भारतीय टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
भारतीय टेनिस के ज़रिये ओलिंपिक खेलों के इतिहास में इकलौता पदक 1996 के अटलांटा ओलिंपिक्स में हासिल हुआ। 24 साल पहले हासिल हुए उस पदक के बाद हर बार उम्मीद जताई जाती है कि टेनिस से भारत को ओलिंपिक्स में कोई पदक ज़रूर हासिल होगा। लेकिन हर बार ये बात भारतीय फ़ैन्स के लिए ख़्वाब बनकर रह गई है। खिलाड़ियों के आपसी झगड़े और खिलाड़ियों के चुनाव को लेकर होते बवाल इस उम्मीद को और फीका करते रहे हैं। एक बार फिर 11 जून को रियो के लिए होने वाली सेलेक्शन कमेटी की बैठक से पहले विवाद का स्टेज तैयार हो चुका है।
रियो ओलिंपिक्स के लिए टेनिस टीम के चयन से पहले एक बार फिर लंदन ओलिंपिक्स की तरह ड्रामा शुरू हो गया है। चार साल पहले टेनिस के चयन को लेकर कड़वाहट को फ़ैन्स भूले नहीं हैं और रियो के लिए एक बार फिर चयन से पहले बवाल मचने के संकेत मिलने लगे हैं। डबल्स रैंकिंग में भारत के टॉप खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने रियो में अपना पार्टरनर साकेत मायनेनी को बनाने की इच्छा जताई है। जबकि 18 ग्रैंड स्लैम विजेता लिएंडर पेस पहले ही अपनी दावेदारी मीडिया के ज़रिये भी पेश कर चुके हैं।
फ़्रेंच ओपन जीतकर लौटने के बाद लिएंडर पेस ने NDTV से ख़ास बातचीत में कहा, "मैं सातवीं बार लागातार ओलिंपिक्स खेल कर भारत के लिए एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहता हूं। ये कारनामा टेनिस के इतिहास में आज तक किसी ने नहीं किया। मैं रियो के लिए पूरी तरह से तैयार हूं।"
रोहन बोपन्ना और फ़्लोरिन मर्गिया की जोड़ी और लिएंडर पेस और मार्चिन मात्कोवोस्की को जोड़ी फ़्रेंच ओपन के पुरुष डबल्स मुक़ाबलों में ख़िताबी दौड़ से पहले ही हार गई थीं। लेकिन पेस और हिंगिस की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स का ख़िताब अपने नाम किया तो बोपन्ना और कुद्रयात्सेवा की जोड़ी मिक्स्ड डबल्स के दूसरे राउंड में ही हार गई। इसलिए हाल के प्रदर्शन के आधार पर भी पेस अपनी दावेदारी मज़बूत समझ रहे हैं।
लिएंडर पेस कहते हैं, "रोहन बोपन्ना के साथ मेरी जोड़ी बेहतरीन रहेगी। भारतीय टेनिस संघ को उसी जोड़ी को रियो भेजना चाहिए जो बेस्ट हो। मुझे चयन समिति पर पूरा भरोसा है। अगर हमारी जोड़ी रियो में एक पदक पाती है तो शानदार भारतीय खेलों के लिए ये शानदार रहेगा।"
रोहन बोपन्ना वर्ल्ड डबल्स रैंकिंग में 10वें पायदान पर हैं जबकि लिएंडर पेस 46वें और साकेत मायनेनि 125वें पायदान पर। रोहन बोपन्ना को दसवीं रैंकिंग होने की वजह से रियो में सीधे तौर पर एंट्री हासिल है। बोपन्ना ने भारतीय टेनिस संघ को ख़त लिख कर पेस के साथ ना खेलने की इच्छा ज़ाहिर की है। जबकि पेस लगातार 7वां ओलिंपिक्स खेल कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।
भारतीय टेनिस संघ के सामने एक बार फिर मुश्किलों का पहाड़ है... क्योंकि मसला जितना सीधा नज़र आ रहा है... टेनिस संघ के लिए फ़ैसला लेना उतना ही टेढ़ा काम साबित हो सकता है। इसके बाद टेनिस संघ को मिक्स्ड डबल्स के लिए भी टीम का ऐलान करना है।
रियो ओलिंपिक्स के लिए टेनिस टीम के चयन से पहले एक बार फिर लंदन ओलिंपिक्स की तरह ड्रामा शुरू हो गया है। चार साल पहले टेनिस के चयन को लेकर कड़वाहट को फ़ैन्स भूले नहीं हैं और रियो के लिए एक बार फिर चयन से पहले बवाल मचने के संकेत मिलने लगे हैं। डबल्स रैंकिंग में भारत के टॉप खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने रियो में अपना पार्टरनर साकेत मायनेनी को बनाने की इच्छा जताई है। जबकि 18 ग्रैंड स्लैम विजेता लिएंडर पेस पहले ही अपनी दावेदारी मीडिया के ज़रिये भी पेश कर चुके हैं।
फ़्रेंच ओपन जीतकर लौटने के बाद लिएंडर पेस ने NDTV से ख़ास बातचीत में कहा, "मैं सातवीं बार लागातार ओलिंपिक्स खेल कर भारत के लिए एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहता हूं। ये कारनामा टेनिस के इतिहास में आज तक किसी ने नहीं किया। मैं रियो के लिए पूरी तरह से तैयार हूं।"
रोहन बोपन्ना और फ़्लोरिन मर्गिया की जोड़ी और लिएंडर पेस और मार्चिन मात्कोवोस्की को जोड़ी फ़्रेंच ओपन के पुरुष डबल्स मुक़ाबलों में ख़िताबी दौड़ से पहले ही हार गई थीं। लेकिन पेस और हिंगिस की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स का ख़िताब अपने नाम किया तो बोपन्ना और कुद्रयात्सेवा की जोड़ी मिक्स्ड डबल्स के दूसरे राउंड में ही हार गई। इसलिए हाल के प्रदर्शन के आधार पर भी पेस अपनी दावेदारी मज़बूत समझ रहे हैं।
लिएंडर पेस कहते हैं, "रोहन बोपन्ना के साथ मेरी जोड़ी बेहतरीन रहेगी। भारतीय टेनिस संघ को उसी जोड़ी को रियो भेजना चाहिए जो बेस्ट हो। मुझे चयन समिति पर पूरा भरोसा है। अगर हमारी जोड़ी रियो में एक पदक पाती है तो शानदार भारतीय खेलों के लिए ये शानदार रहेगा।"
रोहन बोपन्ना वर्ल्ड डबल्स रैंकिंग में 10वें पायदान पर हैं जबकि लिएंडर पेस 46वें और साकेत मायनेनि 125वें पायदान पर। रोहन बोपन्ना को दसवीं रैंकिंग होने की वजह से रियो में सीधे तौर पर एंट्री हासिल है। बोपन्ना ने भारतीय टेनिस संघ को ख़त लिख कर पेस के साथ ना खेलने की इच्छा ज़ाहिर की है। जबकि पेस लगातार 7वां ओलिंपिक्स खेल कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।
भारतीय टेनिस संघ के सामने एक बार फिर मुश्किलों का पहाड़ है... क्योंकि मसला जितना सीधा नज़र आ रहा है... टेनिस संघ के लिए फ़ैसला लेना उतना ही टेढ़ा काम साबित हो सकता है। इसके बाद टेनिस संघ को मिक्स्ड डबल्स के लिए भी टीम का ऐलान करना है।
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