राजस्थान में तबादले पर छूट की समय सीमा 10 जुलाई तक थी. इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग विभागों में बड़ी संख्या में तबादले हुए हैं. विभिन्न विभागों से जारी ट्रांसफर लिस्ट में अजीबोगरीब बात सामने आई. कहीं टाइपिंग एरर से मर चुके पुलिस अधिकारी का तबादला कर दिया गया तो कहीं 3 महीने पहले वनकर्मी का भी ट्रांसफर लिस्ट में नाम डाल दिया गया. इन सबके अलावा एक और अजीब बात देखने को मिली. प्रदेश में पटवारी के ट्रांसफर लिस्ट में विधायक का नाम डाल करके तबादले का आदेश थमा दिया गया. जब अजीबोगरीब तबादले की लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली.
ट्रांसफर के लिए विधायक से करवाई सिफारिश
दरअसल, शुक्रवार को पटवारियों की स्थानांतरण सूची जारी हुई. इस सूची में डीग जिले में एक रिटायर्ड सैनिक लौटना चाहते थे, नरेंद्र सिंह पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा ज़िले में पोस्टेड थे. उन्होंने भरतपर के पास डीग के सोनगांव के लिए विधायक से सिफारिश लिखवाई, लेकिन आदेश निकल गया डीग कुम्हेर के विधायक शैलेश सिंह का. जब लिस्ट पब्लिक डोमेन में सामने आई तो लोगों ने इसे सोशल मीडिया पर जमकर वायरल किया. अब नरेंद्र सिंह संशोदित लिस्ट का इंतजार कर रहे हैं कि विधायक का नाम हटे और उनका नाम सूची में आए.
3 महीने पहले मर चुके वनकर्मी की तैनाती
इसके अलावा वन विभाग के डाटा बेस को भी लेकर के सवाल उठ रहे हैं. जब ये सामने आया है कि अप्रैल में हुई मौत के बाद रिकॉर्ड अपडेट नहीं है और एक मृत वनपाल का ट्रांसफर अलवर में ही उमरैण से सरिस्का कर दिया. जानकारी के मुताबिक, वनकर्मी अखिलेश डूडी की 07 अप्रैल को मौत हो गई, अखिलेश का शव उमरैण के वन चौकी में एक कमरे में लटका हुआ मिला. लेकिन हैरत की बात ये है कि शुक्रवार को वन विभाग की ट्रांसफर सूची में इनका तबादला सरिस्का वायरलेस कण्ट्रोल रूम में किया गया. अखिलेश डूडी खैरथल अलवर के रहने वाले थे. इनके परिवार में 3 बच्चे हैं. फिलहाल परिवार ने कोई औपचारिक टिपण्णी नहीं की है, लेकिन वन विभाग के डाटा बेस को लेकर ये एक बड़ी चूक मानी जा रही है.
जिस ASI की हुई मौत, उसका भी ट्रांसफर
उधर पुलिस रेंज आईजी जोधपुर कार्यालय से बड़ी प्रशासनिक चूक का बड़ा मामला सामने आया. जहां पर मृत ASI का बाड़मेर से बालोतरा जिले में ट्रांसफर कर दिया. इस वाक्य के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की किरकिरी हो रही है और लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं. दरअसल जोधपुर रेंज आईजी शरद कविराज ने 9 जुलाई को 39 सहायक उप निरीक्षकों के एक जिले से दूसरे जिले में तबादले की सूची जारी की थी, जिसमें सहायक उप निरीक्षक अनूपाराम का भी नाम है.
पर सबसे बड़ी बात यह रही है कि अनूपाराम की 1 जुलाई को मौत चुकी है. बाड़मेर जिले के नागाणा थाना क्षेत्र के बाटाडू पुलिस चौकी के तत्कालीन प्रभारी अनोपाराम की अचानक तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद चार दिन तक उनका जोधपुर के अस्पताल में इलाज चला था और 1 जुलाई को उनकी मौत हो गई. इसके बाद जब जोधपुर से तबादला सूची जारी हुई तो उनका सूची में 16 नम्बर पर नाम डाल दिया गया और बाड़मेर जिले से उनके गृह जिले बालोतरा में उनका ट्रांसफर कर दिया गया.
प्रशासनिक स्तर पर हुई इस चूक के बाद अभी तक पुलिस की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर जमकर पुलिस को ट्रोल किया जा रहा है. तबादला सूची जारी होने से पहले रेंज आईजी कार्यालय से एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले सहायक उप निरीक्षकों के प्रार्थना पत्र मांगे गये थे उन्ही के आधार अपर यह सूची जारी की गई हैं.
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