तीन बार के एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक विजेता नीरज यादव ने मंगलवार रात एक फ्लैट में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. इससे भारतीय पैरा-एथलेटिक्स जगत स्तब्ध रह गया. F55 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने वाले 42 वर्षीय खिलाड़ी के बारे में आशंका है कि उन्होंने जहर खा लिया था सूत्रों ने बताया कि पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल और साथी पैरा-एथलीट विपिन कसाना अस्पताल में मौजूद थे. यादव की मृत्यु के आसपास की परिस्थितियों का अभी पता लगाया जाना बाकी है. भारत के मुख्य पैरा-एथलेटिक्स कोच एस. सत्यनारायण ने टीएनएन से इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें पता चला है कि यादव ने आत्महत्या कर ली है. कोच की पुष्टि के बावजूद यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर एक होनहार खिलाड़ी ने आत्महत्या क्यों की? उनकी आत्महत्या को लेकर अलग-अलग बातें हो रही हैं, लेकिन वास्तविक वजह का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा?
भारतीय पैरा एथलेटिक्स के के कोच सत्यनारायण ने NDTV से कहा, 'इस खबर से मैं सदमे में हूं. खिलाड़ियों को ऐसा नहीं करना चाहिए. मैं उनके परिवार से बातचीत करने की कोशिश कर रहा हूं. लेकिन यह खबर मुझे मिली है की एक खिलाड़ी हमारे बीच नहीं रहा है. नीरज यादव एशियन गेम्स चैंपियन थे और एक अच्छे खिलाड़ी थे. हम सब के लिए यह बहुत बड़ी क्षति है. मुझे बताया गया है कि उन्होंने कल रात अपने फ्लैट पर ज़हर खा लिया था. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और त्रासद है.'
ऐची-नागायो के लिए चयन न होने से की आत्महत्या?
कोच ने संकेत दिया कि डोपिंग निलंबन के कारण ऐची-नागोया एशियाई पैरा खेलों में भाग न ले पाने के कारण यादव मानसिक तनाव में हो सकते हैं.सत्यनारायण ने आगे कहा, 'वह इन खेलों में उतरने के लिए उत्सुक रहे होंगे। एशियाई पैरा खेलों में पदक मिलने से सरकार की तरफ से भारी नकद पुरस्कार और स्थायी रोजगार के अवसर मिलते हैं. लेकिन उनका निलंबन समाप्त नहीं हुआ था और वह प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे थे. यह संभव है कि इससे उन्हें गहरा सदमा पहुंचा हो, लेकिन हम यह निश्चित तौर पर नहीं कह सकते कि वह किस दौर से गुजर रहे थे.'
सात साल की उम्र में हुआ था पोलियो
उत्तर प्रदेश के रहने वाले यादव भारत के सबसे प्रतिष्ठित पैरा-एथलीटों में से एक थे. सात साल की उम्र में पोलियो के बाद के पक्षाघात (पोस्ट-पोलियो रेसिडुअल पैरालिसिस) का पता चलने के बावजूद उन्होंने अपने खेल के सपनों को नहीं छोड़ा. पैरा-एथलेटिक्स में आने से पहले उन्होंने 2005 से 2012 के बीच व्हीलचेयर टेनिस खेला था.
डोपिंग में हुए थे निलंबित
उन्होंने 2023 में हांग्जो एशियाई पैरा खेलों में दो स्वर्ण पदक जीते, जिसमें भाला फेंक और डिस्कस थ्रो के मुकाबले शामिल थे इसके साथ ही उनके करियर में एशियाई पैरा खेलों के कुल तीन स्वर्ण पदक हो गए थे. हालांकि, उनके करियर पर एंटी-डोपांग मामले का साया भी पड़ गया था. अक्टूबर 2023 में बेंगलुरु में लिए गए एक आउट-ऑफ-कंपटीशन नमूने में एनाबोलिक स्टेरॉयड (स्टैनोजोलोल) की पुष्टि होने के बाद नेशनल एंटी-डोपांग एजेंसी (NADA) ने उन्हें अंतिरम तौर पर निलंबित कर दिया था. बाद में उन्होंने एंटी-डोपांग अनुशासन प्रक्रिया के तहत अपने नमूने की डीएनए जांच की मांग की थी.
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