- गुरुग्राम के सुशांत लोक फेज-1 में लंदन से जुड़े गैंगस्टर के शूटरों ने कारोबारी के घर पर हमला किया था.
- पुलिस को पहले से हमले की सूचना थी और उन्होंने इलाके में सादे कपड़ों में तैनाती कर रखी थी.
- बदमाशों ने बिना सोचे-समझे ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की.
फिल्मों में पुलिस अक्सर घटना के बाद आती है. लेकिन यहां पुलिस पहले से थी, पुलिस को अंदाजा था कि विदेश में बैठे एक खूंखार गैंगस्टर के शूटर यहां आ सकते हैं, इसलिए पुलिस ने शूटरों को घेरने का होमवर्क पहले से ही कर लिया था और फिर ऐसी मुठभेड़ हुई जो गुरुग्राम के इतिहास की सबसे बड़ी मुठभेड़ थी.
गुरुग्राम के सबसे पॉश इलाकों में गिने जाने वाले सुशांत लोक फेज-1 में गुरुवार रात ऐसा शूटआउट हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया. कुछ मिनटों तक लगातार गोलियां चलती रहीं. हर तरफ सिर्फ गोलियों की आवाज गूंज रही थी. लोगों को पहले लगा कि शायद किसी ने पटाखे छोड़े है या किसी चीज के ब्लास्ट हो रहे हैं. लेकिन कुछ ही देर बाद सोसाइटी में रहने वाले लोगों के मोबाइल पर मैसेज आने लगे कि इलाके में गोलीबारी हो रही है और सभी लोग तुरंत अपने-अपने घरों के अंदर चले जाएं. इसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. लोग अपने बच्चों को लेकर कमरों में छिप गए, दरवाजे बंद कर दिए और खिड़कियों से बाहर झांककर हालात देखने लगे.
ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी थी
यह पूरी घटना रात करीब साढ़े 9 से 10 बजे के बीच की है. पुलिस के मुताबिक, लंदन में बैठे गैंगस्टर दीपक नांदल के गैंग के पांच शूटर एक काली स्कॉर्पियो में सवार होकर कारोबारी विशाल बेरी के घर पहुंचे थे. गाड़ी की नंबर प्लेट को काले टेप से ढक दिया गया था, ताकि रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरे गाड़ी की पहचान न कर सके. जैसे ही गाड़ी घर के सामने रुकी, तीन बदमाश नीचे उतरे और बिना कुछ सोचे-समझे कारोबारी के घर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी. वहीं, एक बदमाश पूरे हमले की मोबाइल से वीडियो बना रहा था. पुलिस को शक है कि यह वीडियो गैंग के सरगना को भेजने के लिए बनाया जा रहा था, ताकि यह दिखाया जा सके कि रंगदारी नहीं देने पर हमला कर दिया गया.
पुलिस की टीम अलर्ट पर थी
दरअसल, कारोबारी विशाल बेरी को काफी समय से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं. आरोप है कि गैंग ने उनसे 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी. जब पैसे नहीं मिले तो उन्हें सबक सिखाने के लिए उनके घर पर हमला करने की साजिश रची गई. पुलिस को पहले ही इस हमले की भनक लग गई थी. इसके बाद क्राइम ब्रांच ने कारोबारी के घर के आसपास सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया था, बैकअप टीम को अलर्ट पर रखा गया. आसपास के थानों की पुलिस भी अलर्ट पर थीं.
दोनों तरफ से लगातार फायरिंग हुई
जैसे ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू की, पहले से घात लगाकर बैठी पुलिस टीम हरकत में आ गई. पुलिस ने तीन तरफ से बदमाशों को घेर लिया. खुद को घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस पर भी गोलियां चलानी शुरू कर दीं. इसके बाद दोनों तरफ से लगातार फायरिंग शुरू हो गई. इलाके में गोलियों की आवाज इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक रहने वाले लोग भी सहम गए. कई लोगों ने अपने घरों की बालकनी और खिड़कियों से इस पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया. वीडियो में लगातार गोलियों की आवाज साफ सुनाई देती है.
65 राउंड गोलियां चलीं
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने भागने की कोशिश भी की. स्कॉर्पियो चला रहा आरोपी तेजी से गाड़ी भगाने लगा. लेकिन घबराहट में गाड़ी सड़क किनारे झाड़ियों में जा घुसी. इसके बाद बदमाश बाहर निकलकर पुलिस पर लगातार फायरिंग करते रहे. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. दोनों तरफ से करीब 65 राउंड गोलियां चलीं. यह पूरी मुठभेड़ कई मिनट तक चली और पूरे इलाके में दहशत फैल गई.
इस मुठभेड़ में स्कॉर्पियो में बैठे पांचों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए. वहीं, तीन पुलिसकर्मी भी गोली लगने से जख्मी हुए. सभी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार बदमाशों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. घायल पुलिसकर्मियों का भी इलाज चल रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पुलिसकर्मी खतरे से बाहर हैं.
विदेशी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल भी जब्त
मौके से पुलिस ने पांच विदेशी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और अन्य सामान बरामद किया है. शुरुआती जांच में पता चला है कि सभी बदमाश पेशेवर शूटर थे और पूरी तैयारी के साथ आए थे. पुलिस को यह भी शक है कि उन्होंने वारदात से पहले कई बार इलाके की रेकी की थी और उन्हें यह भी पता था कि रात 11 बजे के बाद बिना रजिस्ट्रेशन किसी गाड़ी को कॉलोनी में एंट्री नहीं मिलती. इसलिए उन्होंने वारदात को 11 बजे से पहले अंजाम देने की योजना बनाई थी.
पुलिस अब इस पूरे हमले की साजिश , शूटरों को हथियार कहां से मिले, फायरिंग की वीडियो किसे भेजी जानी थी और लंदन में बैठे गैंगस्टर दीपक नांदल से इन बदमाशों का सीधा संपर्क कैसे था,ये सब पता लगा रही है. बरामद मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज और बाकी डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस गैंग से जुड़े दूसरे लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी. गुरुग्राम के बीचों-बीच हुई इस आमने सामने की मुठभेड़ ने एक बार फिर दिखा दिया कि विदेश में बैठे गैंगस्टर भारत में अपने गुर्गों के जरिए रंगदारी और दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन इस बार पुलिस की मुस्तैदी और पहले से की गई तैयारी की वजह से एक बड़ी वारदात टल गई और गैंग के चार शूटर मौके पर ही ढेर हो गए.
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