सुन यांग कई बार विवादों में रहे हैं (फोटो : AFP)
- सुन यांग तैराकी में चीन के पहले पुरुष ओलिंपिक चैंपियन रहे हैं
- 2014 में डोपिंग को लेकर यांग को 3 माह के लिए निलंबित कर दिया गया था
- एयर होस्टेस से अफेयर के चलते भी सुन यांग रहे हैं विवादों में
रियो डि जेनेरियो:
चीन के तैराक सुन यांग का जीवन सेक्स, ड्रग्स और चौंकाने वाले रिकॉर्डों की झड़ी की मिलीजुली कहानी है. अब उम्मीद की जा रही है कि चीन का 'बिगड़ैल' स्टार रियो ओलिंपिक के दौरान किसी विवाद में नहीं फंसेगा और देश के लिए पदक लेकर आएगा. आइए जानते हैं इस तैराक के विवादों से भरे सफर के बारे में-
वैसे चीन की तैराकी टीम का विवादों से पुराना नाता रहा है, ऐसे में सुन यांग अपवाद नहीं हैं, लेकिन कुछ मामलों में वह इन सबसे भी आगे हैं. यांग स्वीमिंग पूल से बाहर की दुनिया में ज्यादातर समय गलत वजहों से हेडलाइन्स में रहते हैं.
ली ड्रग्स, बताई हार्ट संबंधी समस्या
उनके विवादों में सबसे बड़ा मामला 2014 का है, जिसमें उन्हें 3 माह के लिए निलंबित कर दिया गया था. हालांकि यह बात काफी समय तक छिपी रही और आगे चलकर सामने आई थी. उन पर प्रतिबंधित उत्तेजक दवा लेने का आरोप लगा था. यांग ने इसका कारण हार्ट संबंधी समस्याओं को बताया था. इससे इतर वह 'सेक्स' संबंधी विवादों में भी रहे हैं.
एयर होस्टेस संग पकड़े गए
एक एयर होस्टेस से अफेयर और संदिग्ध हालत में पकडे़ जाने पर सुन यांग अधिकारियों से भी भिड़ गए थे, बिना लाइसेंस के एसयूवी चलाने के दौरान बस से टक्कर हो जाने पर उन्हें हिरासत में भी रहना पड़ा था. इसके अलावा पिछली वर्ल्ड स्वीमिंग चैंपियनशिप के दौरान ब्राजील की महिला तैराक से तीखी झड़प का मामला भी चर्चा में रहा था.
इसके साथ ही यांग ने चीन के धुरविरोधी जापान के राष्ट्रगान को 'भद्दा' बताया था और 2015 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में 1500 मीटर के फाइनल से हार्ट संबंधी समस्या का हवाला देते हुए नाम खींच लिया था.
रिकॉर्ड का कोई जवाब नहीं
इन सब विवादों के बावजूद 6 फीट 6 इंच लंबे 24 साल के इस तैराक की एथलेटिक्स में उपलब्धियों पर कोई भी उंगली नहीं उठा सकता. वह चीन के सबसे सफल तैराक माने जाते हैं.
यांग लंदन ओलिंपिक, 2012 में 400 मीटर और 1500 मीटर में तैराकी में चीन के पहले पुरुष चैंपियन बने थे. उन्होंने इसमें अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा था. इससे पहले उन्होंने शंघाई में 2011 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में ग्रांट हैकेट के दशकों पुराने रिकॉर्ड को अपने नाम किया था. इस प्रकार लंदन में दो गोल्ड मेडल के साथ वह चीन के तैराकों में नंबर वन पर पहुंच गए, वहीं ओलिंपिक में तैराकी में चीन का यह सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा. चीन की पोजिशन 5 गोल्ड के साथ अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर रही.
फिटनेस पर सवाल
हालांकि चीन की तैराकी टीम को 1990 के दशक में डोपिंग मामलों के चलते शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी. हिरोशिमा में हुए एशियन गेम्स, 1994 में चीन के सात तैराक स्टेरॉयड लेने के दोषी पाए गए थे. यांग भी इससे अछूते नहीं रहे.
