- IPS बृजेश उपाध्याय वर्तमान में राजस्थान के भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षक हैं.
- सालभर सौ झूठे मामलों का पर्दाफाश किया है. 11 दोषियों को जुर्माना और सजा दिलवाई गई है.
- BNS की धारा 217 और 248 के तहत झूठे मुकदमे दर्ज करने पर दस साल तक की सजा का प्रावधान है.
IPS Brijesh Upadhyay: भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी बृजेश उपाध्याय ने राजस्थान के भिवाड़ी में फर्जी मुकदमे दर्ज कराने वाले गिरोहों और झूठे शिकायतकर्ताओं के खिलाफ एक ऐसा अभियान छेड़ा है, जिसने हड़कंप मचा दिया है. हनीट्रैप, गैंगरेप और हत्या जैसे संगीन अपराधों के झूठे मामलों में बेकसूरों को फंसाकर पैसे ऐंठने वाले सिंडिकेट को ध्वस्त करते हुए उन्होंने न केवल 100 फर्जी FIR का पर्दाफाश किया है, बल्कि दोषियों को अदालत के जरिए सजा और जुर्माना भी दिलवाना शुरू कर दिया है.
NDTV से बातचीत में आईपीएस बृजेश उपाध्याय ने झूठे लोगों को सजा दिलवाने और उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से आकर UPSC में चार बार असफल होने के बावजूद हिम्मत न हारने की पूरी कहानी बयां की है. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राजस्थान के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक, भिवाड़ी में झूठी गवाही देने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने वालों को वे कानूनी सबक सिखा रहे हैं.
100 मामलों में लगी फाइनल रिपोर्ट, 11 दोषियों पर जुर्माना
भिवाड़ी एसपी बृजेश उपाध्याय ने बताया कि उनके जिले में सालभर में दर्ज होने वाली कुल FIR में से 100 ऐसे मामले उजागर हुए हैं, जिनमें झूठ पकड़ में आने की वजह से अंतिम रिपोर्ट लगाई जा चुकी है. खास बात यह है कि उन 100 केसों में से 11 में दोषियों को सजा भी दिलवाई जा चुकी है. इसे ऐसे समझिए कि इन 11 मामलों में झूठ के जरिए किसी बेकसूर को फंसाया जा रहा था, लेकिन पुलिस ने सच सामने लाकर अब उन्हीं झूठे शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है.
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BNS के तहत 10 साल तक की सजा का प्रावधान
आईपीएस बृजेश उपाध्याय के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 और 248 में झूठे मुकदमे दर्ज करवाने, झूठी गवाही देने या किसी के झूठ की वजह से दूसरे व्यक्ति की जान पर बन आने की स्थिति में दोषियों को 10 साल तक की सजा दिलवाने का प्रावधान है. फिलहाल झूठे व्यक्तियों को आर्थिक दंड से दंडित करवाया जा रहा है.
भिवाड़ी जिले के विभिन्न पुलिस थानों में झूठ पकड़ में आने पर इस्तगासे के जरिए पूरा मामला कोर्ट में भिजवाया जा रहा है. 100 में से 11 मामलों में दोषियों पर एक हजार से दो हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा चुका है. अब दोषियों के पास कोर्ट के नोटिस जाएंगे. शेष मामलों में भी दोषियों को सजा दिलवाने की प्रक्रिया जारी है.
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निर्दोषों को फंसाकर पैसे वसूलता था गिरोह
आईपीएस बृजेश उपाध्याय बताते हैं कि कई मामलों की जांच में पता चला कि लोगों ने संगठित गिरोह बना रखे हैं. ये गिरोह किसी निर्दोष व्यक्ति से रुपये वसूलने के लिए पहले उसे प्रेम-प्रसंग या हनीट्रैप जैसे मामलों में फंसाते हैं और उसके बाद मोटी रकम की मांग करते हैं. पीड़ित को डराने और दबाव बनाने के लिए उस पर रेप का झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया जाता है.
Success Story: IPS बृजेश उपाध्याय की सक्सेस स्टोरी
बता दें कि बृजेश उपाध्याय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले हैं. वे राजस्थान कैडर के 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2018 में बृजेश उपाध्याय ने अखिल भारतीय स्तर पर 112वीं रैंक हासिल की थी. बृजेश उपाध्याय का जन्म 3 अप्रैल 1992 को हुआ था. वे 13 मार्च 2026 से भिवाड़ी के एसपी पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले वे झुंझुनूं, करौली, धौलपुर और डीग जिलों में भी एसपी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
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