भरतपुर नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन शनिवार को भरतपुर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह 10 बजे से ही पार्षद पद के दावेदार ढोल-नगाड़ों और समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचने लगे. इस दौरान वार्ड नंबर 61 में ननद और भाभी के बीच दिलचस्प चुनावी मुकाबला देखने को मिला.
पार्षद के लिए किया नामांकन
ओबीसी महिला के लिए आरक्षित वार्ड नंबर-61 से ननद प्रिया सिंह और उनकी भाभी नीरज ने पार्षद प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है. एक ही परिवार की 2 महिलाओं के एक ही वार्ड से चुनाव मैदान में उतरने के बाद यह मुकाबला चर्चा का विषय बन गया है.
दोनों प्रत्याशियों ने जीत के बाद वार्ड की छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान करने की बात कही है. उनका कहना है कि क्षेत्र में जनता की मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा और पानी, बिजली, सड़क, सफाई व जलभराव जैसी समस्याओं के समाधान के लिए काम किया जाएगा.
प्रत्याशियों में दिखा काफी उत्साह
नगर निकाय चुनाव के नामांकन के दूसरे दिन पार्षद पद के लिए प्रत्याशियों में खासा उत्साह देखने को मिला. बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने पहुंच रहे हैं. भाजपा और कांग्रेस की ओर से अभी तक प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की गई है. ऐसे में दोनों प्रमुख दलों से टिकट की दावेदारी कर रहे कई संभावित उम्मीदवार भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं.
बताया जा रहा है कि दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से प्रत्याशियों की सूची जल्द जारी की जा सकती है, जिसके बाद चुनावी तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए
नामांकन प्रक्रिया के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है. जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग की गई है और आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है.
भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस तैनात
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने नामांकन कक्ष में प्रवेश को लेकर भी विशेष व्यवस्था की है. प्रत्याशी के साथ केवल पांच लोगों को ही अंदर प्रवेश की अनुमति दी जा रही है, जिसमें प्रस्तावक और समर्थक शामिल हैं. इसका उद्देश्य नामांकन कक्ष के भीतर भीड़ और अव्यवस्था को रोकना है.
समर्थकों का हुजूम दिखाई दिया
कलेक्ट्रेट के बाहर का नजारा पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया. सड़क पर प्रत्याशियों के समर्थकों का हुजूम दिखाई दिया. कई प्रत्याशी नारेबाजी, ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ शक्ति प्रदर्शन करते हुए नामांकन दाखिल करने पहुंचे. इस दौरान पुलिस को कई बार भीड़ को नियंत्रित करने और सड़क पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ी.
प्रत्याशियों का कहना है कि इस बार नगर निकाय चुनाव स्थानीय और मूलभूत मुद्दों पर लड़ा जाएगा. पानी, बिजली, सड़क, सफाई और जलभराव जैसी समस्याएं प्रमुख चुनावी मुद्दे बनी हुई हैं. कई प्रत्याशियों ने दावा किया कि उनके वार्डों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है और वे इन्हीं मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे.
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