एशियन गेम्स में 29 सितंबर 2026 को जापान के ट्रैक पर जब भारतीय महिला एथलीट्स ने दौड़ पूरी की, तो इतिहास के पन्नों में सहारनपुर के एक छोटे से गांव 'झबीरण' की बेटी का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया. भारतीय एथलीट प्राची चौधरी ने अपनी टीम किरण पहल, पूवम्मा मचेत्तिरा और विथ्या रामराज के साथ 4×400 मीटर रिले रेस में 3 मिनट 29.69 सेकंड का बेहतरीन समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है. इसके साथ ही प्राची ने इस सीजन के ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में भारत को पहला गोल्ड दिलाया. प्राची चौधरी ने इससे पहले महिला 400 मीटर इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. प्राची ने 53.21 सेकेंड का समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल जीता.
3 साल की तपस्या और मां से किया वो वादा
इस स्वर्णिम सफलता की नींव 3 साल पहले साल 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में ही रख दी गई थी. उस वक्त प्राची को रजत पदक मिला था. पदक की खुशी तो थी, लेकिन गोल्ड न जीत पाने की एक टीस भी थी. प्राची की मां राजेश देवी ने बताया कि पिछले 3 साल से प्राची के हर दिन की ट्रेनिंग और पसीना बहाकर उसने कड़ी मेहनत से ये मुकाम हासिल किए हैं. इस ऐतिहासिक जीत के पीछे सिर्फ मां का वादा ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार की खेल नीति के तहत खाकी वर्दी पहनने का एक बड़ा सपना भी था.

प्राची चौधरी की उपलब्धियां. Photo Credit: NDTV
नियमों के कारण नहीं बन सकी थीं DSP
'पिछली बार रजत पदक मिलने की वजह से मैं नियमों के मुताबिक डीएसपी (DSP) नहीं बन पाई थी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्पोर्ट्स पॉलिसी के तहत गोल्ड मेडल जीतने वाले को सीधे डीएसपी पद मिलता है. तब उसने मां से वादा किया था कि मुझे हर हाल में गोल्ड लाना है ताकि मैं अपनी वो वर्दी पा सकूं.'

प्राची चौधरी का घर: Photo Credit: NDTV
गांव झबीरण में सुबह प्रार्थना और शाम को उत्सव
बुधवार को जैसे ही मुकाबले का समय नजदीक आया, प्राची के घर टीवी के सामने गांव के लोग जुटने लगे. उनके चाचा सचिन के मुताबिक, शाम करीब 5:30 बजे जैसे ही भारतीय टीम का नाम गूंजा, पूरे परिवार ने हाथ जोड़कर भगवान से प्रार्थना शुरू कर दी. रेस के वो आखिरी सेकंड बेहद तनाव से भरे थे, लेकिन जैसे ही विथ्या रामराज ने फिनिश लाइन पार की, झबीरण गांव में आतिशबाजी और मिठाइयों का दौर शुरू हो गया. मां राजेश देवी ने गर्व से कहा, 'मेरी बेटी ने पूरे देश और हमारे गांव का मान बढ़ा दिया है.'

Photo Credit: NDTV
पदकों से भरा है प्राची का सफर
वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में 'जिला युवा कल्याण अधिकारी' के पद पर कार्यरत और रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड से सम्मानित प्राची चौधरी का खेल करियर लगातार उपलब्धियों से भरा रहा है:
- 2018: प्रदेशीय प्रतियोगिता में 200 मीटर और 400 मीटर में डबल गोल्ड.
- 2024: पेरिस ओलंपिक खेलों में भारतीय एथलेटिक्स टीम का प्रतिनिधित्व.
- 2019: दोहा एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक.
- एशियन गेम्स 2026 (जापान): महिलाओं की 400 मीटर व्यक्तिगत रेस में ब्रॉन्ज मेडल और अब 4×400 मीटर रिले में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल
ये भी पढ़ें- एशियन गेम्स में प्राची चौधरी का कमाल, 400 मीटर फाइनल में जीता ब्रॉन्ज, सातवें दिन भारत को दिलाया 7वां मेडल
रिपोर्ट- अशोक कुमार कश्यप
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं