ऑकलैंड:
- विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने कहा कि जब यूक्रेन का मुद्दा आता है तो स्वभाविक है कि अलग-अलग देश और क्षेत्र थोड़ी अलग तरीके से प्रतिक्रिया करेंगे. विदेश मंत्री ने कहा कि लोग उसे अपने नजरिये, तात्कालिक हित,ऐतिहासिक अनुभव और अपनी असुरक्षा के संदर्भ में देखते हैं.
- जयशंकर ने कहा कि इस स्थिति में वह देख रहे हैं कि भारत क्या कर सकता है, ‘‘जो निश्चित तौर पर भारत के हित में होगा, लेकिन साथ ही विश्व के हित में भी होगा.''
- विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने कहा ‘‘जब मैं संयुक्त राष्ट्र में था तो सबसे बड़ी चिंता जपोरिज्जिया परामणु संयंत्र को लेकर थी क्योंकि उसके बहुत करीब लड़ाई चल रही थी. हमसे रूस पर इस मुद्दे पर दबाव बनाने का अनुरोध किया गया, जो हमने किया. अलग-अलग समय पर अलग-अलग चिंताएं भी हैं जिन्हें हमारे समक्ष विभिन्न देशों या संयुक्त राष्ट्र ने उठाया.
- जयशंकर ने 16 सितंबर को अस्ताना में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन(SCO) सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात का संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘अगर हम अपना रुख तय करते हैं और अपने विचारों को रखते हैं, तो मैं नहीं मानता कि देश उनका अनादर करेंगे, और यह हमारे प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) और राष्ट्रपति (व्लादिमीर) पुतिन की बैठक में भी दिखा.''
- जयशंकर ने कहा, ‘‘अगर आज आप विशेष तौर पर दक्षिण अफ्रीका की यात्रा करेंगे, तो वहां पर महामारी के दौरान किए गए व्यवहार को लेकर आक्रोश का भाव है. आज वहां हताशा का भाव है कि उनकी बात दुनिया में सुनी नहीं जा रही है. मैं इस मुद्दे को खाद्य और ईंधन के संदर्भ में देखता हूं.''
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Russia Ukraine War, S Jaishankar, Latest News, External Affairs Minister S Jaishankar In New Zealand, S Jaishankar In New Zealand