चीन की तैराकी टीम में यांग सबसे पसंदीदा चेहरा हैं, लेकिन वह अप्रैल में पैर में चोट के कारण नेशनल चैंपियनशिप में भाग नहीं ले पाए थे. ऐसे में उनके फॉर्म को लेकर संदेह है. पिछले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में सुन यांग ने 400 और 800 मीटर में जीत हासिल की थी, लेकिन 1500 मीटर से हार्ट समस्या का हवाला देकर नाम वापस ले लिया था.
वैसे चीन की तैराकी टीम का विवादों से पुराना नाता रहा है, ऐसे में सुन यांग अपवाद नहीं हैं, लेकिन कुछ मामलों में वह इन सबसे भी आगे हैं. यांग स्वीमिंग पूल से बाहर की दुनिया में ज्यादातर समय गलत वजहों से हेडलाइन्स में रहते हैं.
ली ड्रग्स, बताई हार्ट संबंधी समस्या
उनके विवादों में सबसे बड़ा मामला 2014 का है, जिसमें उन्हें 3 माह के लिए निलंबित कर दिया गया था. हालांकि यह बात काफी समय तक छिपी रही और आगे चलकर सामने आई थी. उन पर प्रतिबंधित उत्तेजक दवा लेने का आरोप लगा था. यांग ने इसका कारण हार्ट संबंधी समस्याओं को बताया था. इससे इतर वह 'सेक्स' संबंधी विवादों में भी रहे हैं.
एयर होस्टेस संग पकड़े गए
एक एयर होस्टेस से अफेयर और संदिग्ध हालत में पकडे़ जाने पर सुन यांग अधिकारियों से भी भिड़ गए थे, बिना लाइसेंस के एसयूवी चलाने के दौरान बस से टक्कर हो जाने पर उन्हें हिरासत में भी रहना पड़ा था. इसके अलावा पिछली वर्ल्ड स्वीमिंग चैंपियनशिप के दौरान ब्राजील की महिला तैराक से तीखी झड़प का मामला भी चर्चा में रहा था.
इसके साथ ही यांग ने चीन के धुरविरोधी जापान के राष्ट्रगान को 'भद्दा' बताया था और 2015 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में 1500 मीटर के फाइनल से हार्ट संबंधी समस्या का हवाला देते हुए नाम खींच लिया था.
रिकॉर्ड का कोई जवाब नहीं
इन सब विवादों के बावजूद 6 फीट 6 इंच लंबे 24 साल के इस तैराक की एथलेटिक्स में उपलब्धियों पर कोई भी उंगली नहीं उठा सकता. वह चीन के सबसे सफल तैराक माने जाते हैं.
यांग लंदन ओलिंपिक, 2012 में 400 मीटर और 1500 मीटर में तैराकी में चीन के पहले पुरुष चैंपियन बने थे. उन्होंने इसमें अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा था. इससे पहले उन्होंने शंघाई में 2011 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में ग्रांट हैकेट के दशकों पुराने रिकॉर्ड को अपने नाम किया था. इस प्रकार लंदन में दो गोल्ड मेडल के साथ वह चीन के तैराकों में नंबर वन पर पहुंच गए, वहीं ओलिंपिक में तैराकी में चीन का यह सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा. चीन की पोजिशन 5 गोल्ड के साथ अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर रही.
फिटनेस पर सवाल
हालांकि चीन की तैराकी टीम को 1990 के दशक में डोपिंग मामलों के चलते शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी. हिरोशिमा में हुए एशियन गेम्स, 1994 में चीन के सात तैराक स्टेरॉयड लेने के दोषी पाए गए थे. यांग भी इससे अछूते नहीं रहे.
चीन की तैराकी टीम में यांग सबसे पसंदीदा चेहरा हैं, लेकिन वह अप्रैल में पैर में चोट के कारण नेशनल चैंपियनशिप में भाग नहीं ले पाए थे. ऐसे में उनके फॉर्म को लेकर संदेह है. पिछले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में सुन यांग ने 400 और 800 मीटर में जीत हासिल की थी, लेकिन 1500 मीटर से हार्ट समस्या का हवाला देकर नाम वापस ले लिया था.
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