उदयपुर में मानव तस्करी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. गोवा में रेलवे पुलिस की सहायता से गोवा बाल कल्याण समिति ने उदयपुर के 7 बच्चों को रेस्क्यू किया है. इनमें 2 लड़कियां और 5 लड़के है, जिनकी उम्र 7 से 12 साल बताई जा रही है. बीजेपी सांसद मन्नालाल रावत ने धर्मांतरण की संभावना जताते हुए गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि कथित ईसाई मिशनरियों और एक सुगठित इकोसिस्टम द्वारा शिक्षा की आड़ में बच्चों को राजस्थान से बाहर ले जाने और फिर उनका धर्मांतरण करने की आशंका है.
पहले अहमदाबाद, फिर ट्रेन से पहुंचे गोवा
सांसद रावत के मुताबिक, "उदयपुर के 7 बच्चों को तमिलनाडु के स्कूल में भर्ती करवाने के नाम पर आरोपी ले जा रहे थे. ये बच्चे बस से अहमदाबाद और वहां से रेल द्वारा गोवा पहुंचे थे. किसी व्यक्ति ने रेलवे पुलिस को सूचना दे दी, जहां से गोवा की बाल कल्याण समिति को जानकारी दी गई."

बीजेपी सांसद मन्नालाल रावत ने गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखा.
बीजेपी सांसद का दावा- 15 बच्चे पहले भेजे जा चुके
बताया जा रहा है कि ये सभी बच्चे झाड़ोल तहसील के अलग-अलग गांव के हैं. बीजेपी सांसद का दावा है कि इन गरीब बच्चों को पढ़ाई के नाम पर ले जाया जा रहा है. वहां पहले से ही उदयपुर के कुछ बच्चे हैं, जिनकी संख्या 15 तक होने की बात सामने आ रही है. गोवा की बाल कल्याण समिति ने उदयपुर में बाल कल्याण समिति (CWC) की सूचना दी. इसके बाद उदयपुर से एक टीम गोवा पहुंची और बच्चों को लेकर उदयपुर आई. सीडब्ल्यूसी बच्चों की काउंसलिंग कर रही है.
NIA-IB से जांच के लिए लिखा पत्र
डॉ. रावत का कहना है कि इस पूरे प्रकरण के तार पंजाब, झारखंड, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु के साथ पाकिस्तान-नेपाल से भी जुड़े हो सकते हैं. इस मामले में उन्होंने डिजिटल लेन-देन का भी शक जताया है. रावत ने कहा कि एनआईए, सीबीआई और इंटेलिजेंस ब्यूरो आईबी से मामले की जांच करवाई जानी चाहिए.
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