साइना नेहवाल ने 2015 में अपनी सफलता का श्रेय कोच विमल कुमार को दिया. (सौजन्य : PTI)
नई दिल्ली:
जकार्ता में आयोजित बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप से साइना नेहवाल ऐतिहासिक रजत पदक लेकर वापस लौटी हैं। उनके चेहरे पर फ़ाइनल में हार जाने की थोड़ी मायूसी है, लेकिन वो जानती हैं कि जो कामयाबी उन्होंने हासिल की है वह ऐतिहासिक तो है ही उसकी अहमियत भारतीय बैडमिंटन के लिए कितनी अधिक है। NDTV से ख़ास बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि लंदन ओलिंपिक्स के बाद बुरे दौर में उन्हें बैडमिंटन छोड़ देने का ख़याल आने लगा था।
साइना ने कहा, "मैं एक खिलाड़ी हूं और लगातार हार से बुरा तो लगता ही है। मैं वर्ल्ड नंबर दो खिलाड़ी थी और हैदराबाद में मुझ पर पूरा ध्यान नहीं दिया जा रहा था। मैं कई टॉप खिलाड़ियों से हार रही थी। यहां तक कि मेरी रैंकिंग 2 से 6 और फिर 9 तक खिसक गई, इसलिए मुझे लगने लगा कि या तो मैं फिर से जीतना शुरू करूं या फिर बैडमिंटन ही छोड़ दूं।"
साइना नेहवाल गुरुवार को आनेवाली ताज़ा रैंकिंग में फिर से दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी बन जाएंगी। साइना इस बात पर गर्व महसूस कर रही हैं।
उन्होंने इस कामयाबी का श्रेय साफतौर पर कोच विमल कुमार को दिया। साइना ने कहा, "विमल सर ने मुझ पर ख़ास ध्यान दिया। इसकी बदौलत ही मैं वर्ल्ड नंबर 1 बन पाई।"
साइना ने बताया कि हैदराबाद से बेंगलुरू जाने का उन्हें बहुत फ़ायदा हुआ। कोच विमल कुमार और प्रकाश पादुकोण की वजह से उनका आत्मविश्वास वापस लौटा। वह कोर्ट पर पहले से ज़्यादा तेज़ी से खेलती हैं।
साइना अगले ओलिंपिक्स से पहले टॉप खिलाड़ियों जैसे कैरोलिना मारिन और दूसरी चीनी खिलाड़ियों से ज़्यादा से ज़्यादा मैच खेलना चाहती हैं ताकि जो ग़लतियां हुई हैं वह दोहराई ना जाएं। वह कहती हैं, "मैं रियो में लंदन ओलिंपिक्स से बेहतर प्रदर्शन करना चाहती हूं।" यानी उनका निशाना रियो के गोल्ड पर है।
साइना कहती हैं कि वह आज दुनिया की सभी टॉप खिलाड़ियों को हरा सकती हैं। साइना का यह फ़ॉर्म ठीक एक साल बाद होने वाले ओलिंपिक्स तक बरकरार रहे फ़ैन्स इसकी दुआ ज़रूर करेंगे।
साइना ने कहा, "मैं एक खिलाड़ी हूं और लगातार हार से बुरा तो लगता ही है। मैं वर्ल्ड नंबर दो खिलाड़ी थी और हैदराबाद में मुझ पर पूरा ध्यान नहीं दिया जा रहा था। मैं कई टॉप खिलाड़ियों से हार रही थी। यहां तक कि मेरी रैंकिंग 2 से 6 और फिर 9 तक खिसक गई, इसलिए मुझे लगने लगा कि या तो मैं फिर से जीतना शुरू करूं या फिर बैडमिंटन ही छोड़ दूं।"
साइना नेहवाल गुरुवार को आनेवाली ताज़ा रैंकिंग में फिर से दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी बन जाएंगी। साइना इस बात पर गर्व महसूस कर रही हैं।
उन्होंने इस कामयाबी का श्रेय साफतौर पर कोच विमल कुमार को दिया। साइना ने कहा, "विमल सर ने मुझ पर ख़ास ध्यान दिया। इसकी बदौलत ही मैं वर्ल्ड नंबर 1 बन पाई।"
साइना ने बताया कि हैदराबाद से बेंगलुरू जाने का उन्हें बहुत फ़ायदा हुआ। कोच विमल कुमार और प्रकाश पादुकोण की वजह से उनका आत्मविश्वास वापस लौटा। वह कोर्ट पर पहले से ज़्यादा तेज़ी से खेलती हैं।
साइना अगले ओलिंपिक्स से पहले टॉप खिलाड़ियों जैसे कैरोलिना मारिन और दूसरी चीनी खिलाड़ियों से ज़्यादा से ज़्यादा मैच खेलना चाहती हैं ताकि जो ग़लतियां हुई हैं वह दोहराई ना जाएं। वह कहती हैं, "मैं रियो में लंदन ओलिंपिक्स से बेहतर प्रदर्शन करना चाहती हूं।" यानी उनका निशाना रियो के गोल्ड पर है।
साइना कहती हैं कि वह आज दुनिया की सभी टॉप खिलाड़ियों को हरा सकती हैं। साइना का यह फ़ॉर्म ठीक एक साल बाद होने वाले ओलिंपिक्स तक बरकरार रहे फ़ैन्स इसकी दुआ ज़रूर करेंगे।
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