राजस्थान के सवाई माधोपुर में वन विभाग ने आखिरकार उस तेंदुए को पकड़ लिया है, जिसने मां के सामने से 3 साल के बच्चे को आंगन में से उठा ले गया था. तेंदुए के हमले में बच्चे की मौत हो गई थी और तेंदुए के हमले की घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग की चौकी में आग लगा दी थी. तेंदुए के पकड़े जाने के बाद आसपास के ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है. उधर वन विभाग का कहना है कि आम लोगों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं. साथ ही वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
आंगन में खेल रहे बच्चे पर किया था हमला
दरअसल, 20 अगस्त को रणथंभौर टाइगर रिजर्व के फलौदी रेंज के एक गांव में तेंदुआ बच्चे को उठा ले गया था. दुमोदा गांव में संजय बैरवा का 3 वर्षीय मासूम बच्चा दिलखुश परिवारजनों के बीच घर के आंगन में खेल रहा था. तभी एक अचानक से आए लेपर्ड ने मासूम बच्चे पर अचानक हमला कर दिया और परिजनों के सामने ही लेपर्ड बच्चे को मुंह में दबोचकर ले गया. बच्चे के पास में ही बैठी मां ने तेंदुए के मुंह से मासूम को छुड़ाने की काफी कोशिश की, पर वह सफल नहीं हो सकी.
बच्चे की मौत के बाद ग्रामीणों ने वन चौकी में लगाई आग
इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने फलौदी रेंज वन चौकी में आगजनी कर दी. उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे. तेंदुए के हमले में बच्चे की मौत के बाद वन विभाग ने इलाके में निगरानी और रेस्क्यू अभियान शुरू किया. घटना के बाद वन विभाग द्वारा दुमोदा से एक लेपर्ड और एक भालू को रेस्क्यू किया गया था और अब एक बार फिर एक लेपर्ड वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया.
रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि बालक की मौत की घटना के बाद से ही वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी और अथक प्रयास किए जा रहे थे. इससे पहले भी इसी इलाके में एक तेंदुआ पकड़ा जा चुका था. हालांकि, क्षेत्र में एक अन्य लेपर्ड की मौजूदगी के प्रमाण लगातार मिल रहे थे, जिसे देखते हुए वन विभाग ने लेपर्ड की गतिविधियों के आधार पर निगरानी और रेस्क्यू प्रयास जारी रखे. अब बीती रात दूसरे तेंदुए को भी सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया गया.
ग्रामीणों से वन विभाग ने सतर्क रहने की अपील की
डीएफओ के अनुसार, दुमोदा क्षेत्र में वन विभाग द्वारा लगातार कैमरा ट्रैप, केज ट्रैप और नियमित गश्त के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा दिन-रात किए गए निरंतर प्रयासों से यह कार्रवाई सफल हुई. इसी क्षेत्र में आबादी के आसपास बार-बार आ रहे एक स्लॉथ भालू (रीछ) को भी पूर्व में सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया गया था.
आमजन की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करने के उद्देश्य से भालू को भी सुरक्षित रूप से पकड़ा गया था. वन विभाग की टीमें क्षेत्र में सतर्क हैं और आवश्यकता के अनुसार आगे भी आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी. वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, वन्यजीव दिखाई देने पर उसके पास न जाएं और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें.
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