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'पहली बार पिता मुझे स्टेडियम में खेलते देखेंगे', एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 से पहले भावुक हुए 'सरपंच साहब' कप्तान हरमनप्रीत सिंह

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 से पहले भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि पहली बार उनके पिता स्टेडियम में बैठकर उन्हें भारत के लिए खेलते हुए देखेंगे.

'पहली बार पिता मुझे स्टेडियम में खेलते देखेंगे', एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 से पहले भावुक हुए 'सरपंच साहब' कप्तान हरमनप्रीत सिंह
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 से पहले कप्तान हरमनप्रीत सिंह भावुक

भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा है कि आगामी मेन्स एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 उनके लिए सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि बेहद भावुक अनुभव होने वाला है. 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट के जरिए अंतरराष्ट्रीय हॉकी की राज्य में वापसी हो रही है और हरमनप्रीत इसे अपने परिवार के लिए भी खास अवसर मान रहे हैं.

भारत इस छह टीमों के टूर्नामेंट में मलेशिया, दक्षिण कोरिया, चीन, जापान और बांग्लादेश के खिलाफ चुनौती पेश करेगा. प्रतियोगिता के मुकाबले जालंधर और मोहाली में खेले जाएंगे. 2023 में चेन्नई में हुए आयोजन के बाद यह दूसरी बार होगा जब भारत पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा. हरमनप्रीत के लिए यह टूर्नामेंट इसलिए भी विशेष है क्योंकि उन्हें अपने गृह राज्य में परिवार और करीबी लोगों के सामने भारत की जर्सी में खेलने का मौका मिलेगा.

भारतीय कप्तान ने कहा, "यह पूरी टीम के लिए और विशेष रूप से पंजाब से आने वाले खिलाड़ियों के लिए बहुत खास अवसर है, क्योंकि पहली बार हम पंजाब में किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे."

उन्होंने आगे कहा, "उम्मीद है कि मेरा पूरा परिवार स्टेडियम में मौजूद रहेगा और पहली बार मुझे एक साथ अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए देखेगा. इसमें मेरे पिता भी शामिल होंगे, जिन्होंने आज तक कभी स्टेडियम में बैठकर मुझे भारत के लिए खेलते हुए नहीं देखा है."

हरमनप्रीत भारत के पहले ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का नेतृत्व किया है. ऐसे में पंजाब में होने वाला यह टूर्नामेंट उनके करियर के यादगार पड़ावों में शामिल हो सकता है. यह प्रतियोगिता पंजाब के भारतीय हॉकी में योगदान को भी नई पहचान देगी. राज्य ने वर्षों से देश को कई महान हॉकी खिलाड़ी दिए हैं. उधम सिंह, बलबीर सिंह सीनियर, मनप्रीत सिंह और हरमनप्रीत सिंह जैसे दिग्गज इसी मिट्टी से निकले हैं.

विशेष रूप से जालंधर का हॉकी इतिहास से गहरा संबंध रहा है. संसारपुर और मीठापुर जैसे इलाकों ने दशकों तक भारतीय हॉकी को प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं. टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले और उद्घाटन समारोह 27 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच बर्ल्टन पार्क स्थित ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में आयोजित होंगे.

इसके बाद प्रतियोगिता मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में पहुंचेगी, जहां 4 और 5 नवंबर को सेमीफाइनल और पदक मुकाबले खेले जाएंगे. भारत इस टूर्नामेंट में मौजूदा चैंपियन के रूप में उतरेगा. भारतीय टीम 2011, 2016, 2018 (संयुक्त विजेता), 2023 और 2024 में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीत चुकी है. मौजूदा एशियाई खेल चैंपियन भारत अपने अभियान की शुरुआत 27 अक्टूबर को जालंधर में बांग्लादेश के खिलाफ करेगा.

टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी छह टीमें लीग चरण में एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी. अंकतालिका में शीर्ष चार स्थान हासिल करने वाली टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी.

भारत के लिए यह केवल खिताब बचाने का मौका नहीं होगा, बल्कि अपने सबसे भावुक और जुनूनी हॉकी प्रशंसकों के बीच खेलने का भी अवसर होगा. वहीं हरमनप्रीत सिंह के लिए यह टूर्नामेंट एक ऐसा मंच बनने जा रहा है, जहां पहली बार उनके पिता स्टैंड्स में बैठकर उन्हें देश के लिए खेलते देख पाएंगे.

(IANS इनपुट के साथ)

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