिए पहले ही लीक हो गई थी.
Amazon के CEO एंडी जैसी का मानना है कि कंपनी का क्लाउड बिजनेस यानी AWS आने वाले समय में बहुत तेजी से बढ़ेगा. पहले उनका अनुमान था कि अगले 10 साल में AWS सालाना 300 बिलियन डॉलर का बिजनेस बन सकता है, लेकिन अब AI के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए वह मानते हैं कि यह आंकड़ा दोगुना यानी 600 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है.

अगर ऐसा होता है, तो यह करीब 55 लाख करोड़ रुपये के बराबर होगा, जो दुनिया के सबसे बड़े बिजनेस में से एक बन सकता है. AI के बढ़ते इस्तेमाल के कारण कंपनियां अब ज्यादा से ज्यादा क्लाउड सर्विसेज का इस्तेमाल कर रही हैं, ताकि वे अपने डेटा और AI मॉडल्स को चला सकें.
आजकल हर कंपनी AI टूल्स बनाने और इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है. इसके लिए उन्हें मजबूत और भरोसेमंद क्लाउड सिस्टम की जरूरत होती है. यही वजह है कि AWS की डिमांड तेजी से बढ़ रही है.
Amazon चाहता है कि जब भी कोई कंपनी AI का इस्तेमाल करे, तो वह AWS को ही चुने. यही कारण है कि कंपनी AI में भारी निवेश कर रही है. यह भविष्य की टेक्नोलॉजी है, और Amazon इसे अपने सबसे बड़े ग्रोथ इंजन के रूप में देख रहा है.
जहां कंपनी भविष्य की तैयारी कर रही है, वहीं कर्मचारियों के लिए यह समय काफी मुश्किल रहा है. कई लोग पिछले कुछ हफ्तों से छंटनी की उम्मीद कर रहे थे. कुछ कर्मचारियों को कंपनी के अंदर दूसरी नौकरी के लिए आवेदन करने का मौका दिया गया, लेकिन मौके बहुत कम थे.
Amazon में करीब 15 लाख कर्मचारी काम करते हैं, ऐसे में छोटी-सी स्ट्रक्चर चेंज भी बड़े स्तर पर असर डालती है. कंपनी अब कम लेयर के साथ तेजी से काम करना चाहती है, ताकि फैसले जल्दी लिए जा सकें.