पड़ोस में एक बर्थडे पार्टी से बच्चे हंसते-खेलते हुए घर लौटे थे. पर उनको क्या पता था कि महज कुछ ही देर बाद क्या होने वाला है. आसपास के लोगों को भी इस बात बात का अंदाजा नहीं था कि एक-एक करके पूरा परिवार ही इस दुनिया को हमेशा के लिए छोड़कर चला जाएगा. इस सबके पीछे वजह जो भी रही, पर इस घटना ने दिल दहला दिया. घटना राजस्थान के जैसलमेर जिले में रविवार देर शाम को हुई. जब घर में पानी के टांके में एक के बाद एक 4 लाशें निकलीं तो वहां पर मौजूद हर किसी का कलेजा चीख उठा.
बर्थडे पार्टी से लौटते हुई घटना
जैसलमेर जिले के पोकरण में रामदेवरा के पास लोहारकी गांव है. रविवार रात को गांव में एक परिवार में बर्थडे की पार्टी थी. इसी बर्थडे पार्टी में गांव के जसराज के दोनों बच्चे (दस वर्षीय बेटे भरत और पांच वर्षीय बेटी मनीषा) भी गए थे. भरत और मनीषा ने जन्मदिन पार्टी में अच्छे से खाया पिया और मजे किया. इसके बाद वे दोनों वापस अपने घर लौटे. उनके घर लौटने के आधे घंटे बाद जो हुआ, वह पूरे गांव वालों को स्तब्ध कर दिया.
4 महीने से बेरोजगार था जसराज
जसराज सुथार (35), उनकी पत्नी निरमा (30), 10 वर्षीय बेटे भरत और 6 वर्षीय बेटी मनीषा के शव घर में बने पानी के टांके से मिले. जसराज सुथार लकड़ी का काम करता था. वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था और अलग मकान में रहता था. पिछले 4 महीने से वह बेरोजगार था. जिसके चलते मानसिक तनाव में आ गया और रविवार की रात्रि को अपने घर के बाहर बने टांके के अंदर पहले दोनों बच्चों को फेंका.

पानी से लबालब भरा था पानी का टांका
उसके बाद खुद भी टांके में कूद गया. चीखने चिल्लाने की आवाज आई तो पत्नी भी टांके के पास कूदी और तीनों को बचाने के चक्कर में अंदर कूद गई और देखते ही देखते कुछ ही सेकंड में पूरा परिवार काल के गाल में समा गया. जानकारी के अनुसार, शाम करीब 7:30 बजे के आसपास यह घटना हुई. घर का टांका पानी से लबालब भरा हुआ था और उसकी गहराई करीब 10 फीट बताई जा रही है.

भाई ने क्या बताया
मृतक जसराज सुथार के भाई ने बताया कि वह शाम को दोनों बच्चों को लेकर टांके के पास गया था. मैंने सोचा- वह उनके साथ खेल रहा है. फिर अचानक तेज आवाज आई और मैंने आसपास के लोगों के साथ भाई के घर पहुंचा और सभी को टांके से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया. वहीं, भाई घनश्याम ने बताया कि जसराज पिछले 4 महीने से बेरोजगार था, पर आत्महत्या कर देगा. इसकी बिल्कुल जानकारी नहीं थी.
मृतक जसराज के चाचा ने बताया कि इसके पिता की भी मानसिक हालत सही नहीं थी. पर उसने कभी कोई ऐसा गलत कदम नहीं उठाया. बेरोजगारी के चलते कई बार हिम्मत से काम लेने की सलाह दी गई. लेकिन उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया और पूरा परिवार खत्म हो गया. घटना के बाद लोहारकी गांव में हड़कंप मच गया. (पोकरण से गिरिराज छंगाणी की रिपोर्ट)
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