लिउ हॉन्ग (सौजन्य : AFP)
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बीजिंग में चीन ने महिलाओं की 20 किलोमीटर पैदल चाल प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक जीता। वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली लिउ हॉन्ग ने 1:25:45 का समय निकालकर चीन को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। इस प्रतियोगिता में लिउ हॉन्ग ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन 1:24:38 से 3 मिनट ज्यादा का वक्त लिया, लेकिन चीन को पहला गोल्ड दिलाने में कामयाब हो गईं। हैरानी की बात यह है कि चीन को अपने ही घर बीजिंग में चल रहे वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सातवें दिन जाकर पहला गोल्ड हासिल हुआ।
बीजिंग में चीन को पहला गोल्ड दिलाने की वजह से वहां उन्हें उनके फैन्स ने सिर-आंखों पर बिठा लिया है। इस खबर के लिखे जाने तक चीन के 1 स्वर्ण, 4 रजत और एक कांस्य के साथ कुल छह मेडल हो गए हैं। इसके सहारे चीन पदक तालिका में सातवें नंबर पर पहुंच गया है। इत्तिफाकन वर्ल्ड चैंपियनशिप में केन्या (6 गोल्ड), अमेरिका, जमैका, ग्रेट ब्रिटेन (3-3 गोल्ड), पोलैंड और क्यूबा (2-2 गोल्ड) जैसी टीमें चीन से आगे हैं।
लिउ हॉन्ग को स्वर्ण पदक कड़ी चुनौती के बाद ही हासिल हो पाया। हॉन्ग और चीन की ही पूर्व एशियाई रिकॉर्ड होल्डर लु जिउझि के बीच फोटो फिनिश के बाद दोनों में 0.26 सेकंड का ही फर्क रहा। वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास में समय के हिसाब से यह सबसे नजदीकी मुकाबला रहा।
वैसे एथलेटिक्स में चीन का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। 7 साल पहले बीजिंग ओलिंपिक्स में चीन ने 51 स्वर्ण के साथ कुल 100 पदक जीते थे, लेकिन तब भी एथलेटिक्स के जरिये चीन को सिर्फ 2 कांस्य पदक ही मिल पाए थे। बीजिंग ओलिंपिक्स में कोई भी चीनी खिलाड़ी एथलेटिक्स के जरिये कोई स्वर्ण या रजत पदक नहीं जीत सका था।
अब इसी रेस में भारत की बात। भारत की राष्ट्रीय रिकॉर्ड होल्डर खुशबीर कौर इस प्रतियोगिता में 37वें नंबर पर रहीं, जबकि सपना 20 किलोमीटर की इस पैदल चाल प्रतियोगिता से डिसक्वालिफ़ाई कर दी गईं। भारतीय फैन्स के लिए मायूसी की बीत यह रही कि रियो ओलिंपिक्स के लिए क्वालिफ़ाई कर चुकीं खुशबीर ने इस प्रतियोगिता में 1:38:53 का वक्त निकाला जो उनके बेहतरीन प्रदर्शन 1:31:40 से करीब सात मिनट ज्यादा है।
भारत को इस प्रतियोगिता में अब शायद सिर्फ विकास गौड़ा से उम्मीद बची हुई है। विकास गौड़ा डिस्कस के फाइनल में शनिवार को अपनी किस्मत आजमाएंगे। हालांकि इसके अलावा शनिवार को भारत के संदीप कुमार और मनीष सिंह रावत 50 किलोमीटर पैदल चाल में और 4X400 मीटर में भारतीय महिला रिले टीम हिस्सा लेगी। प्रतियोगिता के आखिरी दिन रविवार को ललिता, ओपी जैशा, सुधा सिंह महिला मैराथन में अपनी किस्मत आजमाती नजर आएंगी।
बीजिंग में चीन को पहला गोल्ड दिलाने की वजह से वहां उन्हें उनके फैन्स ने सिर-आंखों पर बिठा लिया है। इस खबर के लिखे जाने तक चीन के 1 स्वर्ण, 4 रजत और एक कांस्य के साथ कुल छह मेडल हो गए हैं। इसके सहारे चीन पदक तालिका में सातवें नंबर पर पहुंच गया है। इत्तिफाकन वर्ल्ड चैंपियनशिप में केन्या (6 गोल्ड), अमेरिका, जमैका, ग्रेट ब्रिटेन (3-3 गोल्ड), पोलैंड और क्यूबा (2-2 गोल्ड) जैसी टीमें चीन से आगे हैं।
लिउ हॉन्ग को स्वर्ण पदक कड़ी चुनौती के बाद ही हासिल हो पाया। हॉन्ग और चीन की ही पूर्व एशियाई रिकॉर्ड होल्डर लु जिउझि के बीच फोटो फिनिश के बाद दोनों में 0.26 सेकंड का ही फर्क रहा। वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास में समय के हिसाब से यह सबसे नजदीकी मुकाबला रहा।
वैसे एथलेटिक्स में चीन का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। 7 साल पहले बीजिंग ओलिंपिक्स में चीन ने 51 स्वर्ण के साथ कुल 100 पदक जीते थे, लेकिन तब भी एथलेटिक्स के जरिये चीन को सिर्फ 2 कांस्य पदक ही मिल पाए थे। बीजिंग ओलिंपिक्स में कोई भी चीनी खिलाड़ी एथलेटिक्स के जरिये कोई स्वर्ण या रजत पदक नहीं जीत सका था।
अब इसी रेस में भारत की बात। भारत की राष्ट्रीय रिकॉर्ड होल्डर खुशबीर कौर इस प्रतियोगिता में 37वें नंबर पर रहीं, जबकि सपना 20 किलोमीटर की इस पैदल चाल प्रतियोगिता से डिसक्वालिफ़ाई कर दी गईं। भारतीय फैन्स के लिए मायूसी की बीत यह रही कि रियो ओलिंपिक्स के लिए क्वालिफ़ाई कर चुकीं खुशबीर ने इस प्रतियोगिता में 1:38:53 का वक्त निकाला जो उनके बेहतरीन प्रदर्शन 1:31:40 से करीब सात मिनट ज्यादा है।
भारत को इस प्रतियोगिता में अब शायद सिर्फ विकास गौड़ा से उम्मीद बची हुई है। विकास गौड़ा डिस्कस के फाइनल में शनिवार को अपनी किस्मत आजमाएंगे। हालांकि इसके अलावा शनिवार को भारत के संदीप कुमार और मनीष सिंह रावत 50 किलोमीटर पैदल चाल में और 4X400 मीटर में भारतीय महिला रिले टीम हिस्सा लेगी। प्रतियोगिता के आखिरी दिन रविवार को ललिता, ओपी जैशा, सुधा सिंह महिला मैराथन में अपनी किस्मत आजमाती नजर आएंगी।
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