बेतिया जिले के नरकटियागंज में आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी. अचानक बदले मौसम ने जन-जीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. तेज हवा के कारण कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे प्रमुख सड़कों पर घंटों तक आवागमन बाधित रहा. रात से ही बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ.
सड़क पर लगा लंबा जाम
नरकटियागंज-बलथर मुख्य मार्ग स्थित खैरवा चौक पर एक विशाल पेड़ बिजली के खंभे के साथ सड़क पर गिर पड़ा. पेड़ गिरते ही सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया. नरकटियागंज-रामनगर मुख्य मार्ग पर भी आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर पेड़ गिरने से लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. कई छोटे वाहन घंटों फंसे रहे, जबकि यात्रियों को पैदल ही रास्ता पार करना पड़ा.
महायज्ञ का पंडाल भी गिरा
तेज आंधी की चपेट में आकर संस्कृत विद्यालय परिसर में आयोजित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का विशाल पंडाल भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गया. घटना के समय वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हालांकि, स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. पंडाल गिरने से यज्ञ आयोजन समिति को भारी नुकसान होने की बात कही जा रही है.

भारी बारिश से यज्ञ के लिए गनाया गया पंडाल गिर गया. (Photo- NDTV)
बिजली की सप्लाई बाधित
आंधी-बारिश के कारण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. कई जगह तार टूटने और खंभे गिरने से रात से ही बिजली आपूर्ति बाधित है. इससे लोगों को गर्मी और पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ रहा है. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, बिजली विभाग और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया.
जेसीबी और कर्मचारियों की मदद से सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाकर यातायात बहाल किया गया. परशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
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