Udaipur News: क्या कोई अपराधी 13 साल तक पुलिस की आंखों में धूल झोंक सकता है? जवाब है- हां, लेकिन उदयपुर पुलिस के 'अंडरकवर' जवानों के आगे उसकी चालाकी फेल हो गई. फलासिया थाना पुलिस ने अहमदाबाद की गलियों से छिपे एक ऐसे दरिंदे को ढूंढ निकाला है, जिसने 13 साल पहले एक नाबालिग आदिवासी लड़की का सौदा किया था और महीने भर तक उसके साथ हैवानियत की थी.
नया नाम और नया हुलिया भी नहीं बचा सका
डीएसपी विवेक सिंह के अनुसार, आरोपी इतना शातिर था कि उसने अपनी पुरानी पहचान पूरी तरह मिटा दी थी. वह अहमदाबाद के नवापुरा में नाम बदलकर सामान्य जिंदगी जी रहा था. उसे लगा था कि 13 साल पुरानी फाइल अब पुलिस के दफ्तरों में धूल फांक रही होगी. लेकिन उदयपुर पुलिस ने एक गोपनीय योजना बनाई. पुलिस के जवान बिजली मीटर रीडर और गैस एजेंसी कर्मचारी बनकर उसके मोहल्ले में दाखिल हुए.
मीटर चेक करने के बहाने शिनाख्त, फिर गिरफ्तारी
जवानों ने इलाके में घर-घर जाकर बिजली के मीटर चेक करने और गैस कनेक्शन की जांच करने का नाटक किया. इसी बहाने उन्होंने आरोपी के घर का पता लगाया और उसकी वर्तमान पहचान की पुष्टि की. जैसे ही इशारा मिला, टीम ने उसे दबोच लिया. 13 साल से फरार चल रहे इस आरोपी को जब पुलिस ने पकड़ा, तो वह हक्का-बक्का रह गया.
उदयपुर पुलिस ने कोर्ट में किया पेश
यह मामला 13 साल पहले का है, जब इस आरोपी ने एक मासूम आदिवासी लड़की को दलालों से खरीदा था. उसे बंधक बनाकर एक महीने तक दरिंदगी की गई. पुलिस ने उस वक्त लड़की को बेचने वाले आरोपियों को तो सलाखों के पीछे भेज दिया था, लेकिन मुख्य खरीदार और बलात्कारी फरार हो गया था. अब 13 साल बाद फलासिया थानाधिकारी सीताराम मीणा की टीम ने इस अपराधी को न्यायालय के कटघरे तक पहुंचाया है.
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