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145 किमी/घंटा वाली मालगाड़ी! कोटा में दौड़ी देश की पहली वंदे भारत फ्रेट EMU

कोटा मंडल में लगभग एक महीने तक ट्रायल के दौरान प्रतिदिन 120 से 145 किमी प्रति घंटे की गति से कम से कम दो फेरे लगाए जाएंगे.

145 किमी/घंटा वाली मालगाड़ी! कोटा में दौड़ी देश की पहली वंदे भारत फ्रेट EMU
वंदे भारत की मालगाड़ी ने पहले ही दिन 145 किमी प्रतिघंटे की स्पीड हासिल की
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भारतीय रेलवे ने माल परिवहन को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू का ट्रायल पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में शुरू कर दिया है. पहले ही दिन इस अत्याधुनिक पार्सल रेक ने 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर सफल परीक्षण पूरा किया. अगले एक महीने तक कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर रेलखंड पर अलग-अलग तकनीकी परीक्षण किए जाएंगे. भारतीय रेलवे के माल परिवहन क्षेत्र में नई तकनीकी क्रांति की शुरुआत पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल से हुई है. देश की पहली 16 कोच वाली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) के व्यापक तकनीकी परीक्षण आज से शुरू हो गए. अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) की निगरानी में यह ट्रायल लगभग एक माह तक चलेगा.

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी सौरभ जैन ने बताया कि आईसीएफ चेन्नई में विकसित यह अत्याधुनिक फ्रेट ईएमयू भविष्य में ई-कॉमर्स, एक्सप्रेस पार्सल, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स और समयबद्ध माल परिवहन को नई गति देगी. ट्रायल के पहले दिन सुबह 6 बजे विशेष रेक कोटा से महिदपुर रोड के लिए रवाना हुई. कोटा-महिदपुर रोड सेक्शन पर 120 किमी प्रति घंटे की गति से गैर-रिकॉर्डेड ट्रायल हुआ, जबकि महिदपुर रोड-भवानी मंडी खंड पर 120 और 135 किमी प्रति घंटे की रिकॉर्डेड स्पीड पर परीक्षण किया गया. वापसी के दौरान रेक ने 145 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार हासिल की, जो पहले दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही.

वंदे भारत के ट्रायल में कई तकनीकी चीजों का परीक्षण किया जाएगा

वंदे भारत के ट्रायल में कई तकनीकी चीजों का परीक्षण किया जाएगा
Photo Credit: NDTV

एक माह तक होंगे परीक्षण

रेलवे के अनुसार ट्रायल के दौरान प्रतिदिन कम से कम दो फेरे लगाए जाएंगे. इस दौरान 120 से 145 किमी प्रति घंटे की गति पर ऑसिलेशन ट्रायल, इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस (EBD), कपलर फोर्स, कर्व परफॉर्मेंस, ट्रैक्शन, ब्रेकिंग, जर्क टेस्ट, रीजनरेटिव एनर्जी, सिग्नल एवं दूरसंचार इंटरफेरेंस, डोर ऑपरेशन, सीसीटीवी, लाइटिंग और अन्य सुरक्षा संबंधी परीक्षण किए जाएंगे.

कोटा मंडल में क्यों

रेलवे के अनुसार उत्कृष्ट ट्रैक गुणवत्ता, आधुनिक सिग्नलिंग, सुरक्षित हाई-स्पीड कॉरिडोर और बेहतर परिचालन क्षमता के कारण कोटा मंडल देश की नई हाई-स्पीड रेल तकनीकों के परीक्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है. इससे पहले भी कई आधुनिक ट्रेनसेट का सफल ट्रायल इसी रेलखंड पर किया जा चुका है.

वंदे भारत फ्रेट ईएमयू

16 कोचों वाली इस रेक में 2 रेफर वैन, 2 एनडीटीसी और 12 पार्सल कोच हैं. इसकी कुल पेलोड क्षमता 397.02 टन है. इसमें रेफ्रिजरेटेड पार्सल सुविधा, फोर्स्ड वेंटिलेशन, ऑटोमैटिक चौड़े स्लाइडिंग दरवाजे, सीसीटीवी, एलईडी लाइटिंग, फायर डिटेक्शन सिस्टम और वंदे भारत जैसी आधुनिक ब्रेक एवं प्रोपल्शन तकनीक दी गई है. सुरक्षा के लिए 5 किमी प्रति घंटे से अधिक गति होने पर सभी दरवाजे स्वतः लॉक हो जाते हैं.

